Jamshedpur Accident: जमशेदपुर में सड़क हादसा, मुआवजे के लिए हुआ बड़ा हंगामा!

जमशेदपुर के धालभूम मुख्य सड़क पर ट्रांसपोर्ट वाहन से हुए हादसे में रमेश कुमार की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। दो दिन के विरोध के बाद परिवार को ₹3.20 लाख मुआवजा मिला। जानिए पूरी खबर!

Feb 27, 2025 - 19:19
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Jamshedpur Accident: जमशेदपुर में सड़क हादसा, मुआवजे के लिए हुआ बड़ा हंगामा!
Jamshedpur Accident: जमशेदपुर में सड़क हादसा, मुआवजे के लिए हुआ बड़ा हंगामा!

जमशेदपुर के धालभूम मुख्य सड़क पर दो दिन पहले हुए भीषण सड़क हादसे में रमेश कुमार की दर्दनाक मौत हो गई थी। रमेश अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बेटियों को छोड़ गए, जिनमें एक सिर्फ 1 साल की है। इस हादसे के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश था।

हादसे के बाद स्थानीय नेताओं और परिजनों ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लगातार प्रदर्शन और घेराव के बाद प्रशासन और ट्रांसपोर्ट कंपनी को झुकना पड़ा और आखिरकार परिवार को ₹3.20 लाख मुआवजे की घोषणा की गई।

कैसे हुआ हादसा?

घटना धालभूम मुख्य सड़क पर हुई, जहां काबरा ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के एक भारी वाहन ने रमेश कुमार को कुचल दिया। बताया जाता है कि यह इलाका अक्सर तेज रफ्तार वाहनों और ट्रैफिक जाम से जूझता है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते

रमेश कुमार चार भाईयों में से एक थे और उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। इसी को देखते हुए स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने न्याय की मांग की और ट्रांसपोर्ट कंपनी से मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया

हंगामे के बाद आया फैसला!

हादसे के बाद भाजपा और आजसू से जुड़े स्थानीय नेताओं ने साकची स्थित काबरा ट्रांसपोर्ट के ऑफिस का घेराव किया। इस दौरान सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और मुआवजे के लिए जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ।

प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि परिवार को वित्तीय सहायता दिए बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा। घंटों चले इस घेराव के बाद साकची थाना प्रभारी आनंद मिश्रा की मध्यस्थता से काबरा ट्रांसपोर्ट के सह-मालिक अमित काबरा ने ₹3.20 लाख मुआवजा देने का निर्णय लिया

नेताओं ने जताई संवेदना, उठाए सवाल

मुआवजा मिलने के बाद भी कई नेताओं ने प्रशासन और ट्रांसपोर्ट कंपनियों की लापरवाही पर सवाल उठाए। आजसू प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने कहा कि सड़क पर ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं

भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष नीतीश कुशवाहा, ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष सागर राय और भाजपा युवा नेता चिंटू सिंह ने भी प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की मांग की।

इस पूरी घटना में राजेश झा, वीरू सिंह, मीरा सिंह, सुषमा कुमारी और प्रताप यादव ने भी अहम भूमिका निभाई और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की लड़ाई लड़ी।

इतिहास दोहरा रहा है!

जमशेदपुर में यह पहली बार नहीं हुआ है। 2022 में भी इसी सड़क पर एक युवक की ट्रक से कुचलकर मौत हुई थी, लेकिन तब भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए थे। शहर में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन ट्रैफिक नियंत्रण के नाम पर सिर्फ हेलमेट चेकिंग और फाइन वसूली होती है।

क्या प्रशासन जागेगा?

अब सवाल उठता है कि –
क्या सिर्फ मुआवजा देना ही समाधान है?
सड़क सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू क्यों नहीं किया जाता?
हर बार जनता को आंदोलन क्यों करना पड़ता है?

रमेश कुमार के परिवार को मुआवजा तो मिल गया, लेकिन क्या प्रशासन कोई ऐसा कदम उठाएगा जिससे आने वाले दिनों में किसी और परिवार को अपनों को खोने का दर्द न सहना पड़े?

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Nihal Ravidas निहाल रविदास, जिन्होंने बी.कॉम की पढ़ाई की है, तकनीकी विशेषज्ञता, समसामयिक मुद्दों और रचनात्मक लेखन में माहिर हैं।