Dhanbad Clash : धनबाद के बलियापुर में बछड़े का अवशेष मिलने पर बवाल, थानेदार से धक्का-मुक्की, पुलिस का लाठीचार्ज
धनबाद के बलियापुर स्थित सिंगियाटांड़ गांव में बछड़े का अवशेष मिलने के बाद दो समुदाय आमने-सामने आ गए। उग्र भीड़ ने थाना प्रभारी के साथ धक्का-मुक्की की, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। सिटी एसपी और भारी बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
धनबाद/बलियापुर, 23 मार्च 2026 – कोयलांचल धनबाद के बलियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंगियाटांड़ गांव में सोमवार की सुबह उस वक्त बारूद की तरह सुलग उठी, जब एक धार्मिक अवशेष मिलने की अफवाह ने सांप्रदायिक रंग ले लिया। गांव के एक सुनसान इलाके में बछड़े का सिर और पैर मिलने की खबर जैसे ही फैली, देखते ही देखते दो समुदायों के लोग सड़कों पर उतर आए और आमने-सामने खड़े हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग और लाठीचार्ज करना पड़ा। इस हंगामे के दौरान आक्रोशित लोगों ने थाना प्रभारी के साथ भी अभद्रता और धक्का-मुक्की की। फिलहाल पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और प्रशासन असामाजिक तत्वों की कुंडली खंगालने में जुटा है।
अफवाह और आक्रोश: कैसे शुरू हुआ सिंगियाटांड़ का विवाद?
सोमवार की अलसुबह जब ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामों के लिए निकले, तो गांव के एक हिस्से में गोवंश के अवशेष मिलने की चर्चा शुरू हुई।
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तनाव की आग: देखते ही देखते यह खबर पूरे बलियापुर प्रखंड में फैल गई। उग्र भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते माहौल हिंसक होने लगा।
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थानेदार पर हमला: सूचना मिलते ही बलियापुर थाना प्रभारी सत्यजीत कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ने के लिए पुलिस टीम पर ही हमला बोल दिया और थानेदार के साथ धक्का-मुक्की की।
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लाठीचार्ज की नौबत: जब स्थिति हाथ से निकलने लगी, तो पुलिस ने 'हल्का लाठीचार्ज' (Mild Lathicharge) किया। पुलिस की लाठियां चटकते ही उपद्रवी गलियों में भाग खड़े हुए और बड़ी घटना टल गई।
अधिकारियों का जमावड़ा: सिटी एसपी ने संभाला मोर्चा
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला मुख्यालय से भारी पुलिस बल सिंगियाटांड़ भेजा गया।
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वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी: डीएसपी आशुतोष सत्यम और सीओ मुरारी नायक तुरंत मौके पर पहुँचे और दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठक की। बाद में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने खुद गांव का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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साजिश की बू: डीएसपी आशुतोष सत्यम ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि यह किसी शरारती तत्व की जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की साजिश थी। अवशेषों को विधि-विधान के साथ वहां से हटाया गया है और जांच के लिए भेजा गया है।
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राजनीतिक हलचल: घटना के बाद बीजेपी नेत्री तारा देवी भी गांव पहुँचीं और दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच करने और साजिशकर्ताओं को बेनकाब करने की अपील की।
बलियापुर का संवेदनशील इतिहास और शांति की अपील
धनबाद का बलियापुर क्षेत्र पहले भी कई बार छोटी-छोटी अफवाहों के कारण सांप्रदायिक तनाव का केंद्र रहा है।
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फेक न्यूज का खतरा: सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारियों ने इस बार भी आग में घी डालने का काम किया। पुलिस की 'साइबर सेल' अब उन व्हाट्सएप ग्रुप्स की निगरानी कर रही है जहाँ से भड़काऊ संदेश फैलाए गए।
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शांति समिति की बैठक: प्रशासन ने गांव में शांति समिति की बैठक बुलाई है। सिटी एसपी ने निर्देश दिया है कि गांव के चप्पे-चप्पे पर अगले 48 घंटों तक पुलिस बल तैनात रहेगा।
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दोषियों पर गिरेगी गाज: पुलिस उन वीडियो फुटेज को खंगाल रही है जिनमें लोग पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते और पत्थरबाजी के लिए भीड़ उकसाते नजर आ रहे हैं।
अगला कदम: ड्रोन से निगरानी और धारा 144 की संभावना
प्रशासन अब गांव में शांति बहाली के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।
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फ्लैग मार्च: शाम के समय पुलिस ने गांव की तंग गलियों में फ्लैग मार्च निकाला ताकि असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया जा सके।
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गिरफ्तारी की तैयारी: पुलिस ने करीब आधा दर्जन संदिग्धों को चिन्हित किया है जिन्होंने मौके पर माहौल को हिंसक बनाने का प्रयास किया था। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
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सतर्कता: आसपास के थानों, जैसे सिंदरी और झरिया को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि तनाव अन्य क्षेत्रों में न फैले।
धनबाद के सिंगियाटांड़ में हुई यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि अफवाहें किस कदर समाज की शांति भंग कर सकती हैं। बछड़े का अवशेष मिलना और उसके बाद पुलिस पर हमला होना यह दर्शाता है कि कुछ लोग जानबूझकर प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव की मुस्तैदी ने एक बड़े दंगे को टाल दिया, लेकिन असली शांति तब आएगी जब इन 'अफवाहबाजों' को सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा। फिलहाल, गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव की राख के नीचे चिंगारी अभी बाकी है।
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