Mgm Kidnap: जमशेदपुर में जमीन कारोबारी का अपहरण, रात भर लात-घूंसों से पीटा, जबरन 6 लाख के पेपर पर कराए साइन
जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र में जमीन कारोबारी लालटू महतो के अपहरण और थर्ड डिग्री टॉर्चर का मामला सामने आया है। परिचितों ने ही बेरहमी से मारपीट कर जबरन 6 लाख रुपये के मनी रिसीव पर हस्ताक्षर करा लिए। वायरल वीडियो और पुलिसिया कार्रवाई की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/एमजीएम, 23 मार्च 2026 – लौहनगरी के एमजीएम थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ाबांकी पीपला में रहने वाले जमीन कारोबारी लालटू महतो के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पैसों के मामूली विवाद में अपनों ने ही विश्वासघात करते हुए न केवल उनका अपहरण किया, बल्कि रात भर बंधक बनाकर 'थर्ड डिग्री' टॉर्चर भी दिया। बेदम होने तक पीटने के बाद आरोपियों ने मौत का खौफ दिखाकर जबरन 6 लाख रुपये के पांच मनी रिसीव पर हस्ताक्षर करा लिए। इस पूरी घटना का एक विचलित करने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कारोबारी को अधमरी हालत में देखा जा सकता है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है।
चांदनी चौक से अपहरण: साजिशन बुना गया मौत का जाल
घटना की शुरुआत 20 मार्च की रात करीब 9:30 बजे हुई, जब लालटू महतो रोजमर्रा की तरह अपने काम से लौट रहे थे।
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भरोसे का कत्ल: लालटू भारत पेट्रोलियम चांदनी चौक के पास अपने परिचित अमितोष महतो उर्फ धनु के साथ खड़े थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका साथी ही इस साजिश का हिस्सा हो सकता है।
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हमला और किडनैपिंग: उसी दौरान गोलकाटा निवासी संतोष कर्मकार दो अन्य गुर्गों के साथ वहां पहुँचा। बिना किसी बातचीत के आरोपियों ने लालटू और धनु के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जबरन कार में डालकर पारडीह की ओर ले गए।
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बिग बाजार के पास टॉर्चर: आरोपियों ने उन्हें पारडीह बिग बाजार के पास रहने वाले विजय शर्मा के सुपुर्द कर दिया। यहाँ से जुल्म का वो सिलसिला शुरू हुआ जो सुबह होने तक जारी रहा।
पूरी रात 'थर्ड डिग्री': 6 लाख के लिए किया लहूलुहान
विजय शर्मा के घर पहुँचते ही लालटू महतो के लिए नरक जैसी स्थिति पैदा हो गई।
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बेरहम पिटाई: विजय शर्मा और उसके ड्राइवर ने लालटू को एक कमरे में बंद कर दिया। रात भर लात-घूंसों और डंडों से उन पर प्रहार किए गए। कारोबारी रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन हमलावरों का दिल नहीं पसीजा।
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जबरन हस्ताक्षर: जब लालटू दर्द से कराह रहे थे, तब आरोपियों ने मौका पाकर 6 लाख रुपये के पांच अलग-अलग मनी रिसीव पेपर टेबल पर रख दिए। जान बचाने के लिए लालटू को उन कागजातों पर साइन करने पड़े।
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मुसाबनी तक ले गए: जुल्म यहीं नहीं थमा। रात करीब 3 बजे उन्हें मुसाबनी ले जाया गया, जहाँ फिर से उनके साथ मारपीट की गई। अंत में उन्हें अधमरी हालत में उनके घर के बाहर फेंक कर आरोपी फरार हो गए।
जमीन कारोबार का खूनी इतिहास और एमजीएम क्षेत्र
जमशेदपुर के बाहरी इलाकों, खासकर एमजीएम, पटमदा और पारडीह में जमीन के कारोबार को लेकर विवादों का पुराना इतिहास रहा है।
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वर्चस्व की जंग: जमीन की बढ़ती कीमतों के कारण छोटे विवाद अब अपहरण और रंगदारी जैसे संगीन अपराधों में बदल रहे हैं। लालटू महतो का मामला भी इसी 'लैंड सिंडिकेट' की आपसी रंजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।
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वायरल वीडियो: घटना के दौरान किसी ने मारपीट का वीडियो बना लिया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो पुलिस के लिए सबसे बड़ा तकनीकी साक्ष्य (Technical Evidence) साबित हो सकता है।
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पहचान का संकट: आरोपी संतोष कर्मकार और विजय शर्मा का नाम सामने आने के बाद इलाके के अन्य जमीन कारोबारी भी डरे हुए हैं।
अगला कदम: विजय शर्मा और संतोष की घेराबंदी
लालटू महतो का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
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पुलिस की छापेमारी: एमजीएम थाना पुलिस ने विजय शर्मा, संतोष कर्मकार और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और जबरन वसूली की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
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फरारी और दबिश: पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि मुख्य आरोपियों का सुराग मिल सके।
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मेडिकल रिपोर्ट: लालटू के शरीर पर मौजूद चोट के निशान और मेडिकल रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाएगा ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके।
जमशेदपुर में लालटू महतो के साथ हुई यह वारदात कानून-व्यवस्था को एक बड़ी चुनौती है। सरेराह अपहरण और फिर रात भर बंधक बनाकर टॉर्चर करना अपराधियों के बेखौफ होने का प्रमाण है। 6 लाख रुपये के कागज पर जबरन साइन कराना यह बताता है कि यह हमला केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक लाभ के लिए सुनियोजित था। एमजीएम पुलिस के लिए अब विजय शर्मा और संतोष कर्मकार को सलाखों के पीछे पहुँचाना साख का सवाल बन गया है। क्या प्रशासन इस 'जमीन माफिया' के आतंक को जड़ से खत्म कर पाएगा? फिलहाल, लालटू महतो न्याय की उम्मीद में अस्पताल के बेड पर पड़े हैं।
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