Ranchi Raid : लालपुर में कॉलेज छात्रों को ड्रग्स बेचता अनिल रजक गिरफ्तार, रेडियम रोड के घर में पुलिस की रेड
रांची के लालपुर में कॉलेज छात्रों के बीच प्रतिबंधित नशीली दवाएं बेचने वाले अनिल रजक को पुलिस ने दबोच लिया है। रेडियम रोड स्थित घर से बरामद भारी मात्रा में कफ सिरप, टैबलेट और मोबाइल की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/लालपुर, 10 अप्रैल 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र लालपुर में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। रेडियम रोड स्थित कुमार मार्केट गली में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने अनिल रजक नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लंबे समय से प्रतिष्ठित कॉलेजों के छात्रों को प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहा था। एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने आरोपी के घर पर दबिश देकर उसे रंगेहाथ पकड़ा है। इस गिरफ्तारी ने शहर के पॉश इलाकों में सक्रिय ड्रग नेटवर्क की पोल खोल दी है।
सर्जिकल स्ट्राइक: छात्रों के बीच 'जहर' बांट रहा था आरोपी
9 अप्रैल को रांची पुलिस को एक पुख्ता जानकारी मिली कि लालपुर जैसे व्यस्त इलाके में नशे का काला कारोबार चल रहा है।
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त्वरित एक्शन: सिटी एसपी के निर्देशन और डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने बिना समय गंवाए रेडियम रोड की उस पतली गली में घेराबंदी की जहाँ अनिल रजक का ठिकाना था।
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औचक छापेमारी: पुलिस की टीम जब अनिल के घर में दाखिल हुई, तो वह संभल नहीं सका। तलाशी के दौरान घर के भीतर से नशीली दवाओं का जखीरा बरामद हुआ।
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गुनाह का कबूलनामा: पूछताछ में अनिल ने स्वीकार किया कि उसका मुख्य टारगेट कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी थे। वह उन्हें सस्ती और प्रतिबंधित दवाओं का नशा करने के लिए उकसाता था।
बरामदगी की लिस्ट: सिरप से लेकर चांदी के सिक्के तक
पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से कई प्रतिबंधित सामग्रियां जब्त की हैं:
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प्रतिबंधित दवाएं: ONREX कफ सिरप की 19 बोतलें और Nitrosum टैबलेट की 75 गोलियां बरामद हुईं, जिनका उपयोग नशे के लिए किया जाता था।
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डिजिटल साक्ष्य: एक रेडमी 10C मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि इस फोन से नशे की सप्लाई पाने वाले छात्रों और इसके पीछे के बड़े सप्लायरों के नंबर मिल सकते हैं।
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अन्य सामान: एक पीला झोला और एक चांदी का सिक्का भी पुलिस ने बरामद किया है, जिसकी जांच की जा रही है।
शिक्षा का हब और 'नशे' की बढ़ती घुसपैठ
लालपुर और रेडियम रोड का इलाका दशकों से रांची की 'एजुकेशनल लाइफलाइन' रहा है।
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कोचिंग और कॉलेज का गढ़: यहाँ रांची कॉलेज (अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी), विमेंस कॉलेज और दर्जनों नामी कोचिंग संस्थान स्थित हैं। ऐतिहासिक रूप से यह छात्रों के संघर्ष और सपनों का केंद्र रहा है।
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बदलता दौर: 2010 के बाद से, बढ़ते शहरीकरण और छात्रों की भारी भीड़ ने इस इलाके को नशे के सौदागरों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' बना दिया।
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ड्रग्स के खिलाफ जंग: लालपुर थाना क्षेत्र में पहले भी एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कई गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन अनिल रजक जैसे 'लोकल सप्लायर' का पकड़ा जाना यह बताता है कि अब जहर गलियों के भीतर तक पहुँच चुका है।
अगली कार्रवाई: कांड संख्या 64/2026 और पुलिस की टीम
लालपुर थाना पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
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विशेष टीम के जांबाज: इस सफल छापेमारी में थाना प्रभारी रूपेश कुमार सिंह के साथ एसआई ऋषिकांत कुमार, आशीष कुमार, एएसआई सुनील मुर्मू, अर्चना महतो और महिला आरक्षी सिया कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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नेटवर्क की तलाश: हालांकि अनिल का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन पुलिस अब उसके 'बैंक ट्रांजेक्शन' और 'कॉल हिस्ट्री' खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि दवाइयों की इतनी बड़ी खेप उसे कहाँ से सप्लाई की जाती थी।
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कॉलेजों में जागरूकता: रांची पुलिस अब कॉलेजों के आसपास गश्त बढ़ाने और छात्रों के बीच नशा विरोधी अभियान चलाने की योजना बना रही है।
रांची के रेडियम रोड में हुई यह कार्रवाई उन अभिभावकों के लिए राहत की खबर है जिनके बच्चे लालपुर के कोचिंग संस्थानों में पढ़ते हैं। अनिल रजक जैसे लोग शिक्षा की आड़ में नशे का घिनौना खेल खेल रहे थे। पुलिस ने भले ही 19 बोतलें और 75 गोलियां पकड़ी हों, लेकिन यह एक बहुत बड़े सिंडिकेट की एक छोटी सी कड़ी हो सकती है। अब जिम्मेदारी केवल पुलिस की नहीं, बल्कि समाज और शिक्षण संस्थानों की भी है कि वे अपने इर्द-गिर्द हो रही ऐसी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें। फिलहाल, अनिल रजक जेल की सलाखों के पीछे है और रांची पुलिस उसके आकाओं तक पहुँचने के लिए जाल बिछा रही है।
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