Baharagora Accident: बहरागोड़ा फ्लाईओवर पर डिवाइडर से टकराई बाइक, होटल कर्मी चंदन की हालत नाजुक

बहरागोड़ा के एनएच-49 माटिहाना फ्लाईओवर पर एक बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। बहुलिया निवासी चंदन खामराई के गंभीर रूप से घायल होने और बारीपदा रेफर किए जाने की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 10, 2026 - 16:28
Apr 10, 2026 - 16:29
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Baharagora Accident: बहरागोड़ा फ्लाईओवर पर डिवाइडर से टकराई बाइक, होटल कर्मी चंदन की हालत नाजुक

बहरागोड़ा/पूर्वी सिंहभूम, 10 अप्रैल 2026 – नेशनल हाईवे-49 (NH-49) पर स्थित माटिहाना फ्लाईओवर शुक्रवार दोपहर एक बार फिर खून से लाल हो गया। बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर से जा टकराई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान बहुलिया पंचायत के धनाडाही गांव निवासी चंदन खामराई के रूप में हुई है। चश्मदीदों की मानें तो टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और युवक लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि उस वक्त पीछे से कोई बड़ा वाहन नहीं आ रहा था, वरना यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।

तेज रफ्तार और डिवाइडर: कैसे घटा माटिहाना कांड?

हादसा दोपहर उस वक्त हुआ जब सड़कों पर आवाजाही सामान्य थी।

  • ड्यूटी पर जा रहा था युवक: चंदन खामराई स्थानीय बहरागोड़ा के एक होटल में कर्मचारी है। वह अपनी दैनिक दिनचर्या के तहत बाइक पर सवार होकर घर से काम के लिए निकला था।

  • अनियंत्रित बाइक: माटिहाना फ्लाईओवर चढ़ते ही बाइक की रफ्तार शायद बढ़ गई या किसी तकनीकी कारण से चंदन ने अपना संतुलन खो दिया। बाइक सीधे कंक्रीट के डिवाइडर से जा भिड़ी।

  • स्थानीय लोगों की मदद: दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मानवता दिखाई। एनएचएआई (NHAI) की एम्बुलेंस को तुरंत सूचना दी गई, जिससे घायल को समय पर अस्पताल पहुँचाना मुमकिन हो सका।

बारीपदा रेफर: जिंदगी और मौत के बीच जंग

चंदन की स्थिति को देखते हुए बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के डॉक्टरों ने उसे तुरंत शिफ्ट करने का निर्णय लिया।

  1. प्राथमिक उपचार: सीएचसी में डॉक्टरों ने खून रोकने और प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की, लेकिन सिर और शरीर के आंतरिक हिस्सों में आई गंभीर चोटों के कारण उसकी हालत बिगड़ने लगी।

  2. बेहतर इलाज की तलाश: बहरागोड़ा के डॉक्टरों ने चंदन की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए उसे ओडिशा के बारीपदा स्थित पीआरएम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है।

  3. नाजुक हालत: फिलहाल चंदन को लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है और अगले 24 घंटे उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं।

बहरागोड़ा का 'खूनी फ्लाईओवर' और सुरक्षा का सवाल

बहरागोड़ा का माटिहाना इलाका भौगोलिक रूप से झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा का त्रिकोण (Tri-junction) है।

  • रणनीतिक महत्व: एनएच-49 (पुराना एनएच-6) कोलकाता को मुंबई से जोड़ता है। यह देश के सबसे व्यस्त राजमार्गों में से एक है।

  • दुर्घटनाओं का गढ़: माटिहाना फ्लाईओवर के निर्माण के बाद से यहाँ वाहनों की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही दुर्घटनाओं के आंकड़े भी डराने वाले हैं। इतिहास गवाह है कि इस फ्लाईओवर पर 'ब्लैक स्पॉट्स' (Black Spots) की वजह से दर्जनों बाइक सवार अपनी जान गंवा चुके हैं।

  • चंदन का गांव धनाडाही: बहुलिया पंचायत का धनाडाही गांव कृषि और छोटे व्यवसायों पर निर्भर है। चंदन जैसे युवाओं का होटल कर्मी के रूप में काम करना क्षेत्र की कामकाजी संस्कृति को दर्शाता है। लेकिन हाईवे के किनारे बसे इन गांवों के युवाओं के लिए रफ्तार अक्सर काल बन जाती है।

अगली कार्रवाई: पुलिस की जांच और हाईवे पेट्रोलिंग

बहरागोड़ा थाना पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही घटनास्थल का मुआयना किया और दुर्घटनाग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है।

  • तकनीकी खराबी की जांच: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या बाइक का टायर फटने या ब्रेक फेल होने की वजह से हादसा हुआ या यह मानवीय भूल थी।

  • ट्रैफिक नियमों का पालन: स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है कि फ्लाईओवर और हाईवे पर हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और गति सीमा का उल्लंघन न करें।

  • एम्बुलेंस रिस्पांस: इस घटना में एनएच एम्बुलेंस का रिस्पांस टाइम काफी अच्छा रहा, जिसकी ग्रामीणों ने सराहना की है। अब सारा ध्यान चंदन की रिकवरी पर है।

बहरागोड़ा का यह हादसा हमें याद दिलाता है कि हाईवे पर एक पल की भी लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है। चंदन खामराई, जो अपने परिवार का सहारा बनने के लिए काम पर जा रहा था, आज बारीपदा के अस्पताल में सांसों के लिए संघर्ष कर रहा है। माटिहाना फ्लाईओवर पर बढ़ती दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए भी चेतावनी है कि यहाँ सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाए। क्या फ्लाईओवर की बनावट में कोई खामी है या यह केवल तेज रफ्तार का नतीजा है? यह जांच का विषय है। फिलहाल, धनाडाही गांव में चंदन के सलामती की दुआएं मांगी जा रही हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।