Jamshedpur Crash: एनएच-33 पर बेलाजुड़ी के पास पलटी तेज रफ्तार कार, मवेशी को बचाने के चक्कर में गई जान पर बन आई, बंगाल की गाड़ी के उड़े परखच्चे

जमशेदपुर के एनएच-33 पर बेलाजुड़ी काली मंदिर के पास एक तेज रफ्तार कार मवेशी को बचाने के चक्कर में पलट गई। बंगाल नंबर की इस गाड़ी में फंसे महिला-पुरुष और रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 10, 2026 - 17:15
 0
Jamshedpur Crash:  एनएच-33 पर बेलाजुड़ी के पास पलटी तेज रफ्तार कार, मवेशी को बचाने के चक्कर में गई जान पर बन आई, बंगाल की गाड़ी के उड़े परखच्चे
Jamshedpur Crash: एनएच-33 पर बेलाजुड़ी के पास पलटी तेज रफ्तार कार, मवेशी को बचाने के चक्कर में गई जान पर बन आई, बंगाल की गाड़ी के उड़े परखच्चे

जमशेदपुर/एमजीएम, 10 अप्रैल 2026 – लौहनगरी के लाइफलाइन कहे जाने वाले एनएच-33 (NH-33) पर शुक्रवार सुबह एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला। एमजीएम थाना क्षेत्र के बेलाजुड़ी काली मंदिर और रंगरसिया ढाबा के समीप एक तेज रफ्तार कार मवेशी को बचाने के फेर में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे कई बार पलट गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार महिला एवं पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की गति इतनी अधिक थी कि पलटने के बाद वह सड़क से काफी दूर जा गिरी।

रफ्तार और मवेशी: बेलाजुड़ी के पास कैसे मची तबाही?

हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ, जब धूप तेज थी और हाईवे पर गाड़ियां फर्राटा भर रही थीं।

  • बंगाल नंबर की कार: दुर्घटनाग्रस्त कार का नंबर WB 02AD 9582 है, जिससे इसके पश्चिम बंगाल से होने की पुष्टि हो रही है। जानकारी के अनुसार, कार घाटशिला की ओर से आ रही थी और जमशेदपुर की ओर बढ़ रही थी।

  • अचानक सामने आई गाय: जैसे ही कार रंगरसिया ढाबा के पास पहुँची, अचानक सड़क के बीचों-बीच एक मवेशी (गाय) आ गई। चालक ने उसे बचाने के लिए जोरदार ब्रेक मारा और स्टीयरिंग मोड़ा, जिससे गाड़ी बेकाबू हो गई।

  • कई बार पलटी गाड़ी: नियंत्रण खोने के बाद कार सड़क पर ही कई बार पलटी (Tumble) और अंततः झाड़ियों के पास जाकर रुकी।

रेस्क्यू ऑपरेशन: राहगीरों ने दिखाई जांबाजी

हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी जिम्मेदारी समझी और राहत कार्य में जुट गए।

  1. पुलिस को सूचना: वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तत्काल एमजीएम थाना पुलिस को फोन किया।

  2. मदद का हाथ: पुलिस के आने से पहले ही लोगों ने कार के भीतर फंसे घायल महिला और पुरुष को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी थी।

  3. अस्पताल रवानगी: एनएच पर तैनात एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत पास के अस्पताल भेजा गया। चूंकि दोनों घायल फिलहाल बेहोश हैं, इसलिए उनकी पहचान और पते की सटीक जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है।

'डेथ जोन' बनती घाटशिला-जमशेदपुर सड़क

एनएच-33, जो रांची को जमशेदपुर और कोलकाता से जोड़ता है, उसका इतिहास सड़क हादसों से भरा रहा है।

  • बेलाजुड़ी का 'ब्लैक स्पॉट': एमजीएम थाना क्षेत्र का बेलाजुड़ी और काली मंदिर इलाका अपनी बनावट और खुले मवेशियों के कारण 'ब्लैक स्पॉट' माना जाता है। यहाँ हाईवे के किनारे कई ढाबे होने के कारण वाहनों की आवाजाही और पार्किंग भी हादसों को न्योता देती है।

  • फोरलेन और पशुओं का खतरा: फोरलेन बनने के बाद गाड़ियों की औसत रफ्तार 80-100 किमी/घंटा रहती है। ऐसे में अचानक मवेशियों का सड़क पर आना जानलेवा साबित होता है।

  • बंगाल-झारखंड रूट का महत्व: घाटशिला-जमशेदपुर मार्ग का इस्तेमाल न केवल स्थानीय लोग, बल्कि बंगाल से आने वाले पर्यटक और व्यापारी भी बड़ी संख्या में करते हैं। इतिहास गवाह है कि बाहरी नंबर की गाड़ियां अक्सर स्थानीय रास्तों की चुनौतियों (जैसे आवारा पशु) को समझ नहीं पातीं और दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं।

अगली कार्रवाई: शिनाख्त की कोशिश और पुलिस की जांच

एमजीएम पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में ले लिया है और घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • पहचान का संकट: पुलिस कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पश्चिम बंगाल के परिवहन विभाग से संपर्क कर रही है ताकि परिजनों को सूचित किया जा सके।

  • बयान का इंतजार: पुलिस का कहना है कि घायलों के होश में आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वे कहाँ से आ रहे थे और क्या गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी भी थी।

  • मवेशी मालिकों पर सवाल: इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर खुलेआम घूमने वाले मवेशियों और उनके मालिकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन पहले भी चेतावनी दे चुका है, लेकिन जमीन पर स्थिति जस की तस है।

एनएच-33 पर हुआ यह हादसा एक चेतावनी है कि रफ्तार जितनी रोमांचक होती है, उतनी ही घातक भी। बेलाजुड़ी काली मंदिर के पास बिखरे कार के कांच के टुकड़े यह गवाही दे रहे हैं कि एक बेजुबान को बचाने की कोशिश में दो इंसानी जानें जोखिम में पड़ गईं। प्रशासन को चाहिए कि वह हाईवे पर आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए ठोस नीति बनाए, अन्यथा घाटशिला-जमशेदपुर रोड इसी तरह 'रक्त रंजित' होती रहेगी। फिलहाल, दुआ यही है कि बंगाल से आए ये मुसाफिर जल्द स्वस्थ हों और अपने घर लौट सकें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।