Jamtara Raid : जामताड़ा में उत्पाद विभाग का बड़ा धमाका, भाई के घर चल रहा था मौत का खेल, 70 बोरा खाली बोतल और स्प्रिट बरामद

जामताड़ा के केंदबोना में उत्पाद अधीक्षक कुंदन कुमार कौशल के नेतृत्व में अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। उमेश और मनोज मंडल के ठिकाने से भारी मात्रा में स्प्रिट और बोतलों की बरामदगी की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 10, 2026 - 17:36
Apr 10, 2026 - 17:54
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Jamtara Raid : जामताड़ा में उत्पाद विभाग का बड़ा धमाका, भाई के घर चल रहा था मौत का खेल, 70 बोरा खाली बोतल और स्प्रिट बरामद
Jamtara Raid : जामताड़ा में उत्पाद विभाग का बड़ा धमाका, भाई के घर चल रहा था मौत का खेल, 70 बोरा खाली बोतल और स्प्रिट बरामद

जामताड़ा/केंदबोना, 10 अप्रैल 2026 – साइबर अपराध के लिए चर्चित जामताड़ा अब अवैध शराब के सिंडिकेट का नया अड्डा बनता जा रहा है। जिले के केंदबोना गांव में उत्पाद विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी चोट करते हुए एक मिनी शराब फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है। उत्पाद अधीक्षक कुंदन कुमार कौशल के नेतृत्व में हुई इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी में भारी मात्रा में स्प्रिट और शराब बनाने के उपकरणों को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई कुख्यात माफिया मनोज मंडल और उसके भाई उमेश मंडल के गुप्त ठिकानों पर की गई। इस कार्रवाई से जिले के अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

सर्जिकल स्ट्राइक: घर के भीतर मिली मिनी शराब फैक्ट्री

उत्पाद विभाग की टीम ने पूरी रणनीति के साथ मनोज मंडल के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जाल बिछाया था।

  • ठिकाने पर दबिश: टीम ने जब केंदबोना स्थित उमेश मंडल के घर पर धावा बोला, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। रिहाइशी इलाके में एक साधारण घर की आड़ में 'जहरीली शराब' तैयार की जा रही थी।

  • बरामदगी की फेहरिस्त: छापेमारी के दौरान टीम ने 45 लीटर स्प्रिट, 36 बोतल तैयार अवैध विदेशी शराब और सबसे चौंकाने वाली चीज—70 बोरा खाली बोतलें जब्त कीं। इतनी बड़ी संख्या में खाली बोतलों का मिलना इस बात का सबूत है कि यहाँ बड़े पैमाने पर ब्रांडेड शराब की रिफिलिंग का धंधा चल रहा था।

  • मौके पर विनाश: शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य कच्ची सामग्रियों और भट्टियों को पुलिस ने मौके पर ही नष्ट कर दिया ताकि दोबारा धंधा शुरू न हो सके।

कुंदन कौशल का कड़ा रुख: माफियाओं की अब खैर नहीं

उत्पाद अधीक्षक कुंदन कुमार कौशल ने प्रेस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है।

  1. प्राथमिकी दर्ज: मामले में मुख्य आरोपी मनोज मंडल और उसके भाई उमेश मंडल के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

  2. सख्त चेतावनी: विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले के किसी भी कोने में अगर अवैध शराब का निर्माण या बिक्री होती है, तो उसके पीछे के मास्टरमाइंड को सीधे जेल भेजा जाएगा।

  3. अभियान जारी: जामताड़ा के सीमावर्ती इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध गोदामों पर और भी बड़ी छापेमारी होने की संभावना है।

साइबर ठगी के बाद 'सफेद जहर' का नया सिंडिकेट

जामताड़ा का नाम ऐतिहासिक रूप से भले ही 'करमटांड़' और ईश्वर चंद्र विद्यासागर से जुड़ा रहा हो, लेकिन पिछले दो दशकों में यहाँ के अपराध का स्वरूप तेजी से बदला है।

  • तस्करी का पुराना रूट: जामताड़ा की भौगोलिक स्थिति पश्चिम बंगाल की सीमा से सटी हुई है। इतिहास गवाह है कि बंगाल से अवैध स्प्रिट लाकर यहाँ खपाने का धंधा पुराना है। यहाँ की घनी आबादी और सुदूर ग्रामीण इलाके अपराधियों को छिपने का मौका देते हैं।

  • साइबर क्राइम से शराब तक: पुलिस का मानना है कि साइबर ठगी से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल अब शराब और नशीली दवाओं के अवैध धंधे में 'फंडिंग' के तौर पर किया जा रहा है।

  • मंडल ब्रदर्स का नेटवर्क: केंदबोना और आसपास के क्षेत्रों में मनोज मंडल जैसे चेहरों का सक्रिय होना यह बताता है कि यहाँ शराब माफियाओं ने अपनी जड़ें कितनी गहरी जमा ली हैं। पूर्व में भी जामताड़ा में अवैध शराब से जुड़े कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं।

अगली कार्रवाई: शराब माफियाओं के 'सप्लाई चेन' पर नजर

उत्पाद विभाग अब इस केस को केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रख रहा है, बल्कि इसके 'रूट' की जांच कर रहा है।

  • कहाँ से आई स्प्रिट?: विभाग यह पता लगा रहा है कि 45 लीटर स्प्रिट की खेप आखिर इन तक पहुँची कैसे? क्या इसमें किसी बाहरी राज्य के सप्लायर का हाथ है?

  • लेबल और ढक्कन की जांच: बरामद बोतलों के साथ मिले लेबल और ढक्कन की फॉरेंसिक जांच होगी ताकि पता चल सके कि किस नामी ब्रांड की नकल की जा रही थी।

  • गिरफ्तारी की तैयारी: मनोज और उमेश मंडल की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस उनकी बेनामी संपत्तियों की भी जांच कर सकती है।

जामताड़ा के केंदबोना में उत्पाद विभाग की यह कामयाबी जिले को 'जहरीली शराब' के बड़े खतरे से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 70 बोरा खाली बोतलों का पकड़ा जाना यह बताता है कि हमारे आसपास ही नकली शराब का कितना बड़ा बाजार खड़ा किया जा रहा था। उत्पाद अधीक्षक कुंदन कुमार कौशल की टीम ने यह साबित कर दिया है कि अगर सूचना सटीक हो, तो माफिया अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं। जामताड़ा की जनता को अब जागरूक होने की जरूरत है ताकि उनके क्षेत्र का नाम केवल अपराध के लिए नहीं, बल्कि कानून के सम्मान के लिए जाना जाए।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।