Palamu Arrest: 1 लाख के इनामी नक्सली जीबलाल यादव की बड़ी गिरफ्तारी, पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग!
पलामू पुलिस ने 1 लाख रुपये के इनामी नक्सली जीबलाल यादव को गिरफ्तार किया। जानें, कैसे तीन थाना की पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर इस कुख्यात नक्सली को पकड़ा और इसके पास से क्या मिला?

झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के कुख्यात नक्सली जीबलाल यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। बिहार सरकार ने इस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
इस नक्सली की गिरफ्तारी नावाबाजार थाना क्षेत्र के तुरीदाग पहाड़ से हुई। एएसपी (ऑपरेशन) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में नावाबाजार, छतरपुर और नौडीहा बाजार थाना की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीसी कमांडर शशिकांत अपने दस्ते के साथ तुरीदाग पहाड़ इलाके में सक्रिय है। इसी आधार पर तीन थाना की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी की और छापेमारी की। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में अपना नाम जीबलाल यादव बताया।
गिरफ्तारी के समय इस उग्रवादी के पास से टीएसपीसी संगठन के दस्तावेज, लेवी का हिसाब-किताब दर्ज डायरी, मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई।
कौन है नक्सली जीबलाल यादव?
53 वर्षीय जीबलाल यादव उर्फ रमेश यादव उर्फ सुभाष यादव बिहार के गया जिले के भदवर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसने नक्सल संगठन से जुड़कर पुलिस पर हमले, हत्या, जबरन वसूली और अवैध हथियार रखने जैसे कई संगीन अपराध किए हैं।
उसके खिलाफ बिहार और झारखंड में कई मामले दर्ज हैं, जिनमें -
बिहार के मदनपुर में 3 केस
भदवर थाना में 1 केस
झारखंड के पलामू के मनातू थाना में कई केस
TSPC: झारखंड का खतरनाक नक्सली संगठन!
तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) झारखंड का एक कुख्यात नक्सली संगठन है, जो मुख्य रूप से पलामू, लातेहार और गढ़वा जिलों में सक्रिय है। यह संगठन सरकारी ठेकेदारों, व्यवसायियों और ग्रामीणों से जबरन लेवी वसूलता है।
झारखंड और बिहार में 1967 में नक्सल आंदोलन की शुरुआत हुई थी, लेकिन अब यह सिर्फ पैसा और अपराध का अड्डा बन चुका है। कई इलाकों में नक्सलियों की समानांतर सरकार चलती है, जहां कानून-व्यवस्था नाम मात्र की होती है।
पलामू पुलिस की सख्ती, आगे क्या होगा?
एएसपी (ऑपरेशन) राकेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पलामू पुलिस उग्रवादियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इस ऑपरेशन में शामिल नावाबाजार, छतरपुर और नौडीहा बाजार थाने की टीम आगे और भी नक्सलियों को गिरफ्तार करने के लिए रणनीति बना रही है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या इस गिरफ्तारी से नक्सली नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी, या कोई नया कमांडर इस गिरोह की कमान संभालेगा?
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