Telco Clash : टेल्को की टीआरएफ कॉलोनी में बाइक उड़ाते रंगे हाथ धराया राहुल, गार्ड की मुस्तैदी ने बिगाड़ा खेल, जमकर हुई धुनाई
जमशेदपुर के टेल्को स्थित टीआरएफ कॉलोनी में बाइक चोरी की कोशिश कर रहे शातिर अपराधी राहुल कामत को स्थानीय लोगों और गार्ड ने दबोच लिया है। कॉलोनी में लगातार बढ़ती चोरियों और पकड़े गए आरोपी की पिटाई के बाद पुलिसिया कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/टेल्को, 23 मार्च 2026 – लौहनगरी के औद्योगिक क्षेत्र टेल्को अंतर्गत टीआरएफ (TRF) कॉलोनी इन दिनों चोरों के निशाने पर है। सोमवार को इस कॉलोनी में तब भारी हंगामा खड़ा हो गया जब बाइक चोरी करने की कोशिश कर रहे दो बदमाशों में से एक को स्थानीय लोगों और सुरक्षा गार्ड ने घेराबंदी कर दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान राहुल कामत के रूप में हुई है। चोरी की लगातार वारदातों से आजिज आ चुके स्थानीय लोगों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने आरोपी की मौके पर ही जमकर धुनाई कर दी। हालांकि, उसका एक साथी अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। टेल्को पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है, लेकिन इस घटना ने कंपनी कॉलोनियों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
गार्ड की पैनी नजर: विवेक पांडे की बाइक पर था निशाना
सोमवार की दोपहर टीआरएफ कॉलोनी के निवासी विवेक पांडे के घर के बाहर खड़ी उनकी बाइक पर दो संदिग्ध युवकों की नजर थी।
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चोरी की कोशिश: दोनों चोर मास्टर चाबी के जरिए बाइक का लॉक खोलने का प्रयास कर रहे थे। उन्हें लगा कि दोपहर के सन्नाटे में कोई उन्हें देख नहीं रहा है।
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गार्ड की तत्परता: ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने दूर से ही उनकी संदिग्ध गतिविधियों को भांप लिया। जैसे ही गार्ड उनकी ओर दौड़ा, चोरों ने भागने की कोशिश की।
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पकड़ा गया राहुल: गार्ड और शोर सुनकर जुटे स्थानीय लोगों ने एक चोर, राहुल कामत को चारों तरफ से घेर लिया। दूसरा चोर भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश अब पुलिस कर रही है।
भीड़ का इंसाफ: गुस्सा और सुरक्षा पर सवाल
टीआरएफ कॉलोनी में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार छोटी-बड़ी चोरियां हो रही हैं।
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जमकर पिटाई: जब राहुल कामत पकड़ा गया, तो स्थानीय निवासियों का सब्र का बांध टूट गया। लोगों ने पुलिस के आने से पहले ही आरोपी को सबक सिखाने के लिए उसकी धुनाई शुरू कर दी।
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पुलिस की एंट्री: सूचना मिलते ही टेल्को थाना पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर थाने ले गई।
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कॉलोनी में खौफ: निवासियों का कहना है कि अब वे अपने ही घरों के बाहर वाहन खड़ा करने में डर महसूस कर रहे हैं। सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद चोरों का इतना दुस्साहस चिंता का विषय है।
टेल्को और टीआरएफ कॉलोनी का सुरक्षा इतिहास
जमशेदपुर का टेल्को इलाका टाटा मोटर्स और टीआरएफ जैसी बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों का गढ़ है।
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अपराध का बदलता पैटर्न: पहले यहाँ छिटपुट चोरियां होती थीं, लेकिन अब संगठित गिरोह सक्रिय हो गए हैं जो विशेष रूप से टू-व्हीलर (Two-Wheelers) को निशाना बनाते हैं।
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रेकी का खेल: स्थानीय लोगों को शक है कि ये चोर पहले 'डिलीवरी बॉय' या 'कबाड़ वाले' बनकर कॉलोनियों की रेकी करते हैं और फिर मौका पाकर हाथ साफ कर देते हैं।
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पुलिस गश्त की मांग: टेल्को थाना क्षेत्र काफी विस्तृत है, जिससे हर गली में पुलिस की मौजूदगी संभव नहीं हो पाती। निवासियों ने अब निजी सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की पुरजोर मांग की है।
अगला कदम: फरार साथी की तलाश और राहुल का कच्चा चिट्ठा
टेल्को थाना पुलिस अब राहुल कामत से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
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पुराना रिकॉर्ड: पुलिस यह खंगाल रही है कि क्या राहुल का पहले भी कोई आपराधिक इतिहास रहा है या वह हाल ही में इस धंधे में उतरा है।
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सीसीटीवी फुटेज: पुलिस कॉलोनी के मुख्य द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है ताकि फरार हुए दूसरे चोर की पहचान की जा सके और उसकी बाइक का नंबर निकाला जा सके।
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सुरक्षा बैठक: घटना के बाद टीआरएफ कॉलोनी के प्रबंधन और निवासियों के बीच एक बैठक होने की संभावना है, जिसमें सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने पर चर्चा होगी।
टेल्को की टीआरएफ कॉलोनी में हुई यह घटना एक चेतावनी है कि शहर की पॉश कॉलोनियां भी अब सुरक्षित नहीं हैं। गार्ड की मुस्तैदी ने एक बाइक तो बचा ली, लेकिन फरार चोर अभी भी खुलेआम घूम रहा है जो पुलिस के लिए एक चुनौती है। राहुल कामत की गिरफ्तारी से कुछ सुराग मिलने की उम्मीद है, लेकिन असली समाधान तब होगा जब टेल्को पुलिस रात और दोपहर के समय गश्त (Patrolling) को और सघन बनाएगी। फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण शांति है और लोग अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं।
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