Bagbera Theft : बागबेड़ा में 'एस्बेस्टस गैंग' का भंडाफोड़, यश सरदार समेत 3 शातिर गिरफ्तार, गहने और बर्तन बरामद
जमशेदपुर के बागबेड़ा में छत काटकर चोरी करने वाले गिरोह के तीन शातिरों को पुलिस ने दबोच लिया है। बेबी मंडल के घर में हुई सेंधमारी और पकड़े गए अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/बागबेड़ा, 11 अप्रैल 2026 – लौहनगरी के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में सक्रिय 'छत काटकर' चोरी करने वाले एक खतरनाक गिरोह का पुलिस ने सफल उद्भेदन किया है। घाघीडीह स्थित मां तारिणी कॉलोनी में हुई दुस्साहसिक चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए बागबेड़ा पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अपराधियों ने घर की एस्बेस्टस की छत काटकर भीतर प्रवेश किया था और जेवर व कीमती बर्तन साफ कर दिए थे। पुलिस ने इनके पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और कांसे के बर्तन भी बरामद कर लिए हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही शहर के रिहायशी इलाकों में बढ़ती सेंधमारी की घटनाओं पर पुलिस ने करारा प्रहार किया है।
एस्बेस्टस गैंग की करतूत: रात के अंधेरे में घर में लगाई सेंध
वारदात 10 अप्रैल से पहले की है, जिसकी लिखित शिकायत मां तारिणी कॉलोनी (रोड नंबर दो) निवासी बेबी मंडल ने दर्ज कराई थी।
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सेंधमारी का अनोखा तरीका: अपराधियों ने घर के दरवाजे या खिड़की को तोड़ने के बजाय छत को निशाना बनाया। एस्बेस्टस की छत को काटकर आरोपी घर के भीतर दाखिल हुए और परिवार के सोए होने का फायदा उठाकर गहने और बर्तन बटोर ले गए।
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पुलिस की त्वरित दबिश: शिकायत मिलते ही बागबेड़ा थाना पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया।
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घेराबंदी और गिरफ्तारी: पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बागबेड़ा के बड़ौदा घाट सूर्य मंदिर के पास घेराबंदी की और तीन संदिग्धों को धर दबोचा।
अपराधियों का 'क्राइम रिकॉर्ड': यश सरदार और उसके साथियों का काला चिट्ठा
पकड़े गए आरोपी कोई नौसिखिए नहीं, बल्कि पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज पुराने अपराधी हैं।
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यश शर्मा उर्फ सरदार: जेपी रोड (सुभाष स्कूल के पास) निवासी यश इस गिरोह का मुख्य हिस्सा माना जा रहा है। उस पर पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
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देव गगराई उर्फ लुदू: हरहरगुट्टू (बड़ा तालाब के पास) निवासी देव इलाके की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर रेकी करने में माहिर है।
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सुमित तांती उर्फ बाबू: पश्चिम सिंहभूम के मंझारी थाना क्षेत्र का रहने वाला सुमित जमशेदपुर में रहकर इन वारदातों को अंजाम दे रहा था।
'टाटा' की पहली बस्तियां और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियां
बागबेड़ा जमशेदपुर के सबसे पुराने और घनी आबादी वाले उपनगरों में से एक है।
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ऐतिहासिक रिहाइश: बागबेड़ा और हरहरगुट्टू का विकास टाटा स्टील की स्थापना के शुरुआती दशकों में ही हो गया था। यहाँ की मिश्रित आबादी और पुरानी बनावट वाले घर अपराधियों के लिए आसान शिकार बनते रहे हैं।
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छत काटने वाली तकनीक: ऐतिहासिक रूप से बागबेड़ा में 'छत काटकर चोरी' (Roof-Cutting Theft) करने वाले गिरोहों का आतंक समय-समय पर रहा है। एस्बेस्टस और खपरैल के घरों की बहुलता के कारण अपराधी इस तरीके को सुरक्षित मानते हैं।
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पुलिस और समुदाय: 2017 और 2022 के बीच इस क्षेत्र में 'नाइट पेट्रोलिंग' और 'मोहल्ला समिति' के गठन से अपराधों में कमी आई थी, लेकिन नए अपराधियों के उदय ने पुलिस के सामने फिर से चुनौती खड़ी कर दी है।
अगली कार्रवाई: बरामदगी और न्यायिक हिरासत
पुलिस ने आरोपियों के पास से बेबी मंडल के घर से चोरी हुए आभूषणों की पहचान कराई है, जो पूरी तरह मैच कर गए हैं।
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बरामदगी की सूची: पुलिस ने सोने के जेवर, चांदी के आभूषण और कांसे के बर्तन जब्त किए हैं। इन सामानों को न्यायालय में साक्ष्य के तौर पर पेश किया जाएगा।
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जेल यात्रा: पकड़े गए तीनों अपराधियों—यश सरदार, देव गगराई और सुमित तांती—के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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अन्य वारदातों का खुलासा: पुलिस अब इन आरोपियों से अन्य लंबित चोरी के मामलों के बारे में भी सुराग जुटा रही है। आशंका है कि पिछले एक महीने में बागबेड़ा और परसुडीह में हुई छिटपुट चोरियों में भी इसी गिरोह का हाथ हो सकता है।
बागबेड़ा पुलिस की इस कामयाबी ने मां तारिणी कॉलोनी के निवासियों को बड़ी राहत दी है। यश सरदार और उसके साथियों की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि जमशेदपुर पुलिस अब पुराने अपराधियों की हर हरकत पर पैनी नजर रख रही है। हालांकि, रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को भी अपनी छतों और रोशनदानों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल, बागबेड़ा थाना प्रभारी ने इलाके में गश्ती बढ़ाने का भरोसा दिया है ताकि 'एस्बेस्टस गैंग' जैसे अपराधी फिर से सिर न उठा सकें।
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