Noamundi Theft: नोवामुंडी में डिलीवरी बॉय से लूटे गए 6 स्मार्टफोन 24 घंटे में जब्त, बाजार में ग्राहक ढूंढ रहा था चोर, 3 गिरफ्तार
नोवामुंडी में डिलीवरी बॉय से चोरी हुए 6 मोबाइल फोन को पुलिस ने महज 24 घंटे में बरामद कर लिया है। बाजार में मोबाइल बेचने की कोशिश कर रहे ललित दास और उसके साथियों की गिरफ्तारी की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चाईबासा/नोवामुंडी, 11 अप्रैल 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने तत्परता और पेशेवर जांच का बेहतरीन नमूना पेश किया है। ग्राहकों की खुशियां (पार्सल) बांटने निकले एक डिलीवरी बॉय के साथ हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने न केवल चोरी गए सभी 6 स्मार्टफोन बरामद किए, बल्कि इस गिरोह में शामिल तीन शातिर आरोपियों को भी दबोच कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई से जहां पीड़ित डिलीवरीमैन ने राहत की सांस ली है, वहीं इलाके के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
वारदात से खुलासा तक: 24 घंटे की 'क्राइम फाइल'
घटना 10 अप्रैल की है, जब जगन्नाथपुर दीपासाई निवासी अमरजीत कुमार नोवामुंडी के विभिन्न इलाकों में पार्सल डिलीवरी करने पहुंचे थे।
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निशाने पर पार्सल: डिलीवरी के दौरान ही चोरों ने अमरजीत की नजर बचाकर उसके बैग से 6 नए मोबाइल फोन पार कर दिए।
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तत्काल एक्शन: अमरजीत ने बिना वक्त गंवाए नोवामुंडी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। थाना प्रभारी नयन कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक स्पेशल छापेमारी टीम का गठन किया।
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बाजार में बिछा जाल: पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि नोवामुंडी बाजार में एक युवक संदिग्ध रूप से नए मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। टीम ने घेराबंदी कर ललित दास नामक युवक को हिरासत में लिया।
IMEI ने खोला राज: एक-एक कर धरे गए साथी
ललित दास के पास मिले मोबाइल के IMEI नंबर का जब अमरजीत द्वारा दर्ज कराई गई लिस्ट से मिलान किया गया, तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
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कबूलनामा: कड़ाई से पूछताछ करने पर ललित ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने साथियों के नाम उगल दिए।
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निशानदेही पर छापेमारी: ललित की जानकारी पर पुलिस ने उज्जवल रोहित एक्का उर्फ हीरु और कुंदन रजक के ठिकानों पर दबिश दी।
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पूरी बरामदगी: पुलिस ने उज्जवल के पास से 2 और कुंदन के पास से 2 मोबाइल बरामद किए। इस तरह चोरी गए सभी 6 हैंडसेट पुलिस के कब्जे में आ गए।
लौह अयस्क की खदानें और 'ई-कॉमर्स' युग की सुरक्षा
नोवामुंडी ऐतिहासिक रूप से टाटा स्टील की लौह अयस्क खदानों (Iron Ore Mines) के लिए विश्व प्रसिद्ध रहा है।
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बदलता परिदृश्य: खदानों के इस शहर में पहले केवल मशीनों और अयस्क की सुरक्षा मुख्य चिंता होती थी, लेकिन डिजिटल क्रांति और ई-कॉमर्स के बढ़ते चलन ने 'पार्सल डिलीवरी' को एक नई चुनौती बना दिया है।
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डिलीवरी बॉय की सुरक्षा: नोवामुंडी जैसे अर्ध-शहरी इलाकों में डिलीवरी बॉय अक्सर सुनसान रास्तों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सॉफ्ट टारगेट बन जाते हैं। इतिहास में यहाँ छिटपुट चोरियां तो हुई हैं, लेकिन 24 घंटे के भीतर पूरी बरामदगी पुलिस की बदलती कार्यशैली को दर्शाती है।
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पुलिस-पब्लिक तालमेल: इस मामले में स्थानीय सूचना तंत्र (Local Intelligence) ने बड़ी भूमिका निभाई। बाजार में संदिग्ध व्यक्ति की खबर पुलिस तक पहुंचना यह बताता है कि नोवामुंडी की जनता अब अपराध के खिलाफ जागरूक हो रही है।
अगली कार्रवाई: सलाखों के पीछे अपराधी, गश्ती पर जोर
थाना प्रभारी नयन कुमार सिंह के नेतृत्व वाली टीम में पुअनि पूर्णिमा कुमारी, अखिलेश सिंह और जैप-09 के सशस्त्र जवान शामिल थे।
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न्यायिक हिरासत: गिरफ्तार तीनों आरोपियों—ललित दास, उज्जवल रोहित एक्का और कुंदन रजक—को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चाईबासा जेल भेज दिया गया है।
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सावधानी की अपील: पुलिस ने क्षेत्र के सभी डिलीवरी एजेंट्स को सलाह दी है कि वे कीमती सामानों की डिलीवरी के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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पुरस्कार की अनुशंसा: पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर पर इस सफल उद्भेदन के लिए टीम को पुरस्कृत करने की भी चर्चा है, क्योंकि मोबाइल रिकवरी के मामलों में इतनी तेजी कम ही देखने को मिलती है।
नोवामुंडी पुलिस की यह कामयाबी उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो मेहनत की कमाई पर डाका डालने की कोशिश करते हैं। 6 मोबाइल फोन की बरामदगी केवल एक आर्थिक रिकवरी नहीं है, बल्कि उस भरोसे की जीत है जो एक आम आदमी वर्दी पर करता है। अमरजीत कुमार के चेहरे पर लौटी मुस्कान ही इस पूरी कार्रवाई का सबसे बड़ा ईनाम है। नोवामुंडी की सड़कों पर अब 'रक्षक' की सक्रियता साफ नजर आ रही है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ऐसी वारदातों पर पूरी तरह अंकुश लगेगा।
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