Namkum Raid: नामकुम में ब्राउन शुगर की बड़ी खेप के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, हाईटेंशन मैदान में चल रही थी डील, पुलिस ने घेरा

रांची के नामकुम में हाईटेंशन मैदान के पास ब्राउन शुगर की तस्करी कर रहे तीन अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। डेढ़ लाख की ड्रग्स, कार और बाइक की बरामदगी के साथ इस बड़े रैकेट की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 9, 2026 - 15:27
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Namkum Raid: नामकुम में ब्राउन शुगर की बड़ी खेप के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, हाईटेंशन मैदान में चल रही थी डील, पुलिस ने घेरा
Namkum Raid: नामकुम में ब्राउन शुगर की बड़ी खेप के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, हाईटेंशन मैदान में चल रही थी डील, पुलिस ने घेरा

रांची/नामकुम, 9 अप्रैल 2026 – झारखंड की राजधानी रांची को नशा मुक्त बनाने की दिशा में नामकुम थाना पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए शहर के नामकुम स्थित हाईटेंशन मैदान में चल रही ब्राउन शुगर की एक बड़ी डील को नाकाम कर दिया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथों दबोचा है, जो लग्जरी कारों और बाइक्स के जरिए शहर के युवाओं तक मौत का सामान पहुँचाने का काम कर रहे थे। ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।

मैदान में घेराबंदी: जब पुलिस ने बिछाया जाल

7 अप्रैल की रात जब पूरा शहर सो रहा था, तब एसएसपी रांची को एक सटीक इनपुट मिला कि पावरग्रिड के सामने स्थित हाईटेंशन मैदान में कुछ नशा तस्कर किसी बड़ी खेप की डिलीवरी देने के लिए जुटने वाले हैं।

  • त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।

  • लाइव रेड: पुलिस टीम ने जब मैदान की घेराबंदी कर दबिश दी, तो वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीन युवकों को मौके पर ही धर दबोचा।

  • बरामदगी का सामान: तलाशी के दौरान इनके पास से 6.4 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली ब्राउन शुगर बरामद की गई, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब डेढ़ लाख रुपये है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त एक आई-टेन (i10) कार, एक स्कूटी, एक पल्सर बाइक और 4000 रुपये नकद जब्त किए गए हैं।

जेल की हवा खा चुके हैं तस्कर

पकड़े गए आरोपी कोई नौसिखिए नहीं, बल्कि पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं।

  1. पहचान: गिरफ्तार तस्करों में रमीज राज, मो. अब्दुल (दोनों गढ़ाटोली निवासी) और मो. जफीर उर्फ राजा (गुदरी निवासी) शामिल हैं।

  2. क्राइम रिकॉर्ड: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मो. अब्दुल पर टाटीसिलवे थाने में लूट का संगीन मामला दर्ज है, जबकि मो. जफीर पहले से ही लोअर बाजार थाने की रडार पर रहा है।

  3. संगठित गिरोह: आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे रांची के विभिन्न मुहल्लों में छोटी-छोटी पुड़ियों में ब्राउन शुगर की सप्लाई करते थे और उनका जाल शहर के कई शिक्षण संस्थानों के आसपास भी फैला हुआ था।

नामकुम का सामरिक महत्व: क्यों तस्करों का गढ़ बन रहा है यह इलाका?

नामकुम, जो कभी अपनी प्राकृतिक हरियाली और मिलिट्री छावनी (Military Cantonment) के लिए जाना जाता था, आज कनेक्टिविटी के कारण तस्करों की पसंद बनता जा रहा है।

  • कनेक्टिविटी: टाटा-रांची हाईवे और शहर के बाहरी इलाकों को जोड़ने वाला यह क्षेत्र भागने के लिए कई रास्ते प्रदान करता है। हाईटेंशन मैदान जैसे वीरान इलाके अंधेरे का फायदा उठाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

  • इतिहास की गूँज: नामकुम का इतिहास स्वर्णरेखा नदी और पहाड़ियों के बीच एक शांत उपनगर का रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में 'ब्राउन शुगर' जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की घुसपैठ ने यहाँ की सामाजिक व्यवस्था को चुनौती दी है।

  • बढ़ता प्रभाव: टाटीसिलवे और नामकुम के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों और छात्रों के बीच पैठ बनाने के लिए तस्कर इन सुनसान मैदानों को अपनी 'अदालत' के रूप में उपयोग करते रहे हैं।

अगली कार्रवाई: मुख्य सप्लायर की तलाश में छापेमारी

नामकुम पुलिस की यह जीत केवल एक पड़ाव है, असली चुनौती उस 'बड़े नाम' तक पहुँचना है जो रांची में इस जहर की सप्लाई कर रहा है।

  • मोबाइल कॉल रिकॉर्ड: पुलिस ने आरोपियों के तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट के जरिए उन ग्राहकों और सप्लायरों की लिस्ट तैयार की जा रही है जो इस काले कारोबार से जुड़े हैं।

  • नेटवर्क का खात्मा: ग्रामीण एसपी ने संकेत दिया है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय तस्करों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस की विशेष टीमें अब लोअर बाजार और टाटीसिलवे के संदिग्ध इलाकों में दबिश दे रही हैं।

  • पुलिस की चेतावनी: प्रशासन ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ यह जीरो-टोलरेंस की नीति जारी रहेगी और ड्रग पेडलर्स की संपत्तियों की जांच भी की जा सकती है।

नामकुम पुलिस की इस कामयाबी ने राजधानी के नशा कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। डेढ़ लाख की ब्राउन शुगर और वाहनों की जब्ती यह बताती है कि यह कारोबार कितने संगठित तरीके से चल रहा था। रमीज, अब्दुल और जफीर जैसे पुराने अपराधियों का फिर से सक्रिय होना चिंता का विषय है, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया है। अब शहरवासियों की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कब उस 'किंगपिन' को दबोचती है जो रांची की जवानी को अंधेरे में धकेल रहा है। फिलहाल, नामकुम के हाईटेंशन मैदान की यह रेड अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।