Adityapur Tragedy: आदित्यपुर के दो स्कूली छात्र चेक डैम में डूबे, घर के इकलौते चिराग बुझे, स्कूल से भागकर नहाने गए थे खरकाई नदी

आदित्यपुर के सेंट्रल पब्लिक स्कूल के दो छात्र खरकाई नदी के चेक डैम में डूब गए हैं। स्कूल से भागकर नहाने गए नौवीं के इन छात्रों की मौत और रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 9, 2026 - 16:08
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Adityapur Tragedy: आदित्यपुर के दो स्कूली छात्र चेक डैम में डूबे, घर के इकलौते चिराग बुझे, स्कूल से भागकर नहाने गए थे खरकाई नदी
Adityapur Tragedy: आदित्यपुर के दो स्कूली छात्र चेक डैम में डूबे, घर के इकलौते चिराग बुझे, स्कूल से भागकर नहाने गए थे खरकाई नदी

आदित्यपुर/सरायकेला, 9 अप्रैल 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के आरआईटी थाना क्षेत्र अंतर्गत आसंगी में गुरुवार की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे आदित्यपुर को सुन्न कर दिया। खरकाई नदी पर बने चेक डैम में नहाने के दौरान सेंट्रल पब्लिक स्कूल के दो मेधावी छात्रों की डूबने से मौत हो गई। नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले ये किशोर स्कूल जाने के बहाने घर से निकले थे, लेकिन नियति उन्हें मौत के मुहाने तक खींच ले गई। इस घटना ने जहाँ दो घरों के इकलौते चिरागों को हमेशा के लिए बुझा दिया, वहीं स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्कूल से चेक डैम तक का 'सफर' बना आखिरी सफर

गुरुवार की सुबह बाकी दिनों की तरह ही शुरू हुई थी, लेकिन तीन दोस्तों के एक फैसले ने सबकुछ बदल दिया।

  • बंक मारकर गए घूमने: प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंट्रल पब्लिक स्कूल के तीन छात्र—गोडविन थॉमस, रौनक भारद्वाज और प्रशांत कुमार—गुरुवार को स्कूल से भागकर आसंगी स्थित चेक डैम घूमने चले गए थे।

  • अचानक हुई दुर्घटना: चेक डैम के पास पहुँचने पर गोडविन और रौनक ने नहाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। पानी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा न होने के कारण दोनों छात्र अचानक डूबने लगे।

  • प्रशांत की चीख-पुकार: तीसरे दोस्त प्रशांत ने जब अपने साथियों को डूबते देखा, तो उसने मदद के लिए शोर मचाया। आसपास किसी के न होने पर वह बदहवास होकर परिजनों और पुलिस को सूचना देने भागा।

रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी और परिजनों का गुस्सा

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।

  1. देर से शुरू हुआ बचाव कार्य: स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि पुलिस और गोताखोरों की टीम काफी देर से पहुँची। इस देरी को लेकर मौके पर मौजूद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।

  2. शव की बरामदगी: लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों ने रौनक भारद्वाज के शव को पानी से बाहर निकाला। वहीं, दूसरे छात्र गोडविन थॉमस की तलाश अब भी जारी है।

  3. इकलौते थे दोनों बेटे: इस घटना की सबसे दुखद बात यह है कि रौनक और गोडविन, दोनों ही अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। रौनक आदित्यपुर कॉलोनी के रोड नंबर 11 का निवासी था, जबकि गोडविन रोड नंबर 27 में रहता था।

सौंदर्य और छिपा हुआ खतरा

आदित्यपुर की जीवनरेखा कही जाने वाली खरकाई नदी का इतिहास जितना पुराना है, चेक डैम के बनने के बाद यहाँ के खतरे भी उतने ही बढ़ गए हैं।

  • चेक डैम का उद्देश्य: कृषि और जल स्तर को बनाए रखने के लिए आसंगी में इस डैम का निर्माण किया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह स्थानीय युवाओं के लिए 'पिकनिक स्पॉट' बन गया।

  • खतरनाक बनावट: चेक डैम के पास पानी का दबाव बहुत अधिक होता है और तलहटी में फिसलन भरी काई जमी होती है। इतिहास गवाह है कि पिछले कुछ वर्षों में आदित्यपुर और जमशेदपुर के दर्जनों युवाओं ने इस नदी में अपनी जान गंवाई है।

  • निगरानी का अभाव: यह क्षेत्र सुनसान होने के कारण अक्सर स्कूली छात्र यहाँ बंक मारकर आते हैं। प्रशासन द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बावजूद सुरक्षा गार्डों की अनुपस्थिति ऐसे हादसों को निमंत्रण देती है।

अगली कार्रवाई: गोडविन की तलाश और जांच के आदेश

आरआईटी थाना पुलिस फिलहाल मौके पर कैंप कर रही है और बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए है।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: गोताखोरों की टीम जाल और आधुनिक उपकरणों के जरिए गोडविन थॉमस की तलाश में जुटी है। बहाव तेज होने के कारण सर्च एरिया को बढ़ाया गया है।

  • स्कूल प्रबंधन पर सवाल: घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि छात्र स्कूल से बाहर कैसे निकल गए? क्या अटेंडेंस के बाद इसकी सूचना परिजनों को दी गई थी? पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • अस्पताल में कोहराम: रौनक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अस्पताल परिसर में परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन है।

आदित्यपुर की यह घटना किसी भी माता-पिता के लिए एक बुरे सपने जैसी है। दो परिवारों की उम्मीदें आज खरकाई नदी की गहराइयों में समा गईं। किशोरों का रोमांच और सुरक्षा की अनदेखी का नतीजा अक्सर इतना ही खौफनाक होता है। इस त्रासदी ने समाज को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हम अपने बच्चों पर कितनी नजर रख रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे खतरनाक जलस्रोतों पर स्थायी सुरक्षा कर्मी तैनात करे ताकि भविष्य में किसी और रौनक या गोडविन की जान न जाए। फिलहाल, पूरी कॉलोनी में मातम है और हर आंख नम है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।