Jugsalai Seizure : जुगसलाई में बोलबम ट्रांसपोर्ट से 10 लाख का कफ सिरप जब्त, संचालक शशिकांत मिश्रा गिरफ्तार, नशे के काले कारोबार का पर्दाफाश
जमशेदपुर के जुगसलाई स्थित बोलबम ट्रांसपोर्ट में पुलिस ने छापेमारी कर 20 पेटी प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की है। करीब 10 लाख के माल के साथ ट्रांसपोर्ट संचालक की गिरफ्तारी और नशा सिंडिकेट की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/जुगसलाई, 9 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का व्यापारिक केंद्र कहे जाने वाले जुगसलाई इलाके में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। नया बाजार बोरापट्टी स्थित बोलबम ट्रांसपोर्ट के जरिए चल रहे प्रतिबंधित दवाओं के खेल को बेनकाब करते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में कफ सिरप बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट संचालक को गिरफ्तार कर गुरुवार को सलाखों के पीछे भेज दिया है। जब्त किए गए नशीले सिरप की बाजार में कीमत लाखों में आंकी गई है, जिससे नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
गोदाम में छापा: 20 पेटियों में भरा था 'मौत का सामान'
जुगसलाई पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नया बाजार बोरापट्टी जैसे व्यस्त इलाके में ट्रांसपोर्ट की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप उतारी गई है।
-
सटीक रेड: 7 अप्रैल को थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम ने बोलबम ट्रांसपोर्टर के कार्यालय और गोदाम पर अचानक दबिश दी।
-
बरामदगी: तलाशी के दौरान पुलिस ने गोदाम के भीतर से 20 पेटी प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की। गिनती करने पर पता चला कि यह खेप नशा करने वाले युवाओं के बीच खपाने के लिए तैयार की गई थी।
-
लाखों की कीमत: जब्त किए गए कफ सिरप की कुल कीमत 9 लाख 66 हजार 394 रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं की बरामदगी यह बताती है कि यह कोई छोटा-मोटा सौदा नहीं था।
ट्रांसपोर्ट संचालक गिरफ्तार: बागबेड़ा का रहने वाला है आरोपी
इस मामले में पुलिस ने किसी को बख्शने के मूड में नहीं थी। जांच के बाद सीधे संचालक पर हाथ डाला गया।
-
गिरफ्तारी: पुलिस ने बोलबम ट्रांसपोर्ट के संचालक शशिकांत मिश्रा (59 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी बागबेड़ा के गणेश नगर, पहलवान काम्पलेक्स का निवासी है।
-
जेल रवानगी: गुरुवार को औपचारिक पूछताछ और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
-
सिंडिकेट की जांच: पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेप कहाँ से आई थी और जमशेदपुर में इसके मुख्य खरीदार कौन-कौन हैं।
जुगसलाई और बोरापट्टी: व्यापार के बीच छिपे 'काले बाजार' का इतिहास
जुगसलाई का नया बाजार और बोरापट्टी इलाका जमशेदपुर का सबसे पुराना और सघन व्यापारिक हब रहा है।
-
ट्रांसपोर्ट का गढ़: दशकों से यहाँ सैकड़ों ट्रांसपोर्ट कंपनियाँ कार्यरत हैं, जो पूरे झारखंड और पड़ोसी राज्यों में माल भेजती हैं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व 'अवैध माल' की आवाजाही करते रहे हैं।
-
नशीली दवाओं का इतिहास: जुगसलाई पहले भी प्रतिबंधित नशीली दवाओं (ब्राउन शुगर और कफ सिरप) की बरामदगी के लिए चर्चा में रहा है। तस्कर अक्सर दवाओं के वैध बिलों की आड़ में इन नशीली खेप को छिपाकर शहर में लाते हैं।
-
पुलिस की चुनौती: संकरी गलियों और हजारों ट्रकों की आवाजाही के बीच ऐसे अपराधियों को पकड़ना हमेशा से पुलिस के लिए एक टेढ़ी खीर रहा है।
अगली कार्रवाई: रडार पर हैं अन्य ट्रांसपोर्टर
बोलबम ट्रांसपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई के बाद जुगसलाई पुलिस ने अन्य संदिग्ध गोदामों की भी लिस्ट तैयार कर ली है।
-
बिलिंग की जांच: पुलिस यह देख रही है कि 20 पेटी कफ सिरप को किस नाम से बुक किया गया था। फर्जी जीएसटी नंबर और जाली दस्तावेजों के एंगल से भी जांच की जा रही है।
-
प्रेस कॉन्फ्रेंस: जुगसलाई थाना प्रभारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी ट्रांसपोर्टर या व्यापारी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-
सर्कुलेशन रूट: पुलिस की एक टीम उन मेडिकल स्टोरों और ड्रग पेडलर्स की भी तलाश कर रही है जिन्हें यह 10 लाख का माल सप्लाई किया जाना था।
जुगसलाई में 10 लाख की नशीली दवाओं की जब्ती पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है। शशिकांत मिश्रा जैसे ट्रांसपोर्ट संचालक का इस काले कारोबार में शामिल होना यह दर्शाता है कि लालच के लिए लोग युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। बोरापट्टी में हुई यह रेड अपराधियों के लिए एक सीधा संदेश है कि अब कानून की नजरों से बचना मुमकिन नहीं है। जमशेदपुर पुलिस की इस सक्रियता ने शहर में नशे के बढ़ते जाल को एक तगड़ा झटका दिया है।
What's Your Reaction?


