Sitaramdera Accident : सीतारामडेरा में ट्रेलर ने बाइक सवार को रौंदा, युवक के सिर पर चढ़ा चक्का, मौके पर मौत के बाद भारी बवाल और सड़क जाम
जमशेदपुर के भुइयाडीह गोलचक्कर के पास ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार सुदीप रॉय की दर्दनाक मौत हो गई है। आक्रोशित भीड़ का हंगामा और सड़क जाम के बीच बिगड़ते हालात की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/सीतारामडेरा, 9 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में सड़कों पर दौड़ते 'यमदूत' नुमा ट्रेलर ने एक और मासूम की जान ले ली है। सीतारामडेरा थाना अंतर्गत भुइयाडीह गोलचक्कर के पास गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ट्रेलर की रफ्तार और चालक की लापरवाही का नतीजा यह रहा कि युवक के सिर के परखच्चे उड़ गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में जबरदस्त उबाल देखा जा रहा है। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया है, जिससे जमशेदपुर के इस व्यस्ततम मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है।
कुचलकर निकल गया ट्रेलर: जब सड़क पर बिछ गई लाश
गुरुवार की दोपहर भुइयाडीह गोलचक्कर के पास रोज की तरह भारी वाहनों की कतार थी, तभी यह खूनी हादसा हुआ।
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भीषण टक्कर: चश्मदीदों के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से बाइक सवार को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर लगते ही युवक बाइक समेत सड़क पर गिर पड़ा।
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सिर पर चढ़ा चक्का: इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, अनियंत्रित ट्रेलर का पिछला चक्का युवक के सिर को रौंदते हुए निकल गया। हेलमेट भी उस भारी भरकम चक्के के दबाव को झेल नहीं सका और युवक की घटनास्थल पर ही सांसें थम गईं।
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मृतक की पहचान: पुलिस जांच में मृतक की पहचान सुदीप रॉय के रूप में हुई है। सुदीप मानगो स्थित जवाहर नगर, रोड नंबर-4 का रहने वाला था।
जनता का फूटा गुस्सा: सड़क जाम और पुलिस से नोकझोंक
जैसे ही हादसे की खबर फैली, भुइयाडीह और आसपास के सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
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प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी: आक्रोशित भीड़ ने सड़क के बीचों-बीच सुदीप का शव रखकर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप है कि शहर के भीतर ट्रेलर की रफ्तार पर कोई लगाम नहीं है।
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मुआवजे की मांग: मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषी ट्रेलर चालक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और सुदीप के परिवार को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए।
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पुलिस की मशक्कत: सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर कैंप कर रही है। थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भीड़ हटने को तैयार नहीं है।
जमशेदपुर का 'खूनी चौराहा'
भुइयाडीह गोलचक्कर और आसपास की सड़कें पिछले कई दशकों से जमशेदपुर की सबसे खतरनाक सड़कों में शुमार रही हैं।
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भारी वाहनों का हब: यह इलाका टाटा स्टील और अन्य कंपनियों के लॉजिस्टिक्स का मुख्य प्रवेश द्वार है। यहाँ से रोजाना हजारों की संख्या में ट्रेलर और ट्रक गुजरते हैं, जो अक्सर बाइक सवारों के लिए काल बन जाते हैं।
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अधूरा फ्लाइओवर और जाम: इतिहास गवाह है कि इस क्षेत्र में जाम और अतिक्रमण की समस्या ने हादसों को बढ़ावा दिया है। सड़कों की चौड़ाई बढ़ने के बावजूद भारी वाहनों की बेतरतीब पार्किंग और बेलगाम रफ्तार ने इसे एक 'एक्सीडेंट प्रोन जोन' बना दिया है।
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स्थानीय विरोध का दौर: भुइयाडीह में पहले भी ऐसे कई बड़े हादसे हुए हैं, जिनके बाद उग्र आंदोलन हुए और नो-एंट्री के समय में बदलाव की मांग की गई, लेकिन हकीकत आज भी जस की तस बनी हुई है।
अगली कार्रवाई: शव का पोस्टमार्टम और फरार चालक की तलाश
सीतारामडेरा पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ट्रेलर को लेकर कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
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शव का पंचनामा: भारी विरोध के बीच पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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ड्राइवर की तलाश: हादसे के बाद चालक ट्रेलर छोड़कर फरार होने में सफल रहा। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चालक की पहचान कर उसे सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
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जाम हटवाने की कोशिश: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जनता के गुस्से को समझते हैं, लेकिन एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए सड़क को खुलवाना प्राथमिकता है।
सुदीप रॉय की मौत जमशेदपुर के उन हजारों युवाओं की याद दिलाती है जो हर साल इन भारी वाहनों की भेंट चढ़ जाते हैं। जवाहर नगर का वह परिवार, जो आज सुबह सुदीप को मुस्कुराते हुए विदा किया था, अब उसके शव का इंतजार कर रहा है। यह हादसा केवल एक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा है। जब तक प्रशासन 'भारी वाहनों' की रफ्तार और 'नो-एंट्री' के नियमों को कड़ाई से लागू नहीं करेगा, तब तक भुइयाडीह का यह गोलचक्कर मासूमों के खून से रंजित होता रहेगा। फिलहाल, इलाके में तनाव बरकरार है और पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
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