Chakulia Fire: भयानक तबाही, चाकुलिया के जोड़ीसा में पुआल टाल बना आग का गोला, आधी रात को मचा हाहाकार, दमकल ने बचाई बस्ती
चाकुलिया के जोड़ीसा गांव में धरणी नायक के पुआल ढेर में लगी भीषण आग ने पूरी बस्ती को खतरे में डाल दिया है। रात के सन्नाटे में उठी इन आसमानी लपटों और बहरागोड़ा से आई दमकल की गाड़ी द्वारा किए गए हैरतअंगेज रेस्क्यू की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस अनहोनी के पीछे छिपे बड़े नुकसान की हकीकत नहीं जान पाएंगे।
चाकुलिया, 29 दिसंबर 2025 – झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में रविवार की रात एक ऐसी खौफनाक घटना घटी, जिसने पूरे जोड़ीसा गांव की नींद उड़ा दी। सोनाहातू पंचायत के चितालडांगा टोला में आधी रात को उस समय हड़कंप मच गया जब एक घर के बाहर रखे पुआल के विशाल ढेर (टाल) ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि उसकी लपटें आसमान छूने लगीं। ग्रामीण इस बात से डरे हुए थे कि अगर आग की चिंगारी पास के खपरैल घरों तक पहुँची, तो पूरी बस्ती खाक हो सकती है। यह घटना केवल एक किसान का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे टोले के लिए किसी काल से कम नहीं थी।
आधी रात का मंजर: जब आग का गोला बना चितालडांगा
हादसा गांव निवासी धरणी नायक के घर के बाहर हुआ। रात के सन्नाटे में अचानक पुआल के ढेर से धुआं उठने लगा और पलक झपकते ही आग की लपटों ने पूरे टाल को घेर लिया।
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अफरा-तफरी का माहौल: आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीण बाल्टियों में पानी लेकर आग बुझाने दौड़े, लेकिन सूखे पुआल ने आग को ईंधन का काम दिया और स्थिति बेकाबू हो गई।
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अज्ञात कारण: अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग किसी जलती हुई बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी से लगी या किसी ने रंजिश के चलते इसे अंजाम दिया।
दमकल की एंट्री: बहरागोड़ा से पहुँची मदद
जब ग्रामीणों को लगा कि आग उनके बस से बाहर है, तो उन्होंने बिना समय गंवाए बहरागोड़ा स्थित अग्निशमन केंद्र को सूचना दी।
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तत्काल कार्रवाई: सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी ने अंधेरी रास्तों को चीरते हुए जोड़ीसा गांव की ओर कूच किया।
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घंटों की मशक्कत: दमकलकर्मियों और ग्रामीणों के साझा प्रयास से घंटों तक पानी की बौछारें की गईं। काफी मशक्कत के बाद आग की लपटों को शांत किया गया और उसे आसपास के घरों में फैलने से रोका गया।
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सब कुछ स्वाहा: हालांकि दमकल ने बस्ती को तो बचा लिया, लेकिन धरणी नायक का सारा पुआल जलकर राख का ढेर बन चुका था। पशुओं के चारे का यह बड़ा भंडार अब धुएं में बदल गया है।
चाकुलिया अग्निकांड: मुख्य विवरण (Fire Report Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | चितालडांगा टोला, जोड़ीसा गांव (चाकुलिया) |
| पीड़ित किसान | धरणी नायक |
| नुकसान | साल भर का पशु चारा (पुआल) राख |
| मदद | बहरागोड़ा अग्निशमन विभाग |
| कारण | अज्ञात (जांच जारी) |
इतिहास और जोखिम: क्यों बार-बार सुलगती है सोनाहातू?
चाकुलिया के ग्रामीण इलाकों में पुआल को घर के बिल्कुल नजदीक जमा करने की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन यही परंपरा अक्सर विनाश का कारण बनती है। इतिहास गवाह है कि जाड़े के मौसम में हवा की गति तेज होने के कारण एक छोटी सी चिंगारी भी पूरे गांव को राख करने के लिए काफी होती है। पिछले कुछ वर्षों में सोनाहातू पंचायत में ऐसी कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुआल के ढेरों को आबादी से दूर और खुले स्थानों पर रखना चाहिए, ताकि ऐसे हादसों में जान-माल का नुकसान कम हो सके।
पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़
धरणी नायक के लिए यह नुकसान केवल घास-फूस का जलना नहीं है। ग्रामीण जीवन में पुआल पशुओं के लिए साल भर का भोजन और घरों को ठंडा रखने का माध्यम होता है।
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आर्थिक चोट: अब पशुओं के चारे के लिए परिवार को भारी खर्च करना पड़ेगा।
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ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और अंचल अधिकारी से मांग की है कि पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वह इस आर्थिक संकट से उबर सके।
सतर्कता ही बचाव है
जोड़ीसा गांव की यह आग एक बड़ी चेतावनी है। अगर समय रहते बहरागोड़ा से दमकल की गाड़ी नहीं पहुँचती, तो चितालडांगा टोला में आज सुबह का सूरज राख के ढेर पर उगता। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं यह शरारती तत्वों की करतूत तो नहीं है। फिलहाल गांव में शांति है, लेकिन धरणी नायक के घर के बाहर फैला काला धुआं और राख उस खौफनाक रात की गवाही दे रहे हैं।
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