Chatra Loot: मचा कोहराम, चतरा में पेट्रोल पंप पर दुस्साहसिक लूट, नकाबपोश अपराधियों ने 3 लाख लूटे, CCTV तक उखाड़ ले गए बदमाश

चतरा के गिद्धौर में नकाबपोश अपराधियों ने इंदु फ्यूल पेट्रोल पंप पर धावा बोलकर 3 लाख रुपये लूट लिए हैं। रिवॉल्वर की नोक पर कर्मियों को बंधक बनाने और सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी सेटअप तक उखाड़ ले जाने की इस सनसनीखेज वारदात की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी चतरा की सड़कों पर रात के इस खतरनाक जोखिम से बेखबर रह जाएंगे।

Dec 29, 2025 - 15:38
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Chatra Loot: मचा कोहराम, चतरा में पेट्रोल पंप पर दुस्साहसिक लूट, नकाबपोश अपराधियों ने 3 लाख लूटे, CCTV तक उखाड़ ले गए बदमाश
Chatra Loot: मचा कोहराम, चतरा में पेट्रोल पंप पर दुस्साहसिक लूट, नकाबपोश अपराधियों ने 3 लाख लूटे, CCTV तक उखाड़ ले गए बदमाश

चतरा, 29 दिसंबर 2025 – झारखंड के चतरा जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे रात के सन्नाटे में बेखौफ होकर बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गिद्धौर थाना क्षेत्र के चतरा-इटखोरी मुख्य पथ पर स्थित पांडेयमहुआ गांव के पास रविवार देर रात अपराधियों ने इंदु फ्यूल पेट्रोल पंप को अपना निशाना बनाया। रात के करीब 12:40 बजे हुए इस दुस्साहसिक हमले में नकाबपोश अपराधियों ने पंप कर्मियों को बंधक बनाकर करीब 3 लाख रुपये की नकदी लूट ली। वारदात के दौरान अपराधियों की क्रूरता और सबूत मिटाने की उनकी पेशेवर तैयारी ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

आधी रात का धावा: सफेद अपाचे पर सवार 'मौत' का दस्ता

जब इटखोरी मुख्य पथ पर सन्नाटा पसरा था, तभी दो सफेद रंग की अपाचे बाइक पर सवार 5 से 6 नकाबपोश अपराधी पेट्रोल पंप पर पहुंचे।

  • बंधक बनाए गए कर्मी: अपराधी सीधे ऑफिस चेंबर में दाखिल हुए और वहां मौजूद दयानंद सिंह (लातेहार) और सौरभ पांडे (गिद्धौर) पर रिवॉल्वर तान दी।

  • बेरहमी से मारपीट: जब कर्मियों ने कैश देने में आनाकानी की, तो अपराधियों ने उन पर लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। दहशत के साये में कर्मी असहाय हो गए और लुटेरों ने तिजोरी में रखे 3 लाख रुपये अपने कब्जे में ले लिए।

शातिर दिमाग: सीसीटीवी और कंप्यूटर सेटअप भी गायब

इस लूट की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अपराधी केवल पैसे लेकर नहीं भागे, बल्कि उन्होंने पुलिस को चुनौती देने के लिए तकनीकी सबूत भी मिटा दिए।

  1. सबूतों की सफाई: भागते समय अपराधी ऑफिस में लगा सीसीटीवी कैमरा, कंप्यूटर और वाई-फाई सेटअप तक उखाड़ कर साथ ले गए ताकि उनकी कोई भी रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ न लगे।

  2. मोबाइल छीने: कर्मियों के मोबाइल फोन भी छीन लिए गए, जिन्हें बाद में पुलिस को घटनास्थल से कुछ दूरी पर लावारिस हालत में मिले।

  3. सटीक रेकी: अपराधियों के काम करने के तरीके से साफ है कि उन्होंने पहले पंप की रेकी की थी और उन्हें पता था कि सीसीटीवी का डीवीआर (DVR) कहाँ रखा है।

चतरा पेट्रोल पंप लूट: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)

विवरण जानकारी
घटना स्थल इंदु फ्यूल, पांडेयमहुआ (गिद्धौर)
लूटी गई राशि लगभग ₹3,00,000 (3 लाख)
अपराधियों की संख्या 5 से 6 नकाबपोश
वाहन दो सफेद अपाचे मोटरसाइकिल
लूटा गया सामान कैश, सीसीटीवी, कंप्यूटर, वाई-फाई

इतिहास और सुरक्षा: क्यों आसान शिकार बन रहे हैं पंप?

चतरा-इटखोरी मार्ग ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह 'अपराधियों का कॉरिडोर' बनता जा रहा है। रात के समय पुलिस गश्ती (Patrolling) की कमी का फायदा उठाकर अपराधी अक्सर सुनसान इलाकों में स्थित पेट्रोल पंपों को निशाना बनाते हैं। इससे पहले भी गिद्धौर और आसपास के क्षेत्रों में कैश वैन और छोटे व्यापारियों के साथ लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। जानकारों का मानना है कि जब तक इन मुख्य मार्गों पर 'स्मार्ट मॉनिटरिंग' और चौबीसों घंटे पुलिस पिकेट की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक अपराधी ऐसे ही बेखौफ रहेंगे।

पुलिस की कार्रवाई: नाकेबंदी और जांच तेज

वारदात की सूचना मिलते ही गिद्धौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास के ढाबों और अन्य दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।

  • भागने के रास्ते: पुलिस उन सभी संभावित रास्तों की जांच कर रही है जहां से सफेद अपाचे सवार अपराधी फरार हुए होंगे।

  • थाना प्रभारी का बयान: पुलिस का दावा है कि अपराधियों ने कुछ तकनीकी गलतियां की हैं, जिसके आधार पर जल्द ही उनकी पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

दहशत में पंप संचालक

इस घटना के बाद चतरा जिले के पेट्रोल पंप संचालकों में भारी आक्रोश और डर है। व्यापारिक संगठनों ने मांग की है कि रात के समय हाईवे पर गश्त बढ़ाई जाए और पंपों को सुरक्षा दी जाए। 3 लाख की यह लूट केवल आर्थिक क्षति नहीं है, बल्कि यह कानून के इकबाल पर एक बड़ा प्रहार है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।