Dimna Attack: डिमना मध्य विद्यालय में छात्रों ने रौनक मुंडा को बेरहमी से पीटा, शिक्षकों के सामने यह बर्बरता हुई
जमशेदपुर के डिमना मध्य विद्यालय में 8वीं कक्षा के छात्र रौनक मुंडा को उसके सहपाठियों ने बेल्ट, कड़ा और डंडे से पीटा। स्कूल में 3-4 शिक्षकों की मौजूदगी के बावजूद किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी और न ही घायल छात्र के परिजनों को बुलाया। सिर के पीछे गंभीर चोट लगने के बाद रौनक को एमजीएम अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। युवा जदयू के हेमंत पाठक ने शिक्षकों की 'नैतिकता मर जाने' का आरोप लगाया। जानिए इस शर्मनाक घटना का पूरा विवरण और विद्यालय प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल।
जमशेदपुर, 12 नवंबर 2025 – जमशेदपुर के शैक्षणिक जगत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां स्कूल परिसर के अंदर ही एक छात्र को उसके सहपाठियों ने बेरहमी से पीटकर अधमरा कर दिया। मानगो डिमना स्थित डिमना मध्य विद्यालय में आज यह घटना घटी। सबसे शर्मनाक बात यह है कि हमले के दौरान प्रभारी प्राचार्या सहित कई शिक्षक उपस्थित थे, लेकिन किसी ने भी हिंसा को रोकने या पुलिस को सूचना देने की जहमत नहीं उठाई। मिर्जाडीह निवासी रौनक मुंडा (8वीं कक्षा) को गंभीर चोटें आई हैं, और उसे एमजीएम अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। सवाल यह है कि शिक्षकों की यह उदासीनता क्या स्कूलों में छात्र सुरक्षा की व्यवस्था पर सवाल खड़ा नहीं करती, और विद्यालय प्रबंधन ने यह बर्बरता होने पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
सहपाठियों की बर्बरता: बेल्ट, कड़ा और डंडे से हमला
घटना मंगलवार की है, जब विद्यालय परिसर के भीतर ही तीन छात्रों ने रौनक मुंडा पर जानलेवा हमला किया।
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पीड़ित: रौनक मुंडा, मिर्जाडीह निवासी और 8वीं कक्षा का छात्र।
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आरोपी: राधेश्याम पात्रो, सोमनाथ मार्डी एवं मानिक कुमार (रौनक के सहपाठी)।
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हमले का तरीका: रौनक की मां संगीता मुंडा ने बताया कि हमले के दौरान उनके बेटे के सिर के पीछे बेल्ट के बक्कल एवं कड़ा से गंभीर चोट पहुंचाई गई, जिसमें डंडों का भी इस्तेमाल किया गया।
शिक्षकों की उदासीनता: मूकदर्शक बने रहे प्राचार्या समेत अन्य
इस घटना का सबसे निंदनीय पहलू विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का रवैया रहा।
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मौजूदगी: घटना के दौरान विद्यालय में प्रभारी प्राचार्या रीता देवी सहित 3 से 4 शिक्षक उपस्थित थे।
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निष्क्रियता: इसके बावजूद, किसी ने न तो पुलिस को सूचना दी और न ही छात्र के परिजनों को बुलाया।
स्थानीय लोगों ने बचाई जान: ऑक्सीजन सपोर्ट पर रौनक
शिक्षकों की निष्क्रियता के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल छात्र की मदद की।
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अस्पताल पहुंचाया: स्थानीय लोगों ने घायल रौनक मुंडा को महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल पहुंचाया।
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हालत: रौनक को गंभीर चोटों के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है, और उसे सीटी स्कैन के लिए भेजा गया है।
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पुलिस रिपोर्ट: स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर परिवार ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
युवा जदयू का गुस्सा: शिक्षकों की नैतिकता पर सवाल
इस घटना पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
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हेमंत पाठक का आरोप: युवा जदयू प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हेमंत पाठक ने कहा कि विद्यालय परिसर में इस तरह की घटना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि शिक्षकों की नैतिकता मर चुकी है, जो छात्रों की पिटाई होते देख भी मूकदर्शक बने रहे।
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आगे की कार्रवाई: युवा जदयू ने कल विद्यालय जाकर दोषी छात्रों एवं शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग करने की घोषणा की है। इस दौरान पिंटू सिंह, संतोष भगत, टुनटुन सिंह और अन्य सदस्य मौजूद थे।
यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की लापरवाही के कारण एक छात्र की जान खतरे में पड़ गई, जिस पर गंभीर न्यायिक और प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है।
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