Jubilee Park Closed : जमशेदपुर का सबसे बड़ा पार्क 8 मार्च तक सील, फाउंडर्स डे की सजावट हटाने का काम शुरू, एंट्री पर लगा कड़ा पहरा
जमशेदपुर का प्रसिद्ध जुबिली पार्क 8 मार्च 2026 तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। फाउंडर्स डे की लाइटिंग और इल्यूमिनेशन को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। पार्क खुलने की नई टाइमिंग और सुरक्षा निर्देशों की पूरी जानकारी यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 6 मार्च 2026 – अगर आप इस वीकेंड दोस्तों या परिवार के साथ जमशेदपुर के दिल यानी जुबिली पार्क जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। शहर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जुबिली पार्क का मुख्य गेट अब आगामी 8 मार्च तक आम जनता के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया है। टाटा स्टील यूआईएसएल (Tata Steel UISL) ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है।
क्यों बंद किया गया मुख्य द्वार?
दरअसल, 3 मार्च को मनाए गए फाउंडर्स डे (स्थापना दिवस) के उपलक्ष्य में जुबिली पार्क को किसी दुल्हन की तरह सजाया गया था।
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भव्य इल्यूमिनेशन: पूरे पार्क में लेजर लाइट, विशाल लाइट इंस्टॉलेशन और आकर्षक रोशनी की सजावट की गई थी, जिसे देखने के लिए लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ी थी।
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सुरक्षित विदाई: अब इन भारी-भरकम बिजली के उपकरणों, तारों और संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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हादसे का डर: टाटा स्टील प्रबंधन और प्रशासन का मानना है कि तारों के बिखराव और क्रेन जैसी भारी मशीनों के उपयोग के दौरान यदि आम लोगों की आवाजाही रही, तो किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना बन सकती है। इसी जोखिम को शून्य करने के लिए 'एंट्री बैन' का फैसला लिया गया है।
8 मार्च के बाद ही मिलेगा प्रवेश
प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार:
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सीमित प्रवेश: 8 मार्च 2026 तक मुख्य गेट से किसी भी आम नागरिक को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
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सफाई अभियान: सजावट हटाने के साथ-साथ पूरे पार्क परिसर में व्यापक साफ-सफाई और रखरखाव का काम भी इसी दौरान पूरा किया जाएगा।
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9 मार्च से सामान्य: उम्मीद जताई जा रही है कि 9 मार्च की सुबह से पार्क को फिर से अपने पुराने स्वरूप और निर्धारित समय के अनुसार आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
जुबिली पार्क का इतिहास: टाटा का शहर को अनमोल तोहफा
जमशेदपुर की पहचान बन चुका यह पार्क केवल एक मनोरंजन स्थल नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक विरासत है।
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स्थापना: इस पार्क का उद्घाटन 2 मार्च 1958 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया था।
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प्रेरणा: इसका निर्माण मैसूर के प्रसिद्ध 'वृंदावन गार्डन' की तर्ज पर किया गया है। 37.5 एकड़ में फैला यह पार्क जमशेदपुर के संस्थापक जमशेदजी नसरवानजी टाटा की स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) के अवसर पर शहरवासियों को समर्पित किया गया था।
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परंपरा: हर साल 3 मार्च को संस्थापक दिवस पर होने वाली रोशनी का गवाह बनने के लिए न केवल झारखंड बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी लोग यहाँ आते हैं। सजावट हटने के बाद यह पार्क अपनी प्राकृतिक शांति और हरियाली के लिए फिर से तैयार हो रहा है।
प्रशासन की अपील: नियमों का करें पालन
टाटा स्टील यूआईएसएल और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से शहरवासियों से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान मुख्य गेट पर भीड़ न लगाएं।
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सहयोग की अपेक्षा: प्रशासन ने कहा है कि यह कार्य लोगों की सुरक्षा के लिए ही किया जा रहा है, अतः नियमों का पालन कर सहयोग करें।
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सुरक्षा प्रोटोकॉल: पार्क के अंदर वर्तमान में बिजली के खुले तार और स्टैंड्स हटाए जा रहे हैं, इसलिए मॉर्निंग वॉकर्स के लिए भी कुछ क्षेत्रों में पाबंदी लगाई गई है।
पार्क क्लोजर: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| पार्क का नाम | जुबिली पार्क, जमशेदपुर |
| बंद रहने की अवधि | 8 मार्च 2026 तक |
| वजह | फाउंडर्स डे लाइटिंग और सजावट हटाना |
| जारीकर्ता | जिला प्रशासन एवं टाटा स्टील यूआईएसएल |
| दोबारा खुलने की तिथि | 9 मार्च 2026 (संभावित) |
सुरक्षा सर्वोपरि
जुबिली पार्क की जगमगाहट ने इस साल भी जमशेदपुर का मान बढ़ाया है। अब इसे फिर से सुरक्षित और स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। भले ही अगले दो दिनों तक आप यहाँ की सैर न कर पाएं, लेकिन यह इंतज़ार एक सुरक्षित और व्यवस्थित अनुभव के लिए बेहद जरूरी है। 9 मार्च को जब आप दोबारा यहाँ जाएंगे, तो आपको वही शांत और हरा-भरा जुबिली पार्क मिलेगा जो जमशेदपुर की धड़कन है।
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