Saraikela Fire : कांड्रा में आग का तांडव, फुटपाथी दुकानें जलकर खाक!
सरायकेला के कांड्रा में देर रात लगी आग से चार फुटपाथी दुकानें जलकर राख हो गईं। आग कैसे लगी, यह अब भी रहस्य बना हुआ है, लेकिन शक की सुई एक महिला पर जा रही है। जानिए पूरी खबर!

सरायकेला: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा में शुक्रवार देर रात एक रहस्यमयी आग ने चार फुटपाथी दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस आगजनी में दो दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि दो अन्य को आंशिक नुकसान हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
आग कैसे लगी? शक की सुई एक महिला पर!
आग किस वजह से लगी, इसका ठोस कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय दुकानदारों ने शक जताया है कि यह आग एक विक्षिप्त महिला द्वारा लगाई गई हो सकती है। बताया जा रहा है कि वह अक्सर कचरे में आग लगाने की हरकतें करती थी।
पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
गनीमत रही कि गश्त कर रही कांड्रा पुलिस की नजर इस आग पर पड़ गई।
तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
आधुनिक अग्निशमन वाहन बुलाए गए।
एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
अगर समय रहते यह कदम नहीं उठाया जाता, तो आग पूरे बाजार में फैल सकती थी और बड़ा नुकसान हो सकता था।
दुकानदारों की बदहाली – रोजी-रोटी पर संकट
जिन दुकानों में आग लगी, उनमें कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाने-पीने का सामान बिकता था।
दुकानदारों ने आर्थिक नुकसान की भरपाई की मांग की है।
आग से बर्बाद दुकानों के मालिक अब सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
क्या यह हादसा था या कोई साजिश?
यह सवाल अब बड़ा हो गया है कि –
क्या यह कोई दुर्घटना थी या किसी की सोची-समझी साजिश?
क्या विक्षिप्त महिला को ही दोषी माना जाएगा या इसके पीछे कोई और वजह है?
पुलिस किस नतीजे पर पहुंचेगी, और क्या दोषियों को सजा मिलेगी?
स्थानीय प्रशासन पर उठ रहे सवाल
अब लोगों का सवाल है कि अगर पुलिस पहले से सतर्क रहती तो यह हादसा रोका जा सकता था। स्थानीय लोगों ने कहा –
"अगर इलाके में सुरक्षा के बेहतर इंतजाम होते, तो दुकानों में आग नहीं लगती।"
"सरकार को दुकानदारों के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।"
क्या कांड्रा फिर से सुरक्षित हो पाएगा?
कांड्रा के बाजारों में अब भी डर का माहौल है। दुकानदार अब प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
क्या पुलिस इस रहस्य से पर्दा हटा पाएगी?
क्या आग की असली वजह सामने आएगी?
क्या दुकानदारों को न्याय मिलेगा?
इन सभी सवालों के जवाब अभी भविष्य के गर्भ में छिपे हैं। लेकिन एक बात तय है – अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर हो सकती हैं!
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