Saraikela Accident : चांडिल स्टेशन के पास दिल दहला देने वाला हादसा, मजदूर को कुचलकर फरार हुआ वाहन!
सरायकेला के चांडिल स्टेशन के पास एक अज्ञात वाहन ने मजदूर को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सिर पर गहरी चोटें और हाथ टूटा, हालत नाजुक होने पर रिम्स रेफर किया गया। जानिए पूरी खबर!

सरायकेला: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। चांडिल स्टेशन के पास शनिवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। इस दुर्घटना में एक मजदूर को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी और फरार हो गया। हादसा इतना खौफनाक था कि मजदूर के सिर में गहरी चोटें आईं और एक हाथ पूरी तरह टूट गया।
पीड़ित कौन है और हादसा कैसे हुआ?
घायल व्यक्ति की पहचान लालबहादुर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से चांडिल के तितकी गांव के निवासी हैं।
वे आदित्यपुर में रहते हैं और मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं।
शुक्रवार को वे अपने गांव गए थे और शनिवार सुबह पैदल स्टेशन की ओर लौट रहे थे।
इसी दौरान एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत, तुरंत पहुंचाई मदद
दुर्घटना के बाद सड़क पर लहूलुहान पड़े लालबहादुर को देखकर स्थानीय लोग घबरा गए।
उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और प्राथमिक इलाज के लिए उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
पहले एमजीएम अस्पताल लाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें रांची के रिम्स रेफर कर दिया।
परिवार का दर्द – "सुबह घर से निकला था, नहीं जानते थे कि यह होगा!"
हादसे की खबर मिलते ही लालबहादुर की पत्नी और परिजन अस्पताल पहुंचे।
उनकी पत्नी ने रोते हुए बताया, "वो बस अपने गांव से वापस लौट रहा था, किसे पता था कि यह हादसा हो जाएगा। अब तक कोई नहीं जानता कि उसे टक्कर मारने वाला कौन था!"
सवालों के घेरे में प्रशासन – कब मिलेगा इंसाफ?
अज्ञात वाहन चालक अब तक फरार है, पुलिस जांच में जुटी है।
इलाके में CCTV कैमरों की कमी से जांच में मुश्किलें आ रही हैं।
लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या रोड सेफ्टी के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है?
चांडिल और आसपास के इलाकों में हिट एंड रन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
सवाल यह है कि अगर सड़क सुरक्षा के बेहतर इंतजाम होते, तो क्या यह हादसा टल सकता था?
प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे।
क्या आरोपी पकड़ा जाएगा? या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
इस दर्दनाक हादसे ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कब तक लापरवाही और तेज रफ्तार मासूमों की जान लेती रहेगी? अब देखना होगा कि पुलिस इस अज्ञात वाहन चालक को पकड़कर पीड़ित को न्याय दिला पाती है या नहीं!
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