Jhansi Tragedy: मेडिकल कॉलेज में आग से 10 नवजातों की मौत,योगी सरकार पर डॉ. अजय कुमार का तीखा हमला
झांसी मेडिकल कॉलेज में आग से 10 नवजातों की मौत पर कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने योगी सरकार को घेरा। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर सवाल बताया। पढ़ें पूरी खबर।
17 नवम्बर, 2024:उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। कांग्रेस नेता और जमशेदपुर पूर्वी के पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार ने इस त्रासदी पर शोक व्यक्त करते हुए योगी सरकार पर जमकर हमला बोला।
डॉ. अजय का तीखा प्रहार: "शर्म करो योगी सरकार"
डॉ. अजय कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा उत्तर प्रदेश में सरकार की लापरवाही और अव्यवस्थाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा,
"झांसी मेडिकल कॉलेज में आग से 10 नवजात शिशुओं की मौत विकास का कौन सा अध्याय है, योगी सरकार को बताना चाहिए।"
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद सीएम ने मौके पर जाकर पीड़ित परिवारों से मिलना जरूरी नहीं समझा। इसके बजाय, वे चुनावी रैलियों में व्यस्त रहे।
आगजनी और प्रशासन की लापरवाही
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झांसी मेडिकल कॉलेज में आगजनी का यह हादसा इसलिए और भी गंभीर हो गया क्योंकि वहां लगे अग्निशमन यंत्र पिछले एक साल से खराब पड़े थे। डॉक्टर अजय कुमार ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार को इन लापरवाहियों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, "यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश में इस तरह की त्रासदी हुई हो। इससे पहले 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से कई मासूमों की जान चली गई थी।"
बचाव कार्य और मानवता की मिसाल
इस हादसे के दौरान, मेडिकल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाकर कई बच्चों को बचाया। डॉ. अजय ने इन बहादुर लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने मानवता की अद्भुत मिसाल पेश की है।
इतिहास दोहराया: गोरखपुर त्रासदी की याद
झांसी की यह घटना गोरखपुर त्रासदी की याद दिलाती है। 2017 में, गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण 60 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी। उस समय भी सरकार ने मामले की लीपापोती की और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
क्या कहता है विपक्ष?
डॉ. अजय ने कहा कि यूपी में डबल इंजन सरकार की नीतियां केवल चुनावी प्रचार तक सीमित हैं। उन्होंने कहा, "योगी सरकार की प्राथमिकता केवल सत्ता और प्रचार है। मासूमों की मौत पर उनकी चुप्पी सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है।"
जनता का गुस्सा और सवाल
इस हादसे ने आम जनता में भी आक्रोश पैदा किया है। सवाल उठ रहे हैं कि कैसे एक मेडिकल कॉलेज, जो राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है, आग से निपटने के लिए तैयार नहीं था।
झांसी मेडिकल कॉलेज की यह घटना यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। डॉ. अजय कुमार का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि सरकार को इन त्रासदियों से सबक लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है, या फिर यह घटना भी जांच कमिटी और लीपापोती तक ही सिमट कर रह जाएगी।
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