Holi Celebration: होली के रंग में रंगा तारा पब्लिक स्कूल, बच्चों ने अबीर-गुलाल संग मनाया उत्सव
हाता के तारा पब्लिक स्कूल में बच्चों ने अबीर-गुलाल संग मनाई होली! रंगों, नृत्य और संगीत के साथ शानदार उत्सव का नजारा। जानें पूरी खबर।

हाता (झारखंड) – होली का त्योहार आते ही हर तरफ रंगों की बौछार और खुशियों की गूंज सुनाई देने लगती है। इस बार तारा पब्लिक स्कूल, हरिवंश नगर, हाता में बच्चों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर और नृत्य-गीतों के संग होली का ज़बरदस्त आनंद लिया। पूरे स्कूल परिसर में होली की उमंग और उत्साह साफ़ झलक रहा था।
बच्चों ने लगाए अबीर, गीतों पर झूमे छात्र
रंगों के इस महोत्सव में बच्चों ने एक-दूसरे को हल्के अबीर-गुलाल से रंग कर होली की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान विभिन्न होली गीतों पर बच्चों ने शानदार नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल उत्साह से भर उठा। स्कूल के शिक्षकों ने भी बच्चों के साथ मिलकर इस आयोजन को खास बनाया।
प्राचार्य ने दिया खास संदेश
इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य कमलेश मिश्र ने बच्चों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल होली मनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा,
"रासायनिक रंगों से बचें और प्राकृतिक रंगों से खेलें ताकि हमारी त्वचा और आँखों को कोई नुकसान न हो। साथ ही, जबरदस्ती किसी पर रंग न डालें, बल्कि प्यार और सम्मान के साथ होली का आनंद लें।"
शिक्षकों की विशेष मौजूदगी
इस कार्यक्रम में स्कूल के कई शिक्षक-शिक्षिकाएँ भी शामिल हुए और उन्होंने बच्चों को होली से जुड़ी रोचक बातें बताईं। इस अवसर पर हेमचंद्र पात्र, अंबुज प्रमाणिक, अर्जुन झा, मिहिर गोप, राजकपूर महाकुड़, संगीता सरदार, निकिता गोप, झुनू राणा, नमिता सरदार, सुषमा भकत, शिल्पा बारिक, मनीषा नामता, संगीता पाल, जस्मीन मुर्मू, दुलमी हांसदा और सुनिता टोपनो समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
होली और इसकी परंपरा – एक नजर
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, होली का संबंध भक्त प्रह्लाद और उनके पिता हिरण्यकश्यप की कथा से है। जब हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका को आग में बैठने को कहा, तब भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद बच गए और होलिका जलकर भस्म हो गईं। इसी घटना की याद में होली का त्योहार मनाया जाता है।
स्कूल में दिखा सांस्कृतिक समागम
इस बार तारा पब्लिक स्कूल में होली केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि बच्चों के लिए एक सीख भी थी। यहां उन्होंने सांस्कृतिक परंपराओं को जाना, संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखारा और मित्रता के रंगों में रंगे गए।
क्या थी इस आयोजन की खास बातें?
बच्चों ने अबीर-गुलाल से एक-दूसरे को रंगा
होली गीतों पर शानदार नृत्य और प्रस्तुति
शिक्षकों ने बच्चों को सुरक्षित होली खेलने की सीख दी
परंपरागत होली की कहानी भी साझा की गई
तारा पब्लिक स्कूल में मनाई गई होली ने सभी के चेहरे पर मुस्कान ला दी। इस आयोजन ने न सिर्फ बच्चों को होली की सही परंपरा और सुरक्षित तरीके से खेलने की सीख दी, बल्कि उन्हें एक-दूसरे के साथ सौहार्द और प्रेम से रहना भी सिखाया।
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