Bokaro Murder Mystery: 13 दिन से लापता युवक का शव खदान में मिला, डूबने या हत्या का मामला?
बोकारो में 13 दिन से लापता युवक राहुल कुमार का शव खदान में मिला। हादसा या हत्या? परिजन और स्थानीय लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस जांच जारी।

बोकारो थर्मल: गोविंदपुर कॉलोनी में शनिवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब 13 दिनों से लापता युवक राहुल कुमार का शव सीसीएल गोविंदपुर परियोजना की बंद खदान में तैरता मिला। यह खबर इलाके में आग की तरह फैल गई, और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। 21 वर्षीय राहुल के शव को देखकर लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे—क्या यह हादसा था, या फिर किसी ने साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी?
कैसे सामने आया शव?
सुबह कुछ स्थानीय लोग खदान में नहाने और मछली पकड़ने पहुंचे थे, तभी उन्होंने पानी में एक शव तैरता देखा। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान राहुल कुमार के रूप में हुई। शव मिलने की सूचना मिलते ही राहुल के परिवार के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां माहौल बेहद गमगीन हो गया।
परिवार का आरोप: यह हत्या है, हादसा नहीं!
राहुल 16 फरवरी की शाम घर से बाजार जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन फिर लौटकर नहीं आया। जब काफी देर तक कोई खबर नहीं मिली तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 17 फरवरी को राहुल के पिता राजकुमार भुइयां ने स्थानीय थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अब जब राहुल का शव मिला है, तो परिवार के साथ-साथ कॉलोनी के लोग भी इसे महज हादसा मानने को तैयार नहीं हैं। राहुल के दोस्तों का कहना है कि वह एक कुशल तैराक था और अक्सर इसी खदान में तैरने जाता था। ऐसे में यह मानना मुश्किल है कि वह पानी में डूबकर मरा होगा। लोगों का शक गहराता जा रहा है कि राहुल की हत्या कर शव को खदान में फेंका गया है।
पुलिस जांच के घेरे में कई सवाल
- राहुल आखिर 13 दिनों तक कहां था?
- अगर उसने आत्महत्या की, तो उसके पास से कोई सुसाइड नोट क्यों नहीं मिला?
- क्या किसी ने उसे धोखे से बुलाकर खदान में धकेल दिया?
- क्या यह कोई आपसी रंजिश का मामला है?
इन तमाम सवालों के जवाब के लिए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि राहुल की मौत पानी में डूबने से हुई या फिर उसके साथ कोई और वारदात हुई थी।
खदान बनी मौत का कुआं
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इस बंद खदान से शव मिला हो। इससे पहले भी यहां कई हादसे हो चुके हैं। प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन को इस खदान को सील करने की कई बार सलाह दी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अगर समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो शायद राहुल की जान बचाई जा सकती थी।
क्या मिलेगा राहुल के परिवार को इंसाफ?
राहुल के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि जब तक इस मामले की गहराई से जांच नहीं होगी और सच सामने नहीं आएगा, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझा पाती है या नहीं। क्या यह महज एक हादसा था, या फिर कोई बड़ा षड्यंत्र? राहुल की मौत का राज धीरे-धीरे खुलने लगा है, लेकिन अभी भी कई परतें बाकी हैं।
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