आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2024: कब से शुरू हो रहे हैं और क्या है माता की सवारी का महत्व?

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2024 इस साल 6 जुलाई से 15 जुलाई तक मनाए जाएंगे। जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, मां दुर्गा की सवारी का महत्व, और प्रत्येक दिन कौन-कौन से देवी स्वरूपों की पूजा की जाएगी। इस विशेष पर्व की पूरी जानकारी और FAQs यहाँ पढ़ें।

Jul 3, 2024 - 14:33
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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2024: कब से शुरू हो रहे हैं और क्या है माता की सवारी का महत्व?
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2024: कब से शुरू हो रहे हैं और क्या है माता की सवारी का महत्व?

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के पर्व का मां दुर्गा के भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस साल आषाढ़ मास में गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई 2024, शनिवार से शुरू हो रहे हैं और 15 जुलाई 2024, सोमवार को समापन होंगे। इस बार गुप्त नवरात्रि नौ नहीं बल्कि दस दिन के होंगे। इस विशेष पर्व के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। जानें, कब से शुरू हो रहे हैं गुप्त नवरात्रि और क्या है माता की सवारी का महत्व?

गुप्त नवरात्रि का महत्व और तिथियां

क्या है गुप्त नवरात्रि का महत्व?

गुप्त नवरात्रि का महत्व विशेष रूप से मां दुर्गा की गुप्त रूप से पूजा करने में है। मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

तिथिवार पूजा का विवरण

  • प्रतिपदा तिथि (6 जुलाई 2024) - मां काली की पूजा
  • द्वितीया तिथि (7 जुलाई 2024) - मां तारा की पूजा
  • तृतीया तिथि (8 जुलाई 2024) - मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा
  • चतुर्थी तिथि (9 जुलाई 2024) - मां भुवनेश्वरी की पूजा
  • पंचमी तिथि (10 जुलाई 2024) - मां छिन्नमस्तिका की पूजा
  • षष्ठी तिथि (11 जुलाई 2024) - मां त्रिपुर भैरवी की पूजा
  • सप्तमी तिथि (12 जुलाई 2024) - मां धूमावती की पूजा
  • अष्टमी तिथि (13 जुलाई 2024) - मां बगलामुखी की पूजा
  • नवमी तिथि (14 जुलाई 2024) - मां मातंगी की पूजा
  • दशमी तिथि (15 जुलाई 2024) - मां कमला की पूजा

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

क्या है घटस्थापना का शुभ मुहूर्त?

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 6 जुलाई को सुबह 05:28 बजे से 10:06 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, कलश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त 11:57 एएम से 12:53 पीएम तक रहेगा।

मां दुर्गा की सवारी का महत्व

क्या है मां दुर्गा की सवारी का महत्व?

नवरात्रि में आदिशक्ति मां दुर्गा की सवारी का विशेष महत्व होता है। इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई, शनिवार से शुरू हो रहे हैं। शनिवार के हिसाब से मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर धरती पर आगमन करेंगी। मां दुर्गा का घोड़े पर आगमन प्राकृतिक आपदा का संकेत देता है।

निष्कर्ष

इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेंगे। भक्तगण मां दुर्गा की पूजा गुप्त रूप से करेंगे और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति करेंगे। घटस्थापना के शुभ मुहूर्त और मां दुर्गा की सवारी के महत्व को ध्यान में रखते हुए, इस पवित्र पर्व को मनाने के लिए तैयार हो जाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. गुप्त नवरात्रि कब से शुरू हो रहे हैं?
गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई 2024, शनिवार से शुरू हो रहे हैं और 15 जुलाई 2024, सोमवार को समाप्त होंगे।

2. घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 6 जुलाई को सुबह 05:28 बजे से 10:06 बजे तक है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त 11:57 एएम से 12:53 पीएम तक रहेगा।

3. मां दुर्गा की सवारी का क्या महत्व है?
इस साल मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं, जो प्राकृतिक आपदा का संकेत देता है।

4. गुप्त नवरात्रि में कौन-कौन से देवी स्वरूपों की पूजा की जाती है?
गुप्त नवरात्रि में मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्तिका, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी, और मां कमला की पूजा की जाती है।

5. गुप्त नवरात्रि क्यों महत्वपूर्ण हैं?
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की गुप्त रूप से पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।