Jamshedpur Firing: जमशेदपुर में फायरिंग की गूंज, रहस्यमय हमले के बाद रोहित कुमार ने कैसे बचाई जान?
जमशेदपुर के बिष्टुपुर में बाइक सवार रोहित कुमार पर फायरिंग की गई, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से बच निकला। जानिए, इस मामले में पुलिस की जांच कहां तक पहुंची और क्या कोई पुराना कनेक्शन सामने आया?

जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात को एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब गर्मनाला इलाके के पास रोहित कुमार सिंह पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। रोहित, जो मानगो पोस्ट ऑफिस रोड का निवासी है और एक मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करता है, घटना के वक्त अपनी बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही उसने खुद पर गोलियां चलते देखीं, वह बाइक छोड़कर भाग खड़ा हुआ और जान बचाने में सफल रहा।
कैसे बची रोहित की जान?
फायरिंग के बाद रोहित घबराया नहीं, बल्कि तुरंत सतर्कता दिखाई। उसने सड़क किनारे खड़ी एक कार के पास जाकर उसमें बैठे युवकों से मदद मांगी और किसी तरह घर पहुंचने में कामयाब रहा। घर पहुंचकर उसने तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस जांच में क्या आया सामने?
रात करीब 12 बजे तक सिटी एसपी, डीएसपी और तीन थाना प्रभारी मौके पर मौजूद रहे और रोहित को साथ लेकर घटनास्थल की जांच की। हालांकि, पुलिस को मौके से कोई खोखा या पुख्ता सबूत नहीं मिला। आश्चर्यजनक रूप से, रोहित का कहना है कि उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। लेकिन एक चौंकाने वाली बात सामने आई—उसके बड़े भाई राजा सिंह की हत्या पहले ही हो चुकी थी। हालांकि, रोहित का कहना है कि उसका उस मामले से कोई लेना-देना नहीं था।
क्या हमले का कोई पुराना कनेक्शन है?
पुलिस अभी इस मामले को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर रोहित की किसी से दुश्मनी नहीं थी, तो उसे निशाना क्यों बनाया गया? क्या यह सिर्फ एक डराने की कोशिश थी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?
फिलहाल, पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
What's Your Reaction?






