Ranchi Earthquake Alert: भूकंप के झटकों से कांपी धरती, दहशत में लोग!
रांची में सुबह 6 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। बंगाल और ओडिशा में भी भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 5.5 थी। जानिए, झारखंड में क्यों आते हैं भूकंप और इस दौरान क्या करना चाहिए?

रांची में सुबह 6 बजे धरती हिल गई! अचानक महसूस किए गए भूकंप के झटकों ने लोगों को हिलाकर रख दिया। यह झटके सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं थे, बल्कि बंगाल और ओडिशा में भी लोगों ने कंपन महसूस किया। राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जान-माल की हानि की सूचना नहीं मिली। लेकिन सुबह-सुबह आए इस भूकंप ने लोगों को डरा दिया।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता
भूकंप विज्ञानियों के अनुसार, इसका केंद्र बंगाल की खाड़ी में था। हालाँकि, रांची में आए भूकंप की तीव्रता को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। बंगाल और ओडिशा में आए झटकों की तीव्रता 5.5 मापी गई। इससे पहले दिल्ली में भी रात के वक्त हल्के झटके महसूस किए गए थे।
झारखंड में क्यों आते हैं भूकंप? जानिए भूगर्भीय कारण
भले ही झारखंड को उच्च भूकंपीय जोखिम वाले क्षेत्रों में नहीं रखा गया है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां भूकंप के झटकों में वृद्धि देखी गई है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार, झारखंड पूर्वी भारत के टेक्टोनिक प्लेट्स के करीब है, जहां हलचल होती रहती है। यही कारण है कि यहाँ कभी-कभी हल्के या मध्यम तीव्रता के भूकंप महसूस किए जाते हैं।
इतिहास पर नज़र डालें तो झारखंड में 1934 में आए भूकंप ने काफी तबाही मचाई थी। यह भूकंप बिहार-नेपाल क्षेत्र में आया था, जिसकी तीव्रता 8.0 थी और इससे झारखंड, बिहार और नेपाल में भारी नुकसान हुआ था। हाल के वर्षों में भी झारखंड और पड़ोसी राज्यों में छोटे भूकंप आते रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह क्षेत्र भी भूकंपीय हलचल से अछूता नहीं है।
सुबह-सुबह भूकंप: लोग दहशत में क्यों आ जाते हैं?
सुबह के वक्त जब लोग अपने घरों में सो रहे होते हैं या दिन की शुरुआत कर रहे होते हैं, तब अचानक धरती के हिलने से घबराहट फैल जाती है। रांची में भी ऐसा ही हुआ। कुछ लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए, जबकि कई लोगों ने भूकंप महसूस ही नहीं किया।
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि अगर झटके हल्के होते हैं, तो कई बार ऊँची इमारतों में रहने वाले लोगों को ही इनका अहसास होता है। लेकिन अगर झटके तेज़ हों, तो सड़कें, इमारतें, पेड़-पौधे सब हिलने लगते हैं और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ता है।
भूकंप के दौरान क्या करें और क्या न करें?
खुले स्थानों पर जाएं – अगर झटके तेज़ महसूस हों, तो तुरंत घर, बिल्डिंग या किसी भी बंद स्थान से बाहर निकलकर खुले मैदान की ओर जाएं।
इमारतों से दूर रहें – ऊँची इमारतों, पुलों और बिजली के खंभों से दूर रहें, क्योंकि भूकंप में इनके गिरने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
दरवाजे या टेबल के नीचे छुपें – अगर आप घर के अंदर ही हैं और बाहर निकलना संभव नहीं है, तो मजबूत दरवाजे या टेबल के नीचे छुप जाएं और अपने सिर को बचाएं।
लिफ्ट का इस्तेमाल न करें – भूकंप के समय लिफ्ट का इस्तेमाल जानलेवा हो सकता है।
झारखंड में हाल के वर्षों में आए भूकंप
26 जनवरी 2022 – रांची में हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।
15 अगस्त 2018 – जमशेदपुर में भूकंप के झटके आए, जिसकी तीव्रता 4.6 थी।
2001 गुजरात भूकंप – इस भूकंप के झटके झारखंड तक महसूस किए गए थे, जिससे कुछ इमारतों में दरारें आ गई थीं।
क्या फिर आ सकता है भूकंप? वैज्ञानिकों की राय
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि झारखंड और पूर्वी भारत का इलाका टेक्टोनिक मूवमेंट से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। हालांकि, झारखंड में बड़े भूकंप आने की संभावना कम होती है, फिर भी किसी भी आपदा के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
रांची और आसपास के इलाकों में सुबह-सुबह आए भूकंप ने लोगों को डरा दिया। हालाँकि, इसमें किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई, लेकिन भूकंप हमेशा सतर्क रहने की चेतावनी देता है। हमें यह समझना होगा कि भूकंप की सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है, इसलिए हर समय तैयार रहना ही सबसे अच्छा उपाय है।
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