साहित्य

आजादी का रखना मान - विजय नारायण सिंह "बेरुका"

गीतिका आधार छंद -- आल्हा / वीर छंद मात्रिक छंद (मात्राभार 16,15 पर यति) 1...

हेलो, मैं तिरंगा - आलोक सिंह, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

हेलो, मैं तिरंगा , एक प्रश्न पूछना था ! तुम्हें कौन सा रंग पसंद है ?.........

दुर्ग में श्रमजीवी पत्रकार संघ की तिरंगा यात्रा: देशभक्...

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में श्रमजीवी पत्रकार संघ ने निकाली तिरंगा यात्रा, जिसमें जिले...

सैंतालिस तक विकसित देश - डाँ0 यमुना तिवारी व्यथित

लालकिला का संदेश  सैंतालिस तक विकसित देश, सब क्षेत्रों में होंगे खुशहाल  नहीं...

ग़ज़ल - 7-नौशाद अहमद सिद्दीकी, भिलाई

15 अगस्त 2024 के विशेष अवसर पर,,, हम हैं तैयार हर इम्तिहां के लिए,,, फिक्र...

जश्न आज़ादी का - सविता गुप्ता, झारखंड

जश्न मनाओ आज़ादी का,वीर जीत के मंत्र का। ग़ुलामी से दिलाया मुक्ति,पंद्रह अगस्त ...

आर्ष भारत सहर्ष  - लता सूर्य प्रकाश ,केरला

   भारत जैसे पवित्र धरती हमारी मां ।  पर स्वतंत्रता के कितने मकुट पहली नजर में...

सरग से भी बढ़कर  - डाँ0 यमुना तिवारी व्यथित

सरग से भी बढ़कर करें अपने वतन से प्यार, वतन पे मर मिटे हैं  कितने लाल बे शुमा...

योगी का अखंड भारत प्लान - डाॅ0 यमुना तिवारी व्यथित

योगी का अखंड भारत प्लान  खत्म होने वाला पाकिस्तान, भारत में विलय की संभावना ड...

वनांचल साहित्य समरोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति का महाकुंभ...

वनांचल साहित्य सृजन समिति मोहला द्वारा आयोजित एक दिवसीय साहित्यिक समरोह में छत्त...

ग़ज़ल - 10 - रियाज खान गौहर, भिलाई

नजर से नजर तुम मिलाकर तो देखो  मुझे अपनें दिल में बसाकर तो देखो ..........

ग़ज़ल - 6 -नौशाद अहमद सिद्दीकी, भिलाई

मोहब्बत की ऐसी तो सूरत नहीं है,  दिखावे की चाहत है, चाहत नहीं है।   ........