Durg Victory बीजेपी ने दुर्ग निगम में जमाया कब्जा, कांग्रेस को 67 हजार वोटों से हराया!

दुर्ग नगर निगम चुनाव में बीजेपी का जलवा! अलका बाघमार ने कांग्रेस की प्रेमलता पोषण साहू को 67,295 वोटों से हराया। बीजेपी ने दुर्ग निगम पर फिर कब्जा जमाया, कांग्रेस की रणनीति फेल। जानिए पूरी खबर!

Feb 15, 2025 - 17:47
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Durg Victory बीजेपी ने दुर्ग निगम में जमाया कब्जा, कांग्रेस को 67 हजार वोटों से हराया!
Durg Victory बीजेपी ने दुर्ग निगम में जमाया कब्जा, कांग्रेस को 67 हजार वोटों से हराया!

दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम चुनाव में इस बार भी बीजेपी का परचम लहराया और कांग्रेस को भारी शिकस्त मिली। बीजेपी प्रत्याशी अलका बाघमार ने कांग्रेस की प्रेमलता पोषण साहू को 67,295 वोटों से हराकर महापौर पद पर कब्जा जमा लिया। इस जीत के साथ ही बीजेपी ने दुर्ग नगर निगम पर फिर से अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जो पहले कांग्रेस के पास था।

 चुनाव का नाटकीय मोड़, कांग्रेस क्यों हुई फेल?

कांग्रेस ने इस बार गलत टिकट वितरण की बड़ी गलती कर दी, जिसका फायदा बीजेपी को मिला। अंदरूनी गुटबाजी और कमजोर प्रत्याशी के चलते कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। चुनावी गणना की शुरुआत से ही बीजेपी प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए थीं और हर राउंड के साथ अंतर बढ़ता ही गया।

 मतगणना में बीजेपी की लगातार बढ़त

सुबह 9 बजे शुरू हुई मतगणना में पहले ही डाक मतपत्रों में बीजेपी 59 वोटों से आगे थी। पहले राउंड में ही बीजेपी को 25,782 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 9,303 वोट मिले, जिससे बीजेपी ने 16,479 वोटों की बढ़त बना ली। यह बढ़त लगातार बढ़ती गई और आखिर में अंतर 67,295 वोटों तक पहुंच गया।

राउंड बीजेपी (अलका बाघमार) कांग्रेस (प्रेमलता साहू) बीजेपी की बढ़त
पहला 25,782 9,303 +16,479
दूसरा 51,422 18,215 +33,207
तीसरा 75,345 27,058 +48,287
चौथा 93,634 34,378 +59,256
पांचवा 1,02,299 37,982 +64,317
आठवां 1,07,642 40,347 +67,295

 बीजेपी का मजबूत संगठन, कांग्रेस के लिए बड़ा सबक

बीजेपी ने इस चुनाव में अपनी रणनीति को बेहद सटीक तरीके से लागू किया। स्थानीय नेताओं, विधायक गजेन्द्र यादव और भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक ने कार्यकर्ताओं को संगठित किया और घर-घर प्रचार किया। दूसरी ओर, कांग्रेस की कमजोर रणनीति, प्रत्याशी चयन में गलती और जनता से संवाद की कमी के चलते उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।

दुर्ग का राजनीतिक इतिहास – बीजेपी और कांग्रेस की लड़ाई

दुर्ग नगर निगम में पिछली बार कांग्रेस के धीरज बाकलीवाल महापौर बने थे, लेकिन इस बार कांग्रेस अपनी सीट नहीं बचा पाई। दुर्ग की राजनीति हमेशा से बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर का केंद्र रही है, लेकिन इस बार बीजेपी ने बहुमत के साथ जीत हासिल की।

 अहिवारा नगर पालिका में निर्दलीय प्रत्याशी का जलवा!

दूसरी ओर, अहिवारा नगर पालिका में चौंकाने वाला नतीजा आया, जहां भाजपा प्रत्याशी नटवर ताम्रकार को निर्दलीय प्रत्याशी विद्यानंद कुशवाहा ने 2,807 वोटों से हरा दिया। अहिवारा में भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले विद्यानंद कुशवाहा ने 5,978 वोटों के साथ जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 3,171 वोट और कांग्रेस के भुवन साहू को 1,972 वोट ही मिले।

दुर्ग और अहिवारा के नतीजों से क्या संकेत मिलते हैं?

बीजेपी की संगठन शक्ति - दुर्ग में बीजेपी का मजबूत संगठन और रणनीति कांग्रेस पर भारी पड़ी।
कांग्रेस की गुटबाजी - टिकट वितरण में गड़बड़ी और कमजोर नेतृत्व कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
निर्दलीय की बढ़ती ताकत - अहिवारा में निर्दलीय प्रत्याशी की जीत से यह साफ है कि स्थानीय स्तर पर अब बीजेपी-कांग्रेस के अलावा अन्य विकल्पों को भी लोग पसंद करने लगे हैं।

 आगे क्या होगा?

अब जब दुर्ग नगर निगम में बीजेपी ने कब्जा जमा लिया है, तो देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन में क्या बदलाव आते हैं और जनता से किए गए वादे कितने पूरे होते हैं

क्या कांग्रेस अपनी हार से सबक लेगी या फिर अगली बार भी बीजेपी ही बाजी मारेगी? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं! ????️????

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।