Jharkhand Liquor Price Hike: 1 सितंबर से महंगी होगी शराब-बियर, निजी हाथों में बिक्री, जानें नई रेट लिस्ट

झारखंड में 1 सितंबर 2025 से शराब महंगी होने जा रही है। सरकार ने वैट घटाने के बावजूद नए टैक्स और एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। आखिर कितनी बढ़ीं कीमतें? और क्यों निजी हाथों में दी जा रही बिक्री? जानें पूरी खबर।

Aug 29, 2025 - 13:33
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Jharkhand Liquor Price Hike: 1 सितंबर से महंगी होगी शराब-बियर, निजी हाथों में बिक्री, जानें नई रेट लिस्ट
Jharkhand Liquor Price Hike: 1 सितंबर से महंगी होगी शराब-बियर, निजी हाथों में बिक्री, जानें नई रेट लिस्ट

 झारखंड सरकार ने शराब पीने वालों को बड़ा झटका दे दिया है। 1 सितंबर 2025 से राज्य में शराब की खुदरा बिक्री निजी हाथों में सौंप दी जाएगी। इसके साथ ही नई दरों की घोषणा कर दी गई है, जिसमें सस्ती शराब और बियर की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की गई है।

निजी हाथों में शराब की बिक्री

राज्य सरकार ने शराब की खुदरा बिक्री का पूरा ढांचा बदल दिया है। अब तक यह काम सरकार के अधीन था, लेकिन 1 सितंबर से यह जिम्मेदारी निजी कंपनियों और दुकानदारों को दे दी जाएगी।

  • दुकानों को लाइसेंस शुल्क और सिक्योरिटी मनी जमा करनी पड़ी है।

  • सिर्फ रांची में ही 150 से अधिक शराब दुकानों की बंदोबस्ती पूरी हो चुकी है।

  • विभाग ने 30 अगस्त से साइट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नई रेट लिस्ट: बढ़ोतरी सबसे ज्यादा सस्ती शराब में

कम कीमत वाली शराब और बियर, जो आम तौर पर सबसे ज्यादा बिकती है, उसमें भारी बढ़ोतरी की गई है।

  • 650 ML बियर – पहले ₹180, अब ₹200

  • Blenders Pride 750 ML – पहले ₹1,050, अब ₹1,200

  • 100 Pipers 750 ML – पहले ₹1,950, अब ₹2,200

इस बढ़ोतरी से आम ग्राहक सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।

वैट कम, लेकिन टैक्स ज्यादा

सरकार ने Value Added Tax (VAT) में कटौती की है। लेकिन उसके बावजूद शराब की कीमतें कम होने की जगह बढ़ गई हैं। वजह है –

  • नया उत्पाद शुल्क (Excise Duty)

  • कई तरह के नए टैक्स

व्यापारी भी असमंजस में हैं। उनका कहना है कि VAT घटाने का कोई फायदा नहीं हुआ।

उपलब्धता पर संशय

1 सितंबर को जब यह नई व्यवस्था लागू होगी तो शराब की उपलब्धता पर भी सवाल हैं। दुकानदारों को समय पर स्टॉक मिलेगा या नहीं, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है।

लोगों की प्रतिक्रिया

ग्राहक और स्थानीय लोग इस फैसले से नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार VAT घटाकर राहत देने का दावा कर रही है, लेकिन असलियत में कीमतें और ज्यादा बढ़ा दी गईं।

 साफ है कि झारखंड में शराब प्रेमियों की जेब पर अब ज्यादा बोझ पड़ेगा। सरकार राजस्व बढ़ाने का तर्क दे रही है, लेकिन आम आदमी के लिए यह फैसला राहत की बजाय महंगाई का नया झटका बनकर सामने आया है।

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Team India मैंने कई कविताएँ और लघु कथाएँ लिखी हैं। मैं पेशे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हूं और अब संपादक की भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा हूं।