Dhanbad Mystery: नदी किनारे मिला युवक का शव, हत्या या नशे में मौत?
धनबाद के कतरी नदी मार्ग पर सुरजू बाउरी का शव मिलने से हड़कंप! हत्या या शराब का असर? पोस्टमार्टम से क्यों बच रहे हैं परिजन? जानिए पूरी खबर।

धनबाद, कपुरिया: धनबाद के कतरी नदी मार्ग पर एक शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय सुरजू बाउरी के रूप में हुई, जो रामपुर बाउरी टोला का रहने वाला था। वह एक दैनिक मजदूर था और अत्यधिक शराब पीने की लत से ग्रस्त था।
सुबह शौच के लिए गए ग्रामीणों ने जब नदी किनारे लाश देखी, तो हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने शव की शिनाख्त की और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव की जांच की, तो नाक के पास खून के धब्बे मिले, जिससे मामला संदिग्ध लगने लगा। क्या यह शराब के नशे में हुई मौत थी, या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी?
मौत का रहस्य: हत्या या हादसा?
ग्रामीणों का कहना है कि सुरजू बाउरी अक्सर शराब के नशे में रहता था। कई बार उसने नशे में लोगों से झगड़ा भी किया था। लेकिन क्या यह सिर्फ शराब से हुई मौत थी, या फिर उसे किसी ने मारा?
पुलिस के अनुसार, शव के पास कोई संघर्ष के निशान नहीं मिले, लेकिन नाक से खून बहने के कारण मामला संदेहास्पद हो गया है।
ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि "वह हमेशा शराब पीता था, उसकी मौत भी नशे में हुई होगी।" लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या बिना जांच के इस मामले को यूं ही छोड़ देना सही होगा?
धनबाद में बढ़ रही रहस्यमयी मौतें!
धनबाद में पिछले कुछ महीनों में इस तरह की रहस्यमयी मौतों के कई मामले सामने आ चुके हैं।
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जनवरी 2024 में झरिया के एक मजदूर का शव नदी किनारे मिला था, जिसे लोगों ने नशे में गिरकर मरा मान लिया, लेकिन बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई।
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फरवरी 2024 में केंदुआ में एक रिक्शा चालक की संदिग्ध हालात में मौत हुई, जिसे पहले आत्महत्या बताया गया, लेकिन पुलिस जांच में मामला हत्या निकला।
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अब मार्च 2025 में सुरजू बाउरी की संदिग्ध मौत ने फिर से कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या धनबाद में कोई ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो मजदूरों और नशेड़ियों को निशाना बना रहा है?
शराब बना मौत की वजह या साजिश का हिस्सा?
सुरजू बाउरी की मौत का एक पहलू यह भी है कि वह एक गरीब मजदूर था, जिसकी कोई दुश्मनी नहीं थी। लेकिन क्या वह किसी शराब माफिया के चंगुल में फंसा था?
धनबाद और झरिया क्षेत्र में नकली शराब का कारोबार धड़ल्ले से चलता है।
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2023 में धनबाद में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत हुई थी।
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झरिया और बलियापुर में अवैध शराब के कारण कई मजदूरों की जान जा चुकी है।
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पुलिस की लापरवाही के कारण यह काला कारोबार लगातार फल-फूल रहा है।
क्या सुरजू बाउरी ने भी जहरीली शराब पी थी?
पोस्टमार्टम नहीं कराने की जिद – कहीं कुछ छिपाने की कोशिश तो नहीं?
जब पुलिस ने मृतक के परिवार से पोस्टमार्टम कराने की बात कही, तो उन्होंने मना कर दिया। ग्रामीणों ने भी इसका विरोध किया। आखिर क्यों?
क्या वे सच में मानते थे कि यह सामान्य मौत है, या फिर किसी ने उन्हें डराया-धमकाया था?
अक्सर देखने में आता है कि जब भी कोई संदिग्ध मौत होती है और लोग पोस्टमार्टम से बचने की कोशिश करते हैं, तो इसके पीछे कोई न कोई साजिश होती है।
क्या पुलिस इस केस को यूं ही रफा-दफा कर देगी?
धनबाद पुलिस की कार्यशैली पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। कई बार पुलिस दबाव में आकर केस को बंद कर देती है।
क्या इस बार भी ऐसा होगा?
या फिर सुरजू बाउरी की मौत की असली वजह सामने आएगी?
अगर यह महज नशे की वजह से हुई मौत है, तो भी सवाल उठता है कि धनबाद में मजदूरों के लिए शराब ही क्यों एकमात्र सहारा बनती जा रही है?
मृतक कौन था?
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नाम: सुरजू बाउरी
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उम्र: 40 साल
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निवासी: रामपुर बाउरी टोला
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पेशा: दैनिक मजदूर
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वैवाहिक स्थिति: अविवाहित
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लत: शराब की लत
आखिर कब रुकेगी मजदूरों की यह दुर्दशा?
धनबाद में कोयला खदानों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले हजारों मजदूर हैं। लेकिन उनके हालात बेहद दयनीय हैं।
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कम मजदूरी, महंगाई और बेरोजगारी ने उन्हें शराब का आदी बना दिया है।
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नकली शराब का धंधा लगातार बढ़ रहा है, जिससे मजदूरों की जान पर बन आती है।
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सरकार और प्रशासन सिर्फ मूकदर्शक बना हुआ है।
क्या धनबाद के मजदूरों को ऐसे ही मरने के लिए छोड़ दिया जाएगा?
ग्रामीणों की मांग – दोषियों की हो जांच!
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ग्रामीणों का कहना है कि सुरजू बाउरी की मौत की सही जांच होनी चाहिए।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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अगर शराब की वजह से मौत हुई है, तो नकली शराब बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
अब सवाल आपसे –
क्या सुरजू बाउरी की मौत महज एक हादसा थी, या फिर कोई साजिश?
क्या पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी, या फिर इसे यूं ही बंद कर दिया जाएगा?
क्या सरकार मजदूरों की स्थिति सुधारने के लिए कुछ करेगी, या फिर ये मौतें यूं ही जारी रहेंगी?
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