Ranchi Leopard : सीसीटीवी में तेंदुआ कैद, पूरे शहर में फैली दहशत – प्रशासन हाई अलर्ट पर
रांची के कटहल मोड़ इलाके में सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ कैद हुआ। घनी आबादी वाले इलाके में तेंदुए की मौजूदगी से खौफ, वन विभाग और पुलिस अलर्ट पर।
झारखंड की राजधानी रांची मंगलवार सुबह अचानक सनसनी में आ गई, जब कटहल मोड़ इलाके के एक सीसीटीवी फुटेज ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। फुटेज में साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि आधी रात के सन्नाटे में एक तेंदुआ (Leopard) आराम से सड़क पार कर रहा है। यह दृश्य महज कुछ सेकेंड का था, लेकिन इसके सामने आते ही पूरे इलाके में खौफ और अफरातफरी फैल गई।
सीसीटीवी फुटेज ने उड़ाए होश
कटहल मोड़ निवासी गुड्डू के घर के बाहर लगे कैमरे ने इस घटना को रिकॉर्ड किया। वीडियो में तेंदुआ बगैर किसी डर के सड़क पर टहलता दिखा। सुबह जब गृहस्वामी ने फुटेज देखा, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत रातू थाना को इसकी सूचना दी।
थाना प्रभारी रामनारायण सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और वन विभाग को भी खबर दी। कुछ ही देर में इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
प्रशासन और वन विभाग की सक्रियता
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई। जंगल से सटे इलाकों में तेंदुए की तलाश की जा रही है। फिलहाल उसे पकड़ने या दोबारा देखे जाने की पुष्टि नहीं हो पाई है। वन विभाग ने इलाके में पिंजरे लगाने की योजना बनाई है ताकि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ा जा सके।
इधर, स्थानीय लोग अब भी सहमे हुए हैं। कोई इसे शेर बता रहा है, तो कोई बाघ। लेकिन वन विभाग ने स्पष्ट किया है – यह तेंदुआ है और फिलहाल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है।
इतिहास गवाह है – इंसानी बस्तियों में पहुंचते रहे हैं तेंदुए
यह पहली बार नहीं है जब रांची जैसे शहर में तेंदुए की एंट्री हुई हो। भारत के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जंगलों के सिकुड़ने के कारण तेंदुए अब इंसानी बस्तियों की ओर खिसकने लगे हैं।
2015 में बेंगलुरु के एक स्कूल में तेंदुआ घुस आया था और घंटों तक अफरा-तफरी मच गई थी। मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क से भी आए दिन तेंदुओं के रिहायशी इलाकों में पहुंचने की खबरें आती रहती हैं।
रांची का कटहल मोड़ क्षेत्र भी जंगलों और आबादी के बीच स्थित है, इसलिए विशेषज्ञ मानते हैं कि भोजन और आवास की तलाश में तेंदुआ यहां तक आ गया होगा।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल
फुटेज सामने आने के बाद इलाके में भय का माहौल है। बच्चों को स्कूल भेजने से लोग हिचकिचा रहे हैं। महिलाएं बाजार तक जाने में डर रही हैं। रात में लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
प्रशासन ने चेतावनी जारी की है –
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अंधेरे के समय अकेले बाहर न निकलें।
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बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर जाने से रोकें।
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यदि तेंदुआ दिखे तो तुरंत रातू थाना या वन विभाग को सूचित करें।
वन्यजीव विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि तेंदुए आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते, जब तक उन्हें उकसाया न जाए। वे छुपकर शिकार करने वाले जीव हैं और इंसानी आवाजाही से दूर रहना पसंद करते हैं। लेकिन समस्या तब गंभीर हो जाती है जब वे पशुधन या पालतू जानवरों पर हमला करते हैं।
इसलिए प्रशासन को चाहिए कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाए।
रांची के कटहल मोड़ का यह मामला सिर्फ एक तेंदुए की एंट्री नहीं है, बल्कि यह हमें चेतावनी देता है कि शहर और जंगल की सीमाएं धुंधली होती जा रही हैं। वन्यजीवों के प्राकृतिक ठिकानों पर अतिक्रमण का नतीजा यही है कि अब जंगल के राजा हमारे घरों के बाहर दिखाई देने लगे हैं।
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