Dumka Murder: शराबी पिता ने कुल्हाड़ी से बेटे का सिर काट डाला, गांव में मचा कोहराम!
झारखंड के दुमका में शराबी पिता ने अपने ही बेटे को कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला! जमीन विवाद के चलते हुई हत्या से गांव में हड़कंप। जानिए पूरी खबर।

दुमका, जामा: झारखंड के दुमका जिले में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। शराब के नशे में धुत एक पिता ने अपने ही बेटे की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। इस खौफनाक घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
घटना जामा थाना क्षेत्र के तरबंधा गांव की है, जहां 50 वर्षीय मदन राय ने अपने 30 वर्षीय बेटे रमेश राय को कुल्हाड़ी से काट डाला। जमीन विवाद के चलते हुई इस हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। जैसे ही ग्रामीणों को इस घटना का पता चला, उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
लेकिन सवाल यह है कि एक पिता कैसे इतना क्रूर हो सकता है कि अपने ही बेटे की हत्या कर दे? क्या यह सिर्फ जमीन विवाद था, या फिर इसके पीछे कोई और गहरी वजह छिपी थी?
कैसे हुआ यह खौफनाक कत्ल?
मृतक की पत्नी पंचावती देवी के मुताबिक, रात करीब 9 बजे मदन राय शराब के नशे में धुत होकर घर आए और बेटे रमेश से पुराने जमीन विवाद को लेकर झगड़ा करने लगे। गांव वालों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया और मदन राय को वहां से भेज दिया। लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह कुछ ही देर में अपने ही बेटे की जान लेने वाला है!
थोड़ी देर बाद मदन राय गुस्से से उबलता हुआ वापस आया और घर में रखी कुल्हाड़ी उठाकर रमेश पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। कुल्हाड़ी के वार इतने जबरदस्त थे कि रमेश खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
गंभीर हालत में उसे फूलो झानो मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से उसे रांची रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही रमेश ने दम तोड़ दिया।
गांव में मचा हड़कंप, पुलिस को घेरा
जब ग्रामीणों को इस हत्या की खबर लगी, तो पूरे गांव में कोहराम मच गया। गांववालों ने मदन राय को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
लेकिन इस दौरान गांववालों ने पुलिस पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि अगर प्रशासन ने पहले ही मदन राय की हरकतों पर ध्यान दिया होता, तो यह हत्या नहीं होती। ग्रामीणों ने बताया कि मदन राय अक्सर शराब के नशे में अपने बेटे और बहू से झगड़ा करता था।
झारखंड में बढ़ता पारिवारिक हत्याओं का ट्रेंड
झारखंड में पारिवारिक विवादों के चलते हत्याओं का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां जमीन-जायदाद के झगड़े में अपनों ने ही अपनों की जान ले ली।
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2022 में हजारीबाग में एक पिता ने अपनी बेटी की हत्या कर दी थी, क्योंकि वह अपनी पसंद से शादी करना चाहती थी।
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2023 में धनबाद में एक भाई ने अपने सगे भाई को जमीन विवाद में मार डाला था।
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अब 2025 में यह घटना, जिसमें एक पिता ने अपने ही बेटे को कुल्हाड़ी से काट दिया!
आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या परिवारों में सहनशीलता खत्म हो रही है? या फिर संपत्ति और शराब जैसी चीजें इंसान को हैवान बना रही हैं?
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?
जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि "हमें रात में सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने अपने ही बेटे की हत्या कर दी है। हमने तुरंत टीम भेजी और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेजा गया है। शुरुआती जांच में यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा लग रहा है।"
लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ गिरफ्तारी से समस्या का समाधान हो जाएगा? अगर मदन राय को पहले ही रोका जाता, तो रमेश राय आज जिंदा होता!
क्या शराब बना इस हत्या की असली वजह?
झारखंड में शराब से जुड़ी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई मामलों में देखा गया है कि शराब के नशे में लोग आपा खो देते हैं और खौफनाक अपराध कर बैठते हैं।
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राज्य सरकार भले ही शराब से होने वाली राजस्व कमाई का जश्न मना रही हो, लेकिन यह कमाई कितने घरों को बर्बाद कर रही है, इस पर कोई ध्यान नहीं देता।
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झारखंड में शराबबंदी की मांग कई बार उठ चुकी है, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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क्या यह हत्या भी शराब का ही नतीजा नहीं है? अगर मदन राय नशे में नहीं होता, तो शायद यह हत्या नहीं होती!
ग्रामीणों की मांग – पीड़ित परिवार को मिले मुआवजा
गांववालों का कहना है कि रमेश राय परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी अचानक हत्या से पत्नी और बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है और कहा है कि आरोपी पिता को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की हरकत न करे।
कब रुकेगा यह खून खराबा?
झारखंड में घरेलू विवादों में हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पिता-पुत्र, भाई-भाई, पति-पत्नी – कोई किसी पर भरोसा नहीं कर रहा। आखिर कब तक जमीन, शराब और गुस्से की भेंट मासूम जिंदगियां चढ़ती रहेंगी?
सरकार और प्रशासन को अब इस बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
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