Jamshedpur Tribute: शहीद कैप्टन करमजीत सिंह के माता-पिता का सम्मान, देशभक्ति की मिसाल!

जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए हजारीबाग के वीर कैप्टन करमजीत सिंह के माता-पिता को जमशेदपुर में सम्मानित किया गया। क्या सरकार उनके बलिदान को हमेशा याद रखेगी?

Apr 1, 2025 - 19:40
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Jamshedpur Tribute: शहीद कैप्टन करमजीत सिंह के माता-पिता का सम्मान, देशभक्ति की मिसाल!
Jamshedpur Tribute: शहीद कैप्टन करमजीत सिंह के माता-पिता का सम्मान, देशभक्ति की मिसाल!

जमशेदपुर, सम्मान: देश के वीर सपूतों की कुर्बानी को सलाम करने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर ने जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में शहीद हुए कैप्टन करमजीत सिंह के माता-पिता को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम ने न केवल शहीद की बहादुरी को याद किया, बल्कि उनके परिवार के संघर्ष और बलिदान को भी सलाम किया।

कैप्टन करमजीत सिंह भारतीय सेना के उन वीर योद्धाओं में से एक थे, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। जम्मू-कश्मीर के LoC (नियंत्रण रेखा) पर एक जबरदस्त विस्फोट में वे शहीद हो गए। इस धमाके में उनके साथ दो अन्य सैनिक भी शहीद हुए और एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ।

कैसे हुआ था धमाका?

घटना जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर की है, जहां सीमा पर भारतीय सेना की चौकसी के बीच एक बड़ा विस्फोट हुआ।

  • यह विस्फोट सीमा पार से हुई साजिश थी या फिर कोई आईईडी ब्लास्ट?

  • सेना के सूत्रों के अनुसार, आतंकी संगठनों द्वारा LoC के पास बारूदी सुरंगें बिछाई गई थीं, जिसमें यह विस्फोट हुआ।

  • इस धमाके की चपेट में कैप्टन करमजीत सिंह सहित दो अन्य जवान आ गए और मौके पर ही वीरगति को प्राप्त हुए।

शहीद कैप्टन करमजीत सिंह हजारीबाग, झारखंड के निवासी थे और उनके बलिदान ने पूरे देश को झकझोर दिया।

कैसे किया गया माता-पिता का सम्मान?

जमशेदपुर में आयोजित सम्मान समारोह में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने शहीद के माता-पिता से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान शहीद के परिवार को स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र भेंट किया गया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि "शहीदों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा।" लौहनगरी जमशेदपुर हमेशा अपने इस लाल पर गर्व करेगा, जिसने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

देशभक्ति की मिसाल – कैप्टन करमजीत सिंह!

कैप्टन करमजीत सिंह बचपन से ही देशभक्ति के जज्बे से भरे हुए थे।

  • उनका सपना था कि वह भारतीय सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करें।

  • 2015 में उन्होंने भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया और जल्द ही एक जांबाज अधिकारी के रूप में पहचान बनाई।

  • उनके साथी बताते हैं कि वे हर मुश्किल हालात में भी डटे रहते थे और अपनी टीम का हौसला बढ़ाते थे।

लेकिन 8 मार्च 2025 को वह काला दिन था, जब वह मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।

क्या आतंकियों की नई साजिश थी यह धमाका?

LoC पर लगातार आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं।

  • पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ने कई आतंकियों को ढेर किया है।

  • आतंकी संगठन बॉर्डर के पास IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बिछा रहे हैं।

  • इस विस्फोट के पीछे भी पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हाथ हो सकता है।

क्या सेना को इस हमले की जानकारी पहले से थी?
क्या यह बारूदी सुरंग पहले से बिछाई गई थी या ताजा साजिश थी?

परिजनों की आंखों में गर्व और दर्द!

शहीद करमजीत सिंह के माता-पिता अपने बेटे की शहादत पर गर्व महसूस करते हैं, लेकिन उनका दर्द भी छलक पड़ता है।

  • उनके पिता ने कहा, "मेरा बेटा देश के लिए मरा, लेकिन हम चाहते हैं कि उसकी शहादत का बदला लिया जाए।"

  • उनकी मां की आंखें नम थीं, लेकिन उन्होंने कहा, "मैं अपने बेटे पर गर्व करती हूं। अगर मेरे और बेटे होते, तो वे भी देश की सेवा में भेजती।"

परिवार चाहता है कि सरकार शहीदों के परिवारों की देखभाल के लिए और ठोस कदम उठाए।

पूर्व सैनिकों का आह्वान – आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं!

सम्मान समारोह में मौजूद पूर्व सैनिकों और सेना के अधिकारियों ने सरकार से मांग की कि आतंकियों के खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाए।

  • पाकिस्तान को एक बार फिर सबक सिखाने की जरूरत है।

  • सीमाओं पर चौकसी और बढ़ाई जाए।

  • आतंकियों और उनके मददगारों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन ऑल आउट को और तेज किया जाए।

कौन-कौन था इस कार्यक्रम में शामिल?

इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर के प्रतिनिधि मंडल के साथ-साथ कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

  • जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में सुखविंदर सिंह, दीपक शर्मा, उमेश शर्मा, एस. के. सिंह, मोहन दुबे, बिरजू, मनोज कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।

  • सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यगण भी इस मौके पर मौजूद थे

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।