Ranchi Tragedy: बुढ़मू में 11 हजार वोल्ट की चपेट में आया मासूम, करंज के पेड़ पर चढ़ा था दतवन तोड़ने, बिजली की चिंगारी से नीचे लगी आग
रांची के बुढ़मू में 14 वर्षीय सोनू लोहरा की हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई है। दतवन तोड़ने के दौरान हुए इस भयानक हादसे और पेड़ के नीचे लगी आग की रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप राजधानी की यह सबसे बड़ी खबर मिस कर देंगे।
रांची/बुढ़मू, 23 फरवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के ग्रामीण इलाकों में बिजली के झूलते तारों ने एक और मासूम की जान ले ली है। बुढ़मू थाना क्षेत्र के नाऊज गांव में सोमवार को एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। ठाकुरगांव-बुढ़मू मुख्य मार्ग पर बिदूं बसाईर के पास महज 14 साल का सोनू लोहरा काल के गाल में समा गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब मासूम अपनी रोजमर्रा की आदतों के अनुसार दतवन तोड़ने पेड़ पर चढ़ा था, लेकिन उसे क्या पता था कि ऊपर मौत का जाल बिछा हुआ है।
मौत का 'शॉर्ट सर्किट': पेड़ पर ही थम गई सांसें
हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि देखने वालों की रूह कांप गई।
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खतरनाक लापरवाही: सोनू लोहरा (पुत्र सिकंदर लोहरा) दतवन तोड़ने के लिए करंज के एक पेड़ पर चढ़ा था। इसी पेड़ के एकदम करीब से 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन गुजर रही थी।
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भयानक झटका: जैसे ही सोनू का शरीर तारों के संपर्क में आया, बिजली के जोरदार झटके ने उसे पेड़ पर ही अचेत कर दिया। हाई वोल्टेज करंट की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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पेड़ के नीचे आग: करंट इतना शक्तिशाली था कि बिजली का तार टूट गया और उससे निकली चिंगारियों की वजह से पेड़ के नीचे सूखी घास और झाड़ियों में आग लग गई।
ग्रामीणों की मुस्तैदी: बिजली कटवाकर निकाला शव
हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई।
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तुरंत एक्शन: ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन बिजली विभाग को फोन किया और इलाके की पावर सप्लाई बंद करवाई।
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शोक का माहौल: सोनू की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुँची, कोहराम मच गया। उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेसुध हो रही है। परिजनों और ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
बुढ़मू बिजली हादसा: घटना का ब्यौरा (Incident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| मृतक का नाम | सोनू लोहरा (उम्र: 14 वर्ष) |
| पिता का नाम | सिकंदर लोहरा |
| स्थान | नाऊज गांव, बुढ़मू (रांची) |
| कारण | 11,000 वोल्ट हाई टेंशन तार की चपेट में आना |
| वर्तमान स्थिति | बिजली आपूर्ति बंद, गांव में पसरा मातम |
प्रशासन पर उठते सवाल: क्यों नहीं होती पेड़ों की छंटाई?
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।
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पेड़ों के बीच तार: अक्सर देखा जाता है कि मानसून या गर्मियों से पहले पेड़ों की उन टहनियों को नहीं काटा जाता जो तारों को छू रही होती हैं।
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मुआवजे की मांग: ग्रामीणों ने सोनू के गरीब परिवार के लिए उचित मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सहायता देने की मांग की है।
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खतरनाक तार: ठाकुरगांव-बुढ़मू मुख्य मार्ग पर कई ऐसे स्थान हैं जहाँ तार काफी नीचे झूल रहे हैं, जो भविष्य में किसी और बड़ी त्रासदी को न्योता दे सकते हैं।
मासूम की जान की कीमत कौन चुकाएगा?
सोनू लोहरा की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता है। 14 साल के बच्चे का इस तरह चले जाना बुढ़मू के लिए एक कभी न भरने वाला जख्म है।
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