Ranchi Blast : रांची में धू-धू कर जली यामाहा FZ, धमाकों से दहला कडरू इलाका, स्कूल के पास मची भारी अफरा-तफरी
रांची के कडरू में डीएवी कपिलदेव स्कूल के पास एक गैरेज में खड़ी यामाहा FZ बाइक अचानक आग का गोला बन गई। तेज धमाकों और टायर फटने की आवाजों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। इस चौंकाने वाली घटना की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/कडरू, 14 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के कडरू इलाके में आज उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक गैरेज में खड़ी Yamaha FZ बाइक अचानक धू-धू कर जलने लगी। घटना DAV कपिलदेव स्कूल के बिल्कुल समीप स्थित एक गैरेज की है। दोपहर के वक्त हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों और स्कूल से गुजरने वाले अभिभावकों के होश उड़ा दिए। बाइक से उठती आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार देखा गया। धमाकों की आवाज से ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई बड़ा विस्फोट हुआ हो, जिससे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
आग का गोला बनी बाइक: धमाकों से कांपा कडरू
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सब कुछ सामान्य था, तभी अचानक गैरेज से धुंआ निकलने लगा। देखते ही देखते यामाहा बाइक आग की चपेट में आ गई।
-
भयानक आवाजें: आग लगने के कुछ ही मिनटों बाद बाइक का पेट्रोल टैंक और टायर फटने की तेज आवाजें आईं। लोगों को लगा कि कोई बम फटा है।
-
बेबस खड़े रहे लोग: आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि चाहकर भी कोई पास जाकर उसे बुझाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। कुछ लोगों ने बाल्टियों से पानी डालने की कोशिश की, लेकिन पेट्रोल की आग और भड़कती चली गई।
-
आधे घंटे का तांडव: करीब 30 मिनट तक बाइक जलती रही। इस दौरान वहां से गुजरने वाले राहगीर डर के मारे दूसरी गलियों की ओर भागने लगे।
फायर ब्रिगेड की एंट्री: राख में तब्दील हुई 'मशीन'
जब तक अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) की गाड़ी मौके पर पहुँची, तब तक बाइक का कीमती हिस्सा राख हो चुका था।
-
कड़ी मशक्कत: दमकल कर्मियों ने फोम और पानी की बौछारों से आग पर काबू पाया। अगर समय पर आग नहीं बुझती, तो बगल में खड़ी अन्य गाड़ियां और गैरेज का सामान भी चपेट में आ सकता था।
-
सिर्फ ढांचा बचा: आग बुझने के बाद जो बचा, वह केवल जला हुआ लोहा और काला ढांचा था। लाखों की बाइक अब कबाड़ में तब्दील हो चुकी थी।
-
शॉर्ट सर्किट का शक: शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि गैरेज में वायरिंग के दौरान या बाइक की बैटरी में शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ।
कडरू की संकरी गलियां और 'फायर सेफ्टी' की चुनौती
रांची का कडरू इलाका ऐतिहासिक रूप से शहर के सबसे पुराने और घने रिहायशी क्षेत्रों में से एक रहा है।
-
बदलती तस्वीर: पुराने समय में यहाँ खुले मैदान और बागान होते थे, लेकिन पिछले दो दशकों में यहाँ दर्जनों स्कूल, अपार्टमेंट और छोटे गैरेज खुल गए हैं।
-
अतीत के हादसे: रांची के इतिहास में मेन रोड और अप्पर बाजार के बाद कडरू-अरगोड़ा बेल्ट में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं। संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियों को यहाँ पहुँचने में अक्सर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 2021 में भी इसी इलाके के पास एक बिजली के ट्रांसफार्मर में आग लगी थी, जिससे घंटों बिजली गुल रही थी। डीएवी कपिलदेव स्कूल के पास हुई आज की घटना यह चेतावनी है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में खुले में चल रहे गैरेज किसी भी वक्त बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।
लोग बनाते रहे वीडियो, बुझाने वाला कोई नहीं
हादसे के दौरान एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं का अजीब पहलू सामने आया।
-
डिजिटल तमाशबीन: जहां एक ओर आग लगी थी, वहीं दूसरी ओर दर्जनों लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करने में व्यस्त थे।
-
दहशत का माहौल: स्कूल के पास होने के कारण अभिभावकों में ज्यादा डर था कि कहीं आग बच्चों की ओर न फैल जाए। स्कूल प्रशासन ने भी एहतियात के तौर पर कुछ देर के लिए आवाजाही रोक दी थी।
रांची की यह घटना वाहनों के रखरखाव और गैरेज की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। एक चमकती हुई यामाहा FZ का आधे घंटे में राख बन जाना यह बताता है कि आग लगने पर शुरुआती कुछ मिनट कितने महत्वपूर्ण होते हैं। अगर गैरेज में फायर एक्सटिंगुइशर (अग्निशामक यंत्र) होता, तो शायद यह नुकसान कम हो सकता था। फिलहाल, पुलिस और फायर विभाग नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
What's Your Reaction?


