Burmamines Tragedy : जमशेदपुर में भाई का इंतजार कर रहे 3 साल के आरुष को कार ने रौंदा, TMH में मौत

जमशेदपुर के बर्मामाइंस में एक रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ है। अपने बड़े भाई का इंतजार कर रहे 3 साल के मासूम आरुष को एक तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। पूरी घटना पास के सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस ने आरोपी और कार के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 14, 2026 - 18:10
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Burmamines Tragedy : जमशेदपुर में भाई का इंतजार कर रहे 3 साल के आरुष को कार ने रौंदा, TMH में मौत
Burmamines Tragedy : जमशेदपुर में भाई का इंतजार कर रहे 3 साल के आरुष को कार ने रौंदा, TMH में मौत

जमशेदपुर/बर्मामाइंस, 14 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के बर्मामाइंस इलाके से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार को एक मासूम बच्चा, जो अपनी मां की उंगली थामे दुनिया देखने की उम्र में था, एक तेज रफ्तार कार की लापरवाही का शिकार हो गया। बर्मामाइंस स्टार टॉकीज के पास हुई इस दुर्घटना में 3 वर्षीय आरुष की जान चली गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चा अपने बड़े भाई के आने का इंतजार कर रहा था। इस पूरी घटना का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसने सुरक्षा और सड़कों पर बढ़ती बेलगाम रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भाई का इंतजार बन गया अंतिम पल: कैसे हुआ हादसा?

हादसे की कहानी इतनी मार्मिक है कि सुनने वाले की आंखें नम हो जाएं।

  • मासूम की प्रतीक्षा: आरुष अपनी मां के साथ घर से बाहर निकला था। वे बर्मामाइंस स्टार टॉकीज के पास खड़े होकर अपने बड़े भाई के आने का इंतजार कर रहे थे। आरुष अपनी मां के पास ही खेल रहा था।

  • अचानक आई मौत: इसी बीच एक कार वहां पहुँची और अचानक मासूम आरुष को अपनी चपेट में ले लिया। कार के पहिए बच्चे के शरीर के ऊपर से गुजर गए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।

  • TMH में अंतिम सांस: आनन-फानन में परिजन और स्थानीय लोग बच्चे को लेकर टीएमएच (TMH) अस्पताल भागे। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की और इमरजेंसी वार्ड में घंटों इलाज चला, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि आरुष ने दम तोड़ दिया।

डिफेंस कर्मी की कार से हुआ हादसा: आरोपी की पहचान

पुलिस की प्रारंभिक जांच में कार और उसके चालक की पहचान हो गई है।

  1. चालक की पहचान: बच्चे को कुचलने वाली कार गोलमुरी के टुइलाडुंगरी निवासी जसप्रीत सिंह की बताई जा रही है।

  2. पिता की कार: जानकारी के अनुसार, जसप्रीत सिंह डिफेंस (रक्षा विभाग) में कार्यरत है और वह अपने पिता परमजीत सिंह की कार लेकर बर्मामाइंस की ओर निकला था।

  3. CCTV में कैद वारदात: पास की एक बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कार किस तरह बच्चे को रौंदते हुए निकलती है। पुलिस ने इस फुटेज को साक्ष्य के तौर पर अपने कब्जे में ले लिया है।

बर्मामाइंस और जमशेदपुर की सड़कों पर 'ब्लाइंड स्पॉट्स'

जमशेदपुर का बर्मामाइंस इलाका ऐतिहासिक रूप से टाटा स्टील और उससे जुड़ी सहायक कंपनियों के भारी वाहनों का गढ़ रहा है।

  • घनी आबादी और भारी ट्रैफिक: स्टार टॉकीज के आसपास का क्षेत्र दशकों से व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहाँ की सड़कें संकरी हैं और पैदल चलने वालों की संख्या काफी अधिक होती है।

  • अतीत के हादसे: बर्मामाइंस के इतिहास में ऐसी कई घटनाएं दर्ज हैं जहाँ भारी ट्रकों और अनियंत्रित कारों ने रिहायशी इलाकों में मासूमों की जान ली है। टाटा स्टील के 'सेफ्टी फर्स्ट' के स्लोगन वाले इस शहर में, सड़कों पर निजी वाहनों की बढ़ती संख्या और चालकों की लापरवाही एक नया 'डेथ जोन' तैयार कर रही है। आरुष की मौत ने 2019 के उस चर्चित हादसे की याद दिला दी है जब इसी क्षेत्र में एक स्कूली छात्र ट्रक की चपेट में आ गया था। इतिहास खुद को दोहरा रहा है, लेकिन सड़कों पर बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम अब भी नदारद हैं।

पुलिस की कार्रवाई: कानून के फंदे में जसप्रीत

बर्मामाइंस थाना पुलिस ने घटना के बाद सक्रियता दिखाई है।

  • वाहन जब्त: पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को चिन्हित कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • बयान दर्ज: आरुष की मां और वहां मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या चालक नशे में था या फिर यह पूरी तरह से तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला है।

  • आक्रोश: घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि रिहायशी इलाकों और स्कूलों के पास गति सीमा निर्धारित की जाए और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।

3 साल के आरुष की मौत केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार का उजड़ना है। एक पल की लापरवाही ने एक मां की गोद सूनी कर दी। सीसीटीवी फुटेज की सच्चाई और पुलिस की जांच अब तय करेगी कि आरुष को इंसाफ कब मिलेगा। जमशेदपुर जैसे अनुशासित शहर में ऐसी घटनाएं सुरक्षा दावों की पोल खोलती हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।