Potka Hit-and-Run: पोटका में बेलगाम वाहन ने 78 वर्षीय रसराज को रौंदा, मौके पर ही दर्दनाक मौत, हत्यारा वाहन हुआ फरार
पोटका के टाटा-हाता मुख्य मार्ग पर एक अज्ञात बेकाबू वाहन ने सड़क किनारे चल रहे 78 वर्षीय वृद्ध को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में राजनगर के रसराज बेहरा की मौके पर ही जान चली गई। पुलिस अब फरार वाहन और कातिल ड्राइवर की तलाश में नाकेबंदी कर रही है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
पोटका/पूर्वी सिंहभूम, 14 मार्च 2026 – झारखंड के पोटका थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। टाटा-हाता मुख्य मार्ग पर महुलडीहा (पावरु) के पास शनिवार दोपहर एक अज्ञात अनियंत्रित वाहन 'यमराज' बनकर आया और एक बुजुर्ग की जिंदगी छीन ली। दोपहर करीब 2:00 बजे हुए इस 'हिट एंड रन' हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक की पहचान राजनगर थाना क्षेत्र के गोपिनाथपुर निवासी रसराज बेहरा (78 वर्ष) के रूप में हुई है। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि बुजुर्ग को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने सड़क पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे का मंजर: सड़क किनारे चल रहे थे रसराज
यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब रसराज बेहरा महुलडीहा के पास सड़क के किनारे सुरक्षित तरीके से पैदल चल रहे थे।
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अचानक आया काल: जमशेदपुर की ओर से एक वाहन काल की तरह बेहद तेज गति से आया।
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जोरदार टक्कर: चालक ने वाहन पर से संतुलन खो दिया और सीधे किनारे चल रहे वृद्ध को अपनी चपेट में ले लिया।
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फरार हुआ वाहन: मासूम जिंदगी को रौंदने के बाद मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर चालक ने वाहन की रफ्तार और बढ़ाई और मौके से फरार हो गया। वहां मौजूद ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते, कातिल वाहन आंखों से ओझल हो चुका था।
पुलिस की कार्रवाई: कातिल वाहन की तलाश शुरू
हादसे की जानकारी मिलते ही पोटका थाना प्रभारी संन्नी टोप्पो पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे।
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शव की बरामदगी: पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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परिजनों में कोहराम: रसराज बेहरा की मौत की खबर जैसे ही राजनगर के गोपिनाथपुर पहुँची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। 78 साल की उम्र में इस तरह के अंत ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया है।
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नाकेबंदी: पुलिस ने आसपास के पेट्रोल पंपों और ढाबों के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि फरार वाहन का सुराग मिल सके।
टाटा-हाता मार्ग और 'अज्ञात' वाहनों का खूनी रिकॉर्ड
टाटा-हाता मुख्य मार्ग का इतिहास केवल कनेक्टिविटी के लिए नहीं, बल्कि यहाँ होने वाले जानलेवा हादसों के लिए भी जाना जाता है।
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व्यापारिक मार्ग: यह सड़क जमशेदपुर (टाटा) को राजनगर और चाईबासा से जोड़ती है। ऐतिहासिक रूप से यहाँ से खनिज और औद्योगिक सामानों की ढुलाई करने वाले ट्रकों का दबाव बहुत अधिक रहता है।
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हिट एंड रन का गढ़: पोटका और हाता के बीच का यह स्ट्रेच पिछले एक दशक में 'हिट एंड रन' के मामलों का केंद्र बन गया है। यहाँ की सड़कें चौड़ी होने के बाद वाहनों की रफ्तार तो बढ़ी है, लेकिन पैदल चलने वालों के लिए कोई सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया। रसराज बेहरा की मौत इसी ऐतिहासिक लापरवाही का नया उदाहरण है, जहाँ रात हो या दिन, पैदल चलने वाले हमेशा भारी वाहनों के निशाने पर रहते हैं।
ग्रामीणों का आक्रोश: सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
महुलडीहा के ग्रामीणों ने इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर गहरा विरोध जताया है।
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बेलगाम रफ्तार: स्थानीय लोगों का कहना है कि जमशेदपुर से आने वाले वाहन इस इलाके में अपनी गति पर नियंत्रण नहीं रखते।
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डिवाइडर की मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों के पास स्पीड ब्रेकर या रिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाए जाएं ताकि भविष्य में रसराज जैसे किसी अन्य बुजुर्ग की जान न जाए।
78 वर्षीय रसराज बेहरा की मौत समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। टाटा-हाता मार्ग पर एक बार फिर एक 'अज्ञात' वाहन ने कानून को ठेंगा दिखाया है। अब यह पोटका पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है कि वे उस फरार चालक को पकड़कर सलाखों के पीछे पहुँचाएं। जब तक सड़कों पर तेज रफ्तार पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक ऐसे मासूम पैदल यात्री सड़क हादसों का शिकार बनते रहेंगे।
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