Ranchi Accident : रांची स्टेशन पर ब्रिज से ट्रेन की छत पर कूदा युवक, हाईटेंशन तार की चपेट में आकर बना आग का गोला
रांची रेलवे स्टेशन पर शनिवार को दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक युवक फुटओवर ब्रिज से सीधे ट्रेन की छत पर कूद गया और हाईटेंशन तार की चपेट में आते ही आग का गोला बन गया। जोरदार धमाके से पूरा प्लेटफॉर्म दहल उठा। मौत और जिंदगी के बीच जूझ रहे युवक की यह चौंकाने वाली रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/झारखंड, 14 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी का मुख्य रांची रेलवे स्टेशन शनिवार को एक बेहद डरावने मंजर का गवाह बना। दोपहर के वक्त जब प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भारी भीड़ थी, तभी एक युवक ने फुटओवर ब्रिज से मौत की छलांग लगा दी। युवक सीधे ट्रैक पर खड़ी ट्रेन की छत पर जा गिरा, लेकिन असली खौफ तब शुरू हुआ जब वह छत पर खड़ा हुआ। ऊपर से गुजर रहे हजारों वोल्ट के हाईटेंशन तार (OHE) की चपेट में आते ही युवक एक जलते हुए 'आग के गोले' में तब्दील हो गया। इस रूह कंपा देने वाली घटना ने स्टेशन पर मौजूद सैकड़ों यात्रियों को दहशत में डाल दिया।
ब्रिज से छलांग और जोरदार धमाका: क्या हुआ स्टेशन पर?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सब कुछ सामान्य चल रहा था कि तभी अचानक ब्रिज से एक युवक को नीचे कूदते देखा गया।
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ट्रेन की छत पर लैंडिंग: युवक सीधे ट्रेन की छत पर गिरा। जैसे ही उसने संतुलन बनाने के लिए खुद को सीधा किया, उसका शरीर हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया।
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बिजली का तांडव: संपर्क होते ही एक नीला प्रकाश चमका और बम फटने जैसा जोरदार धमाका हुआ। हाईटेंशन करंट ने युवक के शरीर को झुलसा दिया और उसके कपड़ों में आग लग गई।
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भगदड़ का माहौल: धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्रियों को लगा कि कोई बड़ा विस्फोट हुआ है। लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन: अस्पताल में जिंदगी की जंग
हादसे की खबर मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेल पुलिस (GRP) और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे।
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पावर कट: सबसे पहले उस ट्रैक की बिजली काटी गई ताकि युवक को सुरक्षित नीचे उतारा जा सके।
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गंभीर स्थिति: जब युवक को नीचे उतारा गया, तब तक उसका शरीर 80% से ज्यादा झुलस चुका था। वह पूरी तरह बेसुध था।
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इमरजेंसी इलाज: रेलवे प्रशासन ने बिना देरी किए एम्बुलेंस बुलाई और घायल युवक को नजदीकी अस्पताल (RIMS) भेजा गया। डॉक्टरों के मुताबिक युवक की स्थिति 'अत्यंत गंभीर' बनी हुई है।
रांची स्टेशन और रेलवे ओवरब्रिज के सुरक्षा मानक
रांची रेलवे स्टेशन का इतिहास डेढ़ सदी से भी पुराना है, लेकिन विद्युतीकरण के बाद से यहाँ 'हाईटेंशन' हादसों की एक डरावनी लकीर खिंची है।
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विद्युतीकरण और जोखिम: जब से भारतीय रेलवे ने हाईटेंशन तारों (25,000 वोल्ट) का जाल बिछाया है, तब से फुटओवर ब्रिज और ट्रेन की छतों के बीच की दूरी सुरक्षा के लिहाज से बहुत संवेदनशील हो गई है।
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अतीत की घटनाएं: रांची स्टेशन के इतिहास में पिछले एक दशक में ऐसी तीन बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जहाँ मानसिक तनाव या लापरवाही के कारण युवक ब्रिज से कूदे या सेल्फी लेने के चक्कर में तारों की चपेट में आए। रेलवे ने ब्रिज पर लोहे की जालियां (Fencing) भी लगवाई थीं, लेकिन आज की घटना ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा घेरे में अभी भी बड़ी चूक बाकी है। यह ब्रिज ऐतिहासिक रूप से यात्रियों के आवागमन का मुख्य जरिया रहा है, लेकिन अब यह 'सुसाइड पॉइंट' या हादसों के केंद्र के रूप में पुलिस की फाइल में दर्ज होता जा रहा है।
पुलिस की जांच: आखिर क्यों कूदा युवक?
फिलहाल युवक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। उसके पास से कोई सुसाइड नोट या पहचान पत्र बरामद नहीं हुआ है।
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आत्महत्या या स्टंट? पुलिस इस एंगल पर जांच कर रही है कि क्या युवक जान देना चाहता था या फिर वह किसी खतरनाक स्टंट की कोशिश कर रहा था।
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CCTV फुटेज: स्टेशन पर लगे कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि युवक ब्रिज पर कितनी देर से था और क्या वह किसी के साथ था।
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प्रशासनिक बयान: रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे ब्रिज की सुरक्षा जालियों से छेड़छाड़ न करें और ट्रेन की छत से हमेशा सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
रांची स्टेशन पर हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है। हजारों वोल्ट की बिजली के साथ एक पल की भी लापरवाही या सनक जानलेवा साबित हो सकती है। युवक फिलहाल अस्पताल में संघर्ष कर रहा है, लेकिन इस घटना ने रांचीवासियों के मन में एक गहरा डर बैठा दिया है। क्या हमारा रेलवे प्रशासन ऐसे संवेदनशील पॉइंट्स पर सुरक्षा और बढ़ाएगा ताकि भविष्य में कोई और 'आग का गोला' न बने?
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