Khunti Arrest: खूंटी में PLFI के नाम पर लेवी वसूलने वाले 6 गुर्गे गिरफ्तार, XUV कार और पिस्टल के साथ रंगे हाथों दबोचे

खूंटी पुलिस ने पीएलएफआई के नाम पर दहशत फैलाने वाले 6 शातिर अपराधियों को तजना नदी के पास से गिरफ्तार किया है। इनके पास से देशी पिस्टल, लेवी का हिसाब-किताब और एक XUV 500 कार बरामद हुई है। व्यापारियों की हिटलिस्ट के साथ पकड़े गए इन बदमाशों की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।

Mar 14, 2026 - 20:17
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Khunti Arrest: खूंटी में PLFI के नाम पर लेवी वसूलने वाले 6 गुर्गे गिरफ्तार, XUV कार और पिस्टल के साथ रंगे हाथों दबोचे
Khunti Arrest: खूंटी में PLFI के नाम पर लेवी वसूलने वाले 6 गुर्गे गिरफ्तार, XUV कार और पिस्टल के साथ रंगे हाथों दबोचे

खूंटी/झारखंड, 14 मार्च 2026 – झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस ने उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के नाम पर फल-फूल रहे एक बड़े जबरन वसूली सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। तजना नदी के शांत किनारे शनिवार को उस वक्त गोलियों की गूँज सुनाई देने वाली थी, जब छह अपराधी एक बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए जुटे थे। खूंटी एसपी मनीष टोप्पो के नेतृत्व में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक ने न केवल अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया, बल्कि क्षेत्र के दर्जनों ठेकेदारों और व्यवसायियों की जान और माल पर मंडरा रहे खतरे को भी टाल दिया है।

तजना नदी के पास घेराबंदी: XUV में सवार थे 'लेवी किंग'

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तजना नदी नहर के पास एक सफेद रंग की XUV 500 कार संदिग्ध अवस्था में खड़ी है। सूचना यह भी थी कि कार में सवार लोग हथियारबंद हैं और पीएलएफआई के नाम पर लेवी (रंगदारी) की एक बड़ी रकम लेने के लिए किसी का इंतजार कर रहे हैं।

  • त्वरित कार्रवाई: एसपी के निर्देश पर खूंटी एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।

  • रंगे हाथों गिरफ्तारी: पुलिस टीम ने रणनीतिक तरीके से नहर के किनारे घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेरा छोटा कर छहों को दबोच लिया।

  • आरोपियों की पहचान: पकड़े गए अपराधियों में विजय भोक्ता, धीरज कुमार, अभिषेक राम, शुभम कुमार पोद्दार, निमिस गोप उर्फ हनि और राम आयोध्या शर्मा उर्फ राजा शर्मा शामिल हैं।

हिटलिस्ट और हथियार: बरामदगी ने उड़ाए पुलिस के होश

गिरफ्तारी के बाद जब कार और अपराधियों की तलाशी ली गई, तो पुलिस के हाथ कई चौंकाने वाले सबूत लगे:

  1. अवैध हथियार: इनके पास से एक देशी पिस्टल और कई जिंदा गोलियां बरामद की गई हैं।

  2. व्यापारियों की सूची: सबसे डरावनी बरामदगी एक नोटबुक है, जिसमें जिले के नामी व्यवसायियों और ठेकेदारों के नाम, पते और मोबाइल नंबर लिखे थे। यह उनकी अगली 'हिटलिस्ट' थी।

  3. लेवी का हिसाब: नोटबुक में लाखों रुपये की लेवी का पूरा हिसाब-किताब दर्ज था। साथ ही भारी मात्रा में पीएलएफआई संगठन के पर्चे, चेकबुक, पासबुक और एटीएम कार्ड भी जब्त किए गए हैं।

खूंटी और PLFI के आतंक का काला दौर

खूंटी जिले का इतिहास प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ उग्रवादी गतिविधियों के संघर्ष से भी जुड़ा रहा है।

  • दहशत का पर्याय: पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) ऐतिहासिक रूप से खूंटी, सिमडेगा और गुमला के इलाकों में लेवी वसूली के लिए जाना जाता रहा है। 2010 के दशक में यह संगठन इतना सक्रिय था कि विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए थे।

  • संगठन का ढलान: पिछले कुछ वर्षों में पुलिसिया कार्रवाई और मुख्यधारा में लौटने की नीति के कारण संगठन कमजोर हुआ है। लेकिन अब नए अपराधी संगठन का नाम इस्तेमाल करके 'नकली उग्रवादी' बनकर लेवी वसूलने का नया ट्रेंड चला रहे हैं। तजना नदी का यह इलाका ऐतिहासिक रूप से उग्रवादियों के लिए एक 'ट्रांजिट पॉइंट' रहा है, जहाँ से वे जंगलों की ओर भाग निकलते थे। आज की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि अब इन सुरक्षित ठिकानों पर भी पुलिस की पैनी नजर है।

पुलिस की जांच: नेटवर्क के आकाओं की तलाश

एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि यह केवल एक छोटी गिरफ्तारी नहीं है। पुलिस अब इन अपराधियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि जेल के भीतर बैठे किसी सरगना से तो इनके तार नहीं जुड़े हैं।

  • बैंक खातों की जांच: बरामद पासबुक और चेकबुक के जरिए पुलिस उन खातों को फ्रीज करने की तैयारी में है जिनमें लेवी की रकम ट्रांसफर की जाती थी।

  • जमीन का खेल: इनके पास से जमीन की खरीद-बिक्री के दस्तावेज भी मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लेवी के पैसे को अवैध तरीके से रियल एस्टेट में निवेश किया जा रहा था।

खूंटी पुलिस की इस सफलता ने व्यापारियों के बीच सुरक्षा का भरोसा जगाया है। XUV कार और हथियारों के साथ पकड़े गए ये छह अपराधी क्षेत्र में एक नया समानांतर सत्ता केंद्र चलाने की कोशिश कर रहे थे। एसपी की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि खूंटी में अब दहशतगर्दी का कोई भी 'हिसाब-किताब' बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।