Ranchi Medical Store Crash: एक्सीलेटर को ब्रेक समझा, कार मेडिकल दुकान में घुसी, आधा दर्जन लोग बाल-बाल बचे
तिरिल बस्ती में तेज रफ्तार कार मेडिकल दुकान में घुसी, आधा दर्जन लोग बाल-बाल बचे, चालक ने एक्सीलेटर समझा ब्रेक, सीसीटीवी में कैद।
Ranchi Narrow Escape: राजधानी रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित तिरिल बस्ती के पास एक बड़ा हादसा टल गया। एक अनियंत्रित कार मेडिकल दुकान में जा घुसी। इस दुर्घटना में दुकान के अंदर मौजूद करीब आधा दर्जन लोग बाल-बाल बच गए। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
दवा खरीद रही थी महिलाओं की टोली
तिरिल स्थित पटेल मेडिकल हॉल में एक युवती समेत कई लोग दवा खरीद रहे थे। इस दौरान दवा लेकर बाहर निकली एक महिला अचानक घबराकर वापस दुकान की ओर भागी। कुछ ही सेकेंड में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर दुकान के अंदर घुस गई। अचानक हुई इस दुर्घटना से लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए कूदना शुरू किया
कई लोग अपनी जान बचाने के लिए दुकान के अंदर की ओर कूद गए। गनीमत रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। हालांकि कार चालक को हल्की चोटें आई हैं। वहीं एक स्कूटी और कार दोनों क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
रांची के संवेदनशील और पुराने इलाके की कहानी
तिरिल बस्ती रांची के सदर थाना क्षेत्र के बीचोंबीच एक घनी आबादी वाला पुराना इलाका है। यहाँ पर कई छोटे-बड़े मेडिकल और किराना दुकानें हैं। ऐसे गलियारों में अक्सर तेज रफ्तार वाहन पहरेदारों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा बन जाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि हादसा होने के बाद न तो पुलिस ने FIR दर्ज की और न ही दोनों पक्षों ने कोई शिकायत दी।
एक्सीलेटर को ब्रेक समझा, गलती स्वीकार कर मरम्मत कराने पर सहमति
दुकान मालिक ने बताया कि कार चालक एक शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि गलती से उनका पैर ब्रेक की जगह एक्सीलेटर पर चला गया, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया। सदर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि आपसी सहमति से वाहन मरम्मत का निर्णय लेकर मामला सुलझा लिया गया। किसी ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई।
वीडियो में साफ दिख रहा है कार का मेडिकल स्टोर में घुसना
सोशल मीडिया पर CCTV फुटेज काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कैसे लोग सामान्य रूप से दवा खरीद रहे हैं और फिर अचानक एक कार भीतर आ घुसती है। वायरल हो रहे वीडियो ने नजर रखने वालों को सिहरन दे दी है।
सिर्फ गलती या कोई और बात?
हालांकि पुलिस और दुकानदार ने इसे एक आकस्मिक दुर्घटना माना, पर सोशल मीडिया यूजर्स सवाल पूछ रहे हैं कि एक शिक्षक होते हुए भी चालक ने ब्रेक और एक्सीलेटर में अंतर कैसे नहीं समझा? क्या चालक ने ड्राइविंग सीखी भी है या बिना लाइसेंस वाहन चला रहा था? पुलिस ने इन सवालों का जवाब नहीं दिया क्योंकि कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।
मेडिकल स्टोर के सामने स्पीड ब्रेकर की मांग
इस हादसे के बाद तिरिल बस्ती के स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने यहां स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग फिर से उठाई है। उनका कहना है कि पुराने इलाके में सड़क के किनारे बन रहे नए मकानों ने दृश्यता कम कर दी है और चालक गलती से भी पैर एक्सीलेटर पर रख दें तो खतरा पैदा हो जाता है।
आपकी राय क्या है – क्या सिर्फ आपसी समझौते के आधार पर लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालक को छोड़ देना चाहिए? कमेंट में बताएं।
अगर आपके घर के आसपास भी कोई तेज रफ्तार वाले वाहन घूमते हैं तो प्रशासन को जागरूक करें।
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