Chaibasa Woman Suicide: परिजनों से विवाद के बाद महिला ने घर में अकेले में उठाया खौफनाक कदम, कोई नोट नहीं मिला

नोवामुंडी के मुख बस्ती में घरेलू विवाद के बाद महिला ने घर में अकेले में उठाया खौफनाक कदम, पति ने जब घर लौटकर देखा तो मातम छा गया, पुलिस जांच जारी।

Apr 30, 2026 - 14:39
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Chaibasa Woman Suicide: परिजनों से विवाद के बाद महिला ने घर में अकेले में उठाया खौफनाक कदम, कोई नोट नहीं मिला
Chaibasa Woman Suicide: परिजनों से विवाद के बाद महिला ने घर में अकेले में उठाया खौफनाक कदम, कोई नोट नहीं मिला

Chaibasa Shocker: पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र के मुख बस्ती गोड दिघिया गांव में बुधवार को एक महिला ने घरेलू विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। पति जब घर लौटा तो उसकी पत्नी का शव देखकर उसके होश उड़ गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पति ने बताया – "किसी बात पर हुआ था विवाद, गुस्से में थी पत्नी"

नोवामुंडी थाना क्षेत्र के मुख बस्ती गोड दिघिया गांव निवासी हरि मुखी की पत्नी सुशीला मुखी का बुधवार को किसी मामूली बात को लेकर परिजनों से विवाद हो गया था। परिजनों के अनुसार, वह काफी गुस्से में थीं और किसी से कुछ बोल-चाल नहीं कर रही थीं।

खौफनाक वारदात: जब घर में कोई नहीं था, तब उठाया यह कदम

दोपहर के समय जब घर में कोई और नहीं था, सुशीला ने आत्महत्या कर ली। घर लौटने पर पति हरि मुखी ने पत्नी को मृत अवस्था में देखा। उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।

सुसाइड नोट नहीं मिला – कई बिंदुओं पर कर रही है जांच

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। गुरुवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेजा गया। पुलिस ने बताया कि कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी।

पति का दर्द: "छोटी-छोटी बात पर हो जाती थी गुस्सा"

मृतका के पति हरि मुखी ने बताया कि सुशीला अक्सर छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाती थीं। बुधवार को भी परिजनों से किसी बात पर विवाद होने से वह गुस्सा हो गई थी। लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी। अब पूरा परिवार शोक में डूबा है

गांव में शोक: ग्रामीण भी हैं सदमे में

घटना के बाद से गोड दिघिया गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण बताते हैं कि सुशीला एक साधारण गृहिणी थी और हमेशा दूसरों की मदद करने वाली थी। कोई नहीं जानता था कि वह इतने मानसिक तनाव से गुजर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की सख्त जरूरत है।

आपकी राय क्या है – क्या ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक तनाव से जूझ रही महिलाओं के लिए काउंसलिंग केंद्र होने चाहिए? कमेंट में बताएं।
अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजर रहा है तो उसे मनोचिकित्सक के पास जाने के लिए प्रोत्साहित करें।
इस खबर को शेयर करें, ताकि लोग घरेलू विवादों के गंभीर परिणामों को समझ सकें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।