Golmuri Clash : जमशेदपुर में सगे चाचा ने भतीजे पर किया चाकू से हमला, पुरानी रंजिश में नामदा बस्ती दहला, आरोपी गिरफ्तार
जमशेदपुर के गोलमुरी में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। नामदा बस्ती में सगे चाचा भागीरथ तिवारी ने अपने ही भतीजे ऋषि तिवारी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि घायल युवक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। इस खूनी रंजिश की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/गोलमुरी, 14 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत नामदा बस्ती में रिश्तों के कत्ल की एक खौफनाक कोशिश सामने आई है। जहाँ एक ओर शहर अपनी औद्योगिक शांति के लिए जाना जाता है, वहीं नामदा बस्ती की गलियां एक सगे चाचा के गुस्से से लाल हो गईं। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब पारिवारिक विवाद में रंजिश का जहर घुलता है, तो खून के रिश्ते भी बेमानी हो जाते हैं।
भतीजे पर जानलेवा वार: चाचा बना 'जल्लाद'
यह पूरी वारदात 12 मार्च की शाम को हुई थी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
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अचानक हमला: जानकारी के अनुसार, नामदा बस्ती निवासी ऋषि तिवारी अपने घर के पास था, तभी उसके चाचा भागीरथ तिवारी उर्फ लोटन तिवारी ने पुरानी रंजिश को लेकर उससे झगड़ा शुरू कर दिया।
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चाकू से हमला: देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि भागीरथ ने आपा खो दिया और पास रखे धारदार चाकू से ऋषि पर एक के बाद एक कई वार कर दिए।
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गंभीर हालत: हमले के बाद ऋषि लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे तत्काल शहर के टीएमएच (TMH) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उसे बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस की रेड और हथियार बरामद
घटना के बाद घायल युवक की परिजन डेजी तिवारी (डेजी देवी) ने गोलमुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित की और आरोपी भागीरथ तिवारी को धर दबोचा।
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हथियार बरामद: पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया खून से सना चाकू भी बरामद कर लिया है।
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जेल यात्रा: शनिवार को आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया है।
नामदा बस्ती और पारिवारिक रंजिशों का पुराना दौर
गोलमुरी की नामदा बस्ती जमशेदपुर के उन इलाकों में से एक है जहाँ की आबादी काफी घनी है और यहाँ के परिवारों का इतिहास दशकों पुराना है।
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बंटवारे का दर्द: ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र में संपत्ति विवाद और आपसी रंजिश के कारण भाइयों और रिश्तेदारों के बीच टकराव के मामले पहले भी आते रहे हैं।
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बदलती संवेदनाएं: पुराने समय में जहाँ संयुक्त परिवार इन विवादों को घर के भीतर सुलझा लेते थे, अब छोटी-छोटी बातें भी पुलिस और कचहरी तक पहुँच रही हैं। 1990 के दशक के बाद से गोलमुरी के इस बेल्ट में 'चाकूबाजी' की घटनाएं आपसी वर्चस्व को लेकर बढ़ी हैं, लेकिन चाचा द्वारा भतीजे पर हमला करना समाज की गिरती नैतिकता का एक काला अध्याय है। भागीरथ और ऋषि का यह विवाद इसी पुरानी रंजिश की कड़ी है जिसे सालों से मन में पालकर रखा गया था।
पुलिस की जांच: क्या था असली कारण?
गोलमुरी पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह से पारिवारिक है, लेकिन इसके पीछे की गहराई से जांच की जा रही है।
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पारिवारिक विवाद: पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच किसी पैतृक बात या पुरानी कहासुनी को लेकर मनमुटाव था।
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कानूनी नकेल: थाना प्रभारी ने बताया कि शहर में शांति भंग करने वालों और धारदार हथियारों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। आरोपी को सख्त सजा दिलाने के लिए चार्जशीट जल्द दाखिल की जाएगी।
गोलमुरी की इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक ही छत के नीचे पले-बढ़े रिश्तों में चाकू चल जाना यह दर्शाता है कि संवाद की कमी और गुस्सा कितना खतरनाक हो सकता है। ऋषि तिवारी टीएमएच में संघर्ष कर रहे हैं, वहीं उनके चाचा अब सलाखों के पीछे अपनी करतूतों पर पछता रहे होंगे। जमशेदपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को साफ संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
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