Adityapur Firing: आदित्यपुर में इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, दुकानदार जब थाने में थे तभी अपराधियों ने दागीं 4 गोलियां

आदित्यपुर के चूना भट्ठा रोड पर दिनदहाड़े अपराधियों ने संजय इलेक्ट्रॉनिक दुकान को निशाना बनाकर 4 राउंड फायरिंग की। हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित थाने में शिकायत कर रहे थे, तभी पीछे से गोलियां चल गईं। पुरानी रंजिश और वर्चस्व की इस खौफनाक वारदात की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 14, 2026 - 15:21
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Adityapur Firing: आदित्यपुर में इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, दुकानदार जब थाने में थे तभी अपराधियों ने दागीं 4 गोलियां
Adityapur Firing: आदित्यपुर में इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, दुकानदार जब थाने में थे तभी अपराधियों ने दागीं 4 गोलियां

आदित्यपुर/सरायकेला, 14 मार्च 2026 – औद्योगिक नगरी आदित्यपुर में अपराधियों ने पुलिस की चौकसी को चुनौती देते हुए दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। शनिवार दोपहर करीब 1:45 बजे चूना भट्ठा मुख्य सड़क पर स्थित संजय इलेक्ट्रॉनिक बैट्री की दुकान गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी। बाइक सवार दो अपराधियों ने दुकान को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक 4 राउंड फायरिंग की। उस वक्त दुकान पर रवि नामक युवक बैठा था, जिसकी जान बाल-बाल बच गई। यह घटना तब घटी जब दुकान का मालिक थाने में सुरक्षा की गुहार लगा रहा था, जो शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगाता है।

फायरिंग का खौफनाक मंजर: रवि की आंखों के सामने से गुजरी मौत

दोपहर का वक्त था और बाजार में चहल-पहल थी, तभी अचानक दो बाइक सवार युवक दुकान के सामने रुके।

  • निशाना और हमला: अपराधियों ने सीधे दुकान के भीतर बैठे रवि पर निशाना साधा। गोलियां चलते ही रवि ने काउंटर के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई।

  • खोखों की बरामदगी: सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विनोद तिर्की दल-बल के साथ पहुँचे। पुलिस ने मौके से चार खोखे बरामद किए हैं, जिनमें से एक खोखा दुकान के बिल्कुल अंदर से मिला है, जो हमले की तीव्रता को दर्शाता है।

  • खौफनाक इत्तेफाक: दुकानदार संजय कुमार उस समय थाने में अपराधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा रहे थे, तभी उन्हें अपनी ही दुकान पर फायरिंग की खबर मिली।

विवाद की जड़: एक इनवर्टर और पुरानी रंजिश

दुकानदार संजय कुमार के अनुसार, यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश है।

  1. धमकी भरा फोन: शुक्रवार रात आदित्यपुर-2 निवासी ऋषि ने फोन कर संजय को जान से मारने की धमकी दी थी।

  2. इनवर्टर विवाद: विवाद की शुरुआत 19 दिसंबर को एक इनवर्टर बनाने को लेकर हुई थी। मामूली सी बात ने रंजिश का रूप ले लिया।

  3. बेटे पर हमला: इसी खुन्नस में 9 मार्च को हरिओम नगर में ऋषि, अमन और सानू ने संजय के बेटे पर भी जानलेवा हमला किया था, जिसकी एफआईआर पहले से दर्ज है।

आदित्यपुर का औद्योगिक विकास और बढ़ता 'गैंग कल्चर'

आदित्यपुर का इतिहास एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक हब (Industrial Hub) के रूप में रहा है, लेकिन विकास के साथ-साथ यहाँ अपराध के पैटर्न में भी बदलाव आया है।

  • अपराध का बदलता स्वरूप: 90 के दशक में यहाँ स्क्रैप और सिंडिकेट को लेकर विवाद होते थे, लेकिन अब छोटे-छोटे व्यापारिक लेन-देन और आपसी रंजिश में हथियारों का इस्तेमाल चिंताजनक रूप से बढ़ा है।

  • चूना भट्ठा क्षेत्र का अतीत: चूना भट्ठा और आसपास के इलाके ऐतिहासिक रूप से सरायकेला और जमशेदपुर की सीमा पर होने के कारण अपराधियों के लिए 'सेफ पैसेज' रहे हैं। अतीत में भी यहाँ के व्यापारियों से रंगदारी और डराने-धमकाने के कई मामले सामने आए हैं। संजय इलेक्ट्रॉनिक पर हुई फायरिंग इसी बढ़ते दुस्साहस का परिणाम है, जहाँ अब अपराधी पुलिस के पास जाने पर सीधे हमले का रास्ता चुन रहे हैं।

व्यापारियों में आक्रोश: "अब कहाँ जाएं हम?"

दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग से आदित्यपुर के व्यापारियों में भारी गुस्सा और डर व्याप्त है।

  • सुरक्षा पर सवाल: स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अगर थाने में शिकायत के दौरान ही घर या दुकान पर हमला हो जाए, तो आम आदमी खुद को सुरक्षित कैसे समझेगा?

  • पुलिस का दावा: थाना प्रभारी विनोद तिर्की ने बताया कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही ऋषि और उसके साथियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

आदित्यपुर की यह घटना केवल एक फायरिंग नहीं, बल्कि वर्दी को दी गई सीधी चुनौती है। एक मामूली इनवर्टर विवाद का 'गैंगवार' जैसी शक्ल लेना सामाजिक पतन की ओर इशारा करता है। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है, लेकिन व्यापारियों की दहशत तब तक कम नहीं होगी जब तक कि मुख्य आरोपी पकड़े नहीं जाते।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।