Gumla Murder : गुमला में जूस का लालच देकर 6 साल के मासूम की हत्या, कुएं में फेंकी लाश, आरोपी गिरफ्तार
गुमला के कसीरा गांव में रूह कंपा देने वाली वारदात हुई है। 6 साल के मासूम अनमोल खड़िया को जूस का लालच देकर अगवा किया गया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर लाश कुएं में फेंक दी गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आपसी रंजिश की इस खौफनाक दास्तां की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
गुमला/झारखंड, 14 मार्च 2026 – झारखंड के गुमला जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर किसी भी माता-पिता का कलेजा कांप जाए। सदर थाना क्षेत्र के कसीरा गांव में एक 6 साल के मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मासूम का नाम अनमोल खड़िया था, जिसे महज 'जूस' पिलाने का झांसा देकर मौत के घाट उतार दिया गया। शनिवार को पुलिस ने गांव के ही एक कुएं से अनमोल का शव बरामद किया। इस घटना ने पूरे जिले में आक्रोश और मातम का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया है, लेकिन इस हत्या के पीछे की वजह ने मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
जूस का लालच और मां की बेबसी: खौफनाक वारदात
घटना की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जब अनमोल अपने घर के बाहर खेल रहा था।
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लालच का जाल: मृतक की मां मंझली खड़ियाइन के अनुसार, गांव का ही कुलभूषण महली उनके घर पहुँचा। उसने मासूम अनमोल को अपनी बातों में फंसाया और उसे 'जूस' पिलाने का लालच देकर अपने साथ ले जाने लगा।
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मां का पीछा और छलावा: मां को कुछ अनहोनी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत आरोपी का पीछा किया। लेकिन शातिर कुलभूषण गलियों का फायदा उठाकर मां को चकमा देने में कामयाब रहा और बच्चे को लेकर गायब हो गया।
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कुएं में मिला शव: मां की सूचना पर सदर थाना प्रभारी महेंद्र करमाली की टीम मौके पर पहुँची। पूरी रात चली तलाशी के बाद, शनिवार की सुबह घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक सुनसान कुएं में अनमोल की लाश तैरती हुई मिली।
पुलिस की गिरफ्त में 'कातिल': आपसी रंजिश का एंगल
मृतक के पिता टन टनिया खड़िया की शिकायत पर पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ जारी: पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी कुलभूषण महली से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
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पुरानी रंजिश: प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि यह हत्या किसी पुराने विवाद या आपसी रंजिश का नतीजा है। आरोपी ने अपना गुस्सा निकालने के लिए मासूम बच्चे को मोहरा बनाया।
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फॉरेंसिक साक्ष्य: पुलिस ने कुएं और आसपास के इलाके से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि कोर्ट में आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
गुमला का इतिहास अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ के ग्रामीण इलाकों में आपसी विवादों के हिंसक मोड़ लेने का भी एक काला इतिहास रहा है।
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कमजोर पर प्रहार: ऐतिहासिक रूप से झारखंड के आदिवासी बहुल इलाकों में जमीन या छोटे-मोटे झगड़ों के चलते 'डायन प्रथा' या 'पारिवारिक रंजिश' के नाम पर हत्याएं होती रही हैं।
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बदलता ट्रेंड: हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि आपसी दुश्मनी निकालने के लिए अब मासूम बच्चों को 'सॉफ्ट टारगेट' बनाया जा रहा है। कसीरा गांव की यह घटना 2018 के उस चर्चित मामले की याद दिलाती है जब गुमला में ही एक बच्चे की बलि रंजिश के नाम पर दी गई थी। अनमोल की हत्या यह बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कानूनी डर से ज्यादा व्यक्तिगत प्रतिशोध हावी है।
गांव में भारी तनाव: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अनमोल का शव मिलने के बाद कसीरा गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
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ग्रामीणों का गुस्सा: स्थानीय लोग आरोपी को भीड़ के हवाले करने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया।
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प्रशासनिक भरोसा: थाना प्रभारी महेंद्र करमाली ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि केस को 'फास्ट ट्रैक' पर ले जाया जाएगा।
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शोक की लहर: मासूम अनमोल की मौत से हर आंख नम है। वह गांव के स्कूल में पढ़ता था और सबका चहेता था।
6 साल के मासूम अनमोल की मौत ने एक बार फिर समाज के भीतर छिपे भेड़ियों को बेनकाब किया है। जूस का लालच देकर एक बच्चे की जान लेना जघन्यतम अपराध है। पुलिस ने आरोपी को तो पकड़ लिया है, लेकिन क्या हम अपने बच्चों को ऐसे 'परिचित' दुश्मनों से बचाने के लिए तैयार हैं? गुमला की यह घटना हर माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
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