Holi Milan 2026 : जिला स्कूल बरिडीह बस्ती में रंगों की गूंज! कुरमी समाज का होली मिलन समारोह 2026 बना शहर की शान
क्या जमशेदपुर के जिला स्कूल बरिडीह बस्ती में आयोजित कुरमी समाज होली मिलन समारोह 2026 ने सामाजिक एकता को नई पहचान दी? जानिए कैसे शहर के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में यह आयोजन बना समाज कल्याण का संदेशवाहक।
जमशेदपुर के जिला स्कूल, बरिडीह बस्ती परिसर में पटेल परिवार बरिडीह की ओर से आयोजित कुरमी समाज होली मिलन समारोह 2026 बड़े उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। फागुन की रंगीन शाम में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के जाने-माने और गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।
कार्यक्रम में शहर के प्रमुख कांग्रेस नेता रामाश्रय प्रसाद सहित धर्मेंद्र, बिंदा प्रसाद, अशोक प्रसाद, सुमेश कुमार सिंह (पिंटू भैया), अशोक कुमार, रवि कुमार चौधरी, सरवन कुमार, संतोष कुमार चौधरी, अनिल कुमार, रणबीर कुमार सिन्हा, मिंटू और पंकज कुमार समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हुए। सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर स्नेह और भाईचारे का संदेश दिया।
होली गीतों और लोकगीतों से सजी फागुन की शाम
समारोह की विशेषता यह रही कि शाम के समय होली के पारंपरिक गीतों और लोकगीतों का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। ढोलक और मंजीरे की थाप पर फाग गीतों ने वातावरण को पूरी तरह रंगीन बना दिया। महिलाओं और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरा परिसर रंग और संगीत की उमंग से सराबोर हो गया।
होली का पर्व केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और समाज में एकता स्थापित करने का अवसर है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए कुरमी समाज ने इस मिलन समारोह के माध्यम से समाज कल्याण और पारस्परिक सहयोग को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।
रात्रि भोज और सामाजिक एकजुटता
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अतिथियों के लिए भव्य रात्रि भोज की व्यवस्था की गई थी। पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेते हुए लोगों ने आपसी संवाद और सौहार्द को और मजबूत किया। सामूहिक भोज ने सामाजिक समरसता की भावना को और प्रगाढ़ किया।
एकता का प्रेरणादायक उदाहरण
कुरमी समाज होली मिलन समारोह 2026 ने यह सिद्ध किया कि जब समाज एक मंच पर एकत्र होता है, तो विकास और भाईचारे की राह स्वतः प्रशस्त होती है। जिला स्कूल बरिडीह बस्ती में आयोजित यह आयोजन जमशेदपुर में सामाजिक एकता और सहयोग का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।
फागुन की इस रंगीन शाम ने न केवल लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि मिल-जुलकर रहने और समाज कल्याण के लिए कार्य करने से ही सच्ची प्रगति संभव है।
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