Palamu Lynching: पलामू में 'बैट्री चोरी' की मनगढ़ंत कहानी सुनाकर युवक को मार डाला, लड़की से मिलने आया था पवन, पारसनाथ और पिता ने रची खूनी साजिश
पलामू के कोकरसा गांव में मॉब लिंचिंग का चौंकाने वाला सच सामने आया है। ट्रैक्टर बैट्री चोरी की झूठी अफवाह फैलाकर पवन कुमार की हत्या करने और पुलिस द्वारा दो आरोपियों की गिरफ्तारी की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस केस का सबसे बड़ा राज मिस कर देंगे।
पलामू/पड़वा, 23 फरवरी 2026 – झारखंड के पलामू जिले से 'भीड़ तंत्र' की एक ऐसी बर्बर तस्वीर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार की रात पड़वा थाना क्षेत्र के कोकरसा गांव में जिस युवक को 'बैट्री चोर' बताकर पीट-पीटकर मार डाला गया, वह असल में किसी चोरी के इरादे से नहीं, बल्कि एक प्रेम प्रसंग के चलते वहां पहुँचा था। पुलिसिया जांच में हुए इस खुलासे ने पूरे पलामू में सनसनी फैला दी है। रसूख और सामाजिक लोक-लाज के नाम पर कैसे एक झूठी अफवाह फैलाकर एक मासूम की जान ली गई, यह कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है।
बरामदे में बंधक और फिर मौत का तांडव: क्या हुआ उस रात?
मृतक की पहचान कोकरसा निवासी पवन कुमार (पिता – मनोज राम) के रूप में हुई है।
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झूठी साजिश: पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी पारसनाथ मेहता और उसके पिता बिरेन्द्र महतो ने पवन को अपने घर के बरामदे में पकड़ लिया था।
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बर्बरता की हद: आरोप है कि पवन के हाथ-पैर बांध दिए गए और फिर उसे तब तक पीटा गया जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं।
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भीड़ को उकसाया: पकड़े जाने पर पारसनाथ ने शोर मचाया कि 'चोर' ट्रैक्टर की बैट्री चोरी करने आया है। इस एक अफवाह ने ग्रामीणों को उग्र कर दिया और भीड़ ने भी पवन पर लाठियां बरसाईं।
पुलिस का बड़ा खुलासा: चोरी नहीं, 'लव अफेयर' था मामला
जब पुलिस ने गिरफ्तार पारसनाथ मेहता से कड़ी पूछताछ की, तो उसने जो सच उगला वह किसी को भी हैरान कर सकता है।
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असली वजह: पवन कुमार चोरी करने नहीं, बल्कि गुपचुप तरीके से पारसनाथ के घर की एक लड़की से मिलने आया था।
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साजिश का पर्दाफाश: अपनी सामाजिक बदनामी और सूचना को छिपाने के लिए पारसनाथ ने 'बैट्री चोरी' की मनगढ़ंत कहानी गढ़ी ताकि उसे भीड़ की हिंसा का रूप दिया जा सके।
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हथियार बरामद: पुलिस ने मौके से दो अखैन (लोहे के हुक वाले लंबे बांस के डंडे) और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस खौफनाक वारदात में किया गया था।
पलामू मॉब लिंचिंग केस: मुख्य विवरण (Crime Report)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| मृतक का नाम | पवन कुमार (उम्र: करीब 22-25 वर्ष) |
| गिरफ्तार आरोपी | पारसनाथ मेहता (37) और बिरेन्द्र महतो (60) |
| घटना स्थल | कोकरसा गांव, टोला तेलियाही (पड़वा थाना) |
| हत्या का हथियार | लोहे के हुक वाले बांस के डंडे (अखैन) |
| वजह | झूठी अफवाह (बैट्री चोरी का बहाना) |
दो आरोपी गिरफ्तार: न्यायिक हिरासत में भेजे गए
पलामू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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कड़ी कार्रवाई: पड़वा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और इस हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की पहचान सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर की जा रही है।
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पुलिस की चेतावनी: पलामू एसपी ने सख्त लहजे में कहा है कि भीड़ हिंसा एक गंभीर अपराध है। किसी भी अफवाह के आधार पर कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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इंसानियत की अपील: पुलिस ने अपील की है कि एक छोटी सी अफवाह किसी परिवार का चिराग बुझा सकती है, इसलिए संदिग्ध दिखने पर कानून का सहारा लें, हिंसा का नहीं।
अफवाहों की बलि चढ़ी एक और जान
पवन कुमार की मौत ने पलामू की कानून व्यवस्था पर नहीं, बल्कि समाज की मानसिकता पर सवाल खड़ा कर दिया है। क्या किसी प्रेम प्रसंग की सजा मौत है? या बैट्री चोरी के संदेह में किसी को मार डालना जायज है? यह सवाल अब पलामू की हवाओं में तैर रहा है।
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