Parsudih Action: बुलडोजर चला, करनडीह से खासमहाल तक अवैध दुकानें ध्वस्त, राष्ट्रपति के आगमन से पहले प्रशासन का रौद्र रूप जमशेदपुर
जमशेदपुर के परसुडीह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे से पहले प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर करनडीह और खासमहाल मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर दिया है। माइक से चेतावनी के बाद हुई इस बड़ी कार्रवाई और दोबारा कब्जा करने पर जेल भेजने की सख्त चेतावनी की पूरी हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप भी इस बदले हुए रूट की स्थिति से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 22 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर के परसुडीह इलाके में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला प्रशासन का पीला पंजा (बुलडोजर) गरजते हुए सड़कों पर उतरा। करनडीह चौक से लेकर खासमहाल के प्रसाद होटल तक, सड़क के दोनों ओर फैला अवैध अतिक्रमण ताश के पत्तों की तरह ढह गया। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) धालभूम के निर्देश पर जमशेदपुर प्रखंड के अंचल अधिकारी ने भारी पुलिस बल और दंडाधिकारियों की मौजूदगी में इस अभियान को अंजाम दिया। यह कार्रवाई केवल सड़क चौड़ी करने के लिए नहीं है, बल्कि देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर की जा रही सुरक्षा तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इतिहास: परसुडीह और करनडीह मार्ग का रणनीतिक महत्व
परसुडीह और करनडीह का इलाका ऐतिहासिक रूप से जमशेदपुर को ग्रामीण क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाला मुख्य द्वार रहा है। 1907 में जब टाटा स्टील की स्थापना हुई थी, तब से ही यह मार्ग रसद और श्रमिकों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण रहा। यहाँ स्थित सदर अस्पताल और प्रखंड कार्यालय के कारण इस सड़क पर हमेशा दबाव रहता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में फुटपाथ पर बढ़ती अस्थायी दुकानों ने इस वीआईपी रूट को 'बॉटलनेक' बना दिया था। प्रशासन ने पहले भी यहाँ कार्रवाई की थी, लेकिन अतिक्रमणकारियों के दुस्साहस के कारण यह रास्ता फिर से संकुचित हो गया था। अब राष्ट्रपति के दौरे ने इस मार्ग की सूरत बदलने के लिए निर्णायक अवसर प्रदान किया है।
माइक से चेतावनी और फिर बुलडोजर का प्रहार
प्रशासन ने इस बार पूरी तैयारी के साथ 'विधिसम्मत' कार्रवाई की।
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अंतिम चेतावनी: सोमवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में माइक के जरिए घोषणा कराई जा रही थी कि लोग अपना सामान खुद हटा लें।
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दंडाधिकारी की तैनाती: अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की मौजूदगी में जैसे ही समय सीमा समाप्त हुई, बुलडोजर ने अवैध ढांचों को गिराना शुरू कर दिया।
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कब्जे का दायरा: करनडीह चौक, प्रखंड कार्यालय, परसुडीह थाना और सदर अस्पताल के सामने फुटपाथ को घेरकर बनाई गई दर्जन भर दुकानों और छज्जों को मलबे में तब्दील कर दिया गया।
राष्ट्रपति का दौरा: सुरक्षा और यातायात सबसे ऊपर
आगामी 29 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जमशेदपुर आगमन प्रस्तावित है। प्रोटोकॉल के अनुसार, राष्ट्रपति का काफिला जिन रास्तों से गुजरता है, वहां सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में 1% की भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाती।
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स्मूथ ट्रैफिक: सदर अस्पताल और थाना मोड़ पर अक्सर लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए फुटपाथ को पूरी तरह खाली कराया गया है।
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सुरक्षा घेरा: सड़क किनारे के अवैध निर्माण सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरे हो सकते हैं, इसलिए प्रशासन ने 'क्लीन स्वीप' की नीति अपनाई है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान की मुख्य बातें (Action Report)
| विवरण | जानकारी |
| प्रभावित क्षेत्र | करनडीह चौक से प्रसाद होटल (खासमहाल) |
| मुख्य कारण | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रस्तावित दौरा (29 Dec) |
| कार्रवाई का प्रकार | बुलडोजर द्वारा अवैध ढांचे ध्वस्त |
| निगरानी | अंचल अधिकारी एवं दंडाधिकारी |
| चेतावनी | दोबारा कब्जा करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई |
दोबारा कब्जा किया तो खैर नहीं: प्रशासन की हुंकार
अंचल अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कोई एक दिन का तमाशा नहीं है। प्रशासन के पास रिकॉर्ड है कि कुछ महीनों पहले भी यहाँ से अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन दुकानदारों ने फिर से कब्जा कर लिया। इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि 29 दिसंबर के बाद भी किसी ने दोबारा सड़क घेरी, तो उन पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
शहर की बदली हुई सूरत
परसुडीह की सड़कें अब पहले से कहीं अधिक चौड़ी और साफ नजर आ रही हैं। प्रशासन की इस तत्परता ने आम राहगीरों को राहत दी है, लेकिन उन दुकानदारों के लिए यह एक कड़ा सबक है जो सरकारी जमीन को अपनी जागीर समझ बैठे थे। राष्ट्रपति के दौरे के बहाने ही सही, परसुडीह को जाम के झाम से मुक्ति मिलती दिख रही है।
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