Bullet Crackdown: शहर में पटाखों वाली बाइकों पर पुलिस का कड़ा प्रहार, 42 बुलेट से वसूला 2.10 लाख जुर्माना
शहर में तेज आवाज और मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट चलाने वालों की अब खैर नहीं है। ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 42 बुलेट पकड़ीं और 2 लाख 10 हजार रुपये का भारी जुर्माना वसूला है। पुलिस ने मौके पर ही अवैध साइलेंसर जब्त कर उन्हें नष्ट करने की तैयारी कर ली है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 13 मार्च 2026 – अगर आप भी अपनी बुलेट में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर सड़कों पर 'पटाखे' फोड़ते हैं, तो सावधान हो जाइए। शहर की ट्रैफिक पुलिस अब आपके शौक पर भारी पड़ने वाली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडे और सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के कड़े निर्देश पर शहर में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाली बाइकों के खिलाफ एक बड़ा 'क्लीन-अप' ऑपरेशन शुरू किया गया है। पिछले 48 घंटों के भीतर पुलिस ने 42 बुलेट को जब्त कर उनके मालिकों की जेब ढीली कर दी है। इस कार्रवाई से न केवल स्टंटबाजों में हड़कंप है, बल्कि मॉडिफिकेशन करने वाली दुकानों पर भी पुलिस की नजर है।
सड़कों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': 2 लाख से ज्यादा का जुर्माना
ट्रैफिक पुलिस को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ युवक बुलेट में नियमों के विरुद्ध साइलेंसर लगवाकर रात-दिन शोर मचाते हैं।
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विशेष चेकिंग: गुरुवार और शुक्रवार को शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर घेराबंदी की गई।
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भारी भरकम चालान: जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 42 बुलेट को पकड़ा गया। इन वाहन चालकों से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
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ऑन-द-स्पॉट जब्ती: पुलिस ने केवल चालान ही नहीं काटा, बल्कि मैकेनिक बुलाकर उन अवैध साइलेंसरों को मौके पर ही निकलवाकर जब्त कर लिया।
बुजुर्गों और मरीजों के लिए आफत है 'पटाखा' साइलेंसर
यातायात डीएसपी नीरज पाठक ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली अचानक और तेज आवाज सड़क पर चलने वाले दूसरे चालकों का ध्यान भटका देती है।
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दुर्घटना का खतरा: अचानक तेज आवाज से पीछे चल रहे दुपहिया चालक घबराकर गिर सकते हैं, जिससे जानलेवा दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
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स्वास्थ्य पर असर: यह शोर हृदय रोगियों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक है। कई बार साइलेंसर की आवाज से लोगों के कानों के पर्दे तक प्रभावित होते हैं।
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नष्ट होंगे साइलेंसर: जब्त किए गए सभी अवैध साइलेंसरों को अब रोड रोलर के नीचे रखकर नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बुलेट की 'थंप' और मॉडिफिकेशन का बढ़ता क्रेज
रॉयल एनफील्ड यानी बुलेट का इतिहास हमेशा से उसकी खास 'धमक' (Thump) के लिए जाना जाता रहा है।
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बदलता दौर: पुराने समय की बुलेट में इंजन की बनावट ऐसी थी कि आवाज भारी होती थी, लेकिन वह प्रदूषण के मानकों के भीतर थी।
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अवैध बाजार: पिछले एक दशक में स्थानीय बाजारों में 'शार्क', 'डॉल्फिन' और 'पटाखा' जैसे अवैध साइलेंसरों की बाढ़ आ गई है। युवा अपनी बाइक को दूसरों से अलग दिखाने की होड़ में इन्हें लगवाते हैं। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में, जहाँ ट्रैफिक का दबाव अधिक है, यह 'ध्वनि प्रदूषण' एक सामाजिक समस्या बन गया है। पुलिस का यह अभियान इसी पुरानी होती जा रही अराजकता को खत्म करने की एक कोशिश है।
अभियान रहेगा जारी: पुलिस की अंतिम चेतावनी
ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई महज दो दिनों के लिए नहीं है।
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लगातार होगी चेकिंग: शहर के व्यस्त इलाकों जैसे साकची, बिष्टुपुर और टेल्को में रैंडम चेकिंग जारी रहेगी।
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कागजात की जांच: साइलेंसर के साथ-साथ वाहनों के इंश्योरेंस, प्रदूषण सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस की भी गहनता से जांच की जा रही है।
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अपील: पुलिस ने वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि वे अपनी बाइकों में किसी भी प्रकार का अवैध मैकेनिकल बदलाव न कराएं, अन्यथा वाहन को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
ट्रैफिक पुलिस का यह सख्त रुख शहर को शांत और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 2 लाख से ज्यादा का जुर्माना यह बताने के लिए काफी है कि अब सड़कों पर शोर मचाना बहुत महंगा पड़ने वाला है। अगर आप भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, तो अगला नंबर आपकी बुलेट का हो सकता है।
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