Jharkhand Weather : कांपेगा झारखंड, पारा गिरकर 7 डिग्री पर पहुँचा, 15 जिलों में घने कोहरे का खौफनाक ऑरेंज अलर्ट पार
झारखंड में अगले 72 घंटों के भीतर कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर टूटने वाला है जहाँ पारा 3 डिग्री तक और लुढ़क सकता है। गढ़वा से चाईबासा तक बिछी कोहरे की सफेद चादर और मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ऑरेंज अलर्ट की पूरी गंभीर चेतावनी यहाँ दी गई है वरना आप भी इस जानलेवा कनकनी के लिए तैयार नहीं हो पाएंगे।
रांची/चाईबासा, 22 दिसंबर 2025 – झारखंड में कुदरत का मिजाज अब बेहद सख्त होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक अगले कुछ दिनों में समूचा प्रदेश 'डीप फ्रीज' मोड में जाने वाला है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में कनकनी बढ़ा दी है और आने वाले 48 से 72 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के दोहरे प्रहार ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
इतिहास: झारखंड की 'कोल्ड वेव' और दिसंबर का रिकॉर्ड
ऐतिहासिक रूप से झारखंड का छोटानागपुर पठार अपनी ठंडी रातों के लिए जाना जाता है। 1970 और 80 के दशक में रांची और हजारीबाग जैसे शहरों को 'हिल स्टेशन' का दर्जा दिया जाता था क्योंकि यहाँ पारा अक्सर 5 डिग्री के नीचे चला जाता था। साल 2010 और 2018 में झारखंड ने दिसंबर के अंत में ऐतिहासिक शीतलहर का सामना किया था। मौजूदा हालात कुछ वैसे ही नजर आ रहे हैं। पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जैसे जिलों में दृश्यता (Visibility) का 25 मीटर से कम होना इस बात का संकेत है कि इस बार ठंड अपने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ने की दहलीज पर खड़ी है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट: इन जिलों पर मंडरा रहा खतरा
मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों को खतरे के स्तर के हिसाब से बांटा है:
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ऑरेंज अलर्ट (भारी खतरा): गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के लिए 'घने से बहुत घने कोहरे' का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चतरा और हजारीबाग में भी स्थिति गंभीर रहेगी।
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येलो अलर्ट (सतर्क रहें): चतरा और लोहरदगा में शीतलहर (Cold Wave) को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
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कोहरे की चादर: रांची, खूंटी, गुमला, बोकारो, धनबाद और जामताड़ा सहित करीब 15 जिलों में सुबह के वक्त विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रहने की संभावना है।
चाईबासा में 'जीरो विजिबिलिटी' का कहर
पश्चिमी सिंहभूम जिले में सोमवार सुबह पारा गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। यह जिले में इस सीजन का सबसे कम तापमान है।
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धुंध का साम्राज्य: रविवार को विजिबिलिटी गिरकर 25 मीटर रह गई थी, जिससे एनएच पर चलने वाले वाहनों को दिन में भी हेडलाइट्स जलानी पड़ी।
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धूप से दूरी: पिछले तीन दिनों से सूरज और बादलों की लुकाछिपी जारी है। धूप न निकलने के कारण दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना हुआ है।
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अलाव का सहारा: शहर के चौक-चौराहों और ग्रामीण इलाकों में लोग सुबह-शाम आग जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने भी सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
अगले 72 घंटों का वेदर चार्ट (Temperature Forecast)
| जिला | अलर्ट का प्रकार | न्यूनतम तापमान (संभावित) | स्थिति |
| गढ़वा-पलामू | ऑरेंज अलर्ट | 6°C - 8°C | घना कोहरा |
| रांची-खूंटी | शीतलहर जारी | 7°C - 9°C | कनकनी अधिक |
| चाईबासा | शीत लहर | 7°C | धुंध की चादर |
| धनबाद-बोकारो | येलो अलर्ट | 9°C - 11°C | मध्यम कोहरा |
विशेषज्ञों की राय: डॉ. अभिषेक आनंद का विश्लेषण
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप-निदेशक डॉ. अभिषेक आनंद के अनुसार, अगले 72 घंटों तक तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके तुरंत बाद पारा तेजी से नीचे गिरेगा। उत्तर और मध्य झारखंड के जिलों में नमी और हवा के रुख के कारण 'फ्रॉस्ट' (पाला) गिरने की भी संभावना है, जो फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
सुरक्षा सलाह: लापरवाही पड़ सकती है भारी
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कनकनी से बचने के लिए कुछ जरूरी सलाह दी है:
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ड्राइविंग: सुबह के समय हेडलाइट जलाकर धीमी गति से वाहन चलाएं।
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पहनावा: बाहर निकलते समय बहुपरतीय (Multi-layered) ऊनी कपड़े पहनें।
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खान-पान: ठंड में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
झारखंड में 'कुल्फी' जमाने वाली ठंड
दिसंबर का अंतिम पखवाड़ा झारखंड के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। शीतलहर और कोहरे का यह घातक कॉम्बिनेशन रेल और सड़क यातायात को और अधिक प्रभावित कर सकता है। प्रशासन को अब रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था में और तेजी लानी होगी ताकि खुले आसमान के नीचे सोने वाले लोगों को इस बर्फीली आफत से बचाया जा सके।
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